CGST Act 22अध्याय VI · Registration
धारा 22 · पंजीकरण के लिए उत्तरदायी व्यक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक आपूर्तिकर्ता इस अधिनियम के अंतर्गत उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश (विशेष श्रेणी राज्यों को छोड़कर) में पंजीकृत होने के लिए उत्तरदायी होगा, जहाँ से वह वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की कर योग्य आपूर्ति करता है, यदि किसी वित्तीय वर्ष में उसका कुल कारोबार बीस लाख रुपये से अधिक हो:
बशर्ते कि यदि ऐसा व्यक्ति किसी विशेष श्रेणी के राज्यों से वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की कर योग्य आपूर्ति करता है, तो उसे पंजीकृत होना पड़ेगा यदि किसी वित्तीय वर्ष में उसका कुल कारोबार दस लाख रुपये से अधिक हो जाता है।
1. इसके अलावा, सरकार किसी विशेष श्रेणी के राज्य के अनुरोध पर और परिषद की अनुशंसाओं पर, प्रथम परंतुक में निर्दिष्ट कुल कारोबार को दस लाख रुपये से बढ़ाकर बीस लाख रुपये से अधिक न होने वाली ऐसी राशि तक कर सकती है, तथा ऐसी शर्तों और सीमाओं के अधीन रहते हुए, जैसा कि अधिसूचित किया जाए।
2. इसके अलावा, सरकार किसी राज्य के अनुरोध पर और परिषद की सिफारिशों पर, माल की आपूर्ति में विशेष रूप से लगे आपूर्तिकर्ता के मामले में कुल कारोबार को बीस लाख रुपये से बढ़ाकर चालीस लाख रुपये से अधिक नहीं कर सकती है, ऐसी शर्तों और सीमाओं के अधीन रहते हुए, जैसा कि अधिसूचित किया जा सकता है।
स्पष्टीकरण .--इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, किसी व्यक्ति को माल की आपूर्ति में ही लगा हुआ माना जाएगा, भले ही वह जमा, ऋण या अग्रिम देने के रूप में प्रदान की जाने वाली छूट प्राप्त सेवाओं की आपूर्ति में लगा हो, जहाँ तक प्रतिफल ब्याज या छूट के रूप में दिया जाता है।]
(2) प्रत्येक व्यक्ति जो नियुक्त दिन से ठीक पहले वाले दिन किसी मौजूदा कानून के तहत पंजीकृत है या लाइसेंस रखता है, नियुक्त दिन से इस अधिनियम के तहत पंजीकृत होने के लिए उत्तरदायी होगा।
(3) जहां इस अधिनियम के तहत पंजीकृत कर योग्य व्यक्ति द्वारा चलाया जाने वाला कोई व्यवसाय उत्तराधिकार या किसी अन्य कारण से किसी अन्य व्यक्ति को चालू व्यवसाय के रूप में हस्तांतरित किया जाता है, तो हस्तांतरिती या उत्तराधिकारी, जैसा भी मामला हो, ऐसे हस्तांतरण या उत्तराधिकार की तारीख से पंजीकरण के लिए उत्तरदायी होगा।
(4) उपधारा ( 1 ) और ( 3 ) में किसी बात के होते हुए भी, उच्च न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्यथा के आदेश के अनुसार दो या दो से अधिक कंपनियों के विलय या विभाजन के लिए किसी योजना या व्यवस्था की स्वीकृति के तहत हस्तांतरण के मामले में, हस्तांतरिती उस तिथि से पंजीकृत होने के लिए उत्तरदायी होगा जिस तिथि से कंपनी रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय या न्यायाधिकरण के ऐसे आदेश को प्रभावी करते हुए निगमन का प्रमाण पत्र जारी करता है।
स्पष्टीकरण .--इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए,--
(i) "कुल कारोबार" अभिव्यक्ति में कर योग्य व्यक्ति द्वारा की गई सभी आपूर्तियाँ शामिल होंगी, चाहे वह अपने खाते पर की गई हों या अपने सभी मुख्य आपूर्तिकर्ताओं की ओर से की गई हों;
(ii) पंजीकृत जॉब वर्कर द्वारा जॉब वर्क पूरा होने के बाद माल की आपूर्ति को धारा 143 में निर्दिष्ट प्रिंसिपल द्वारा माल की आपूर्ति माना जाएगा और ऐसे माल का मूल्य पंजीकृत जॉब वर्कर के कुल कारोबार में शामिल नहीं किया जाएगा;
(iii) अभिव्यक्ति "विशेष श्रेणी राज्य" से तात्पर्य संविधान के अनुच्छेद 279ए के खंड ( 4 ) के उपखंड ( जी ) में निर्दिष्ट राज्यों से होगा 3 [जम्मू और कश्मीर राज्य को छोड़कर*] 4 [और अरुणाचल प्रदेश, असम, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, सिक्किम और उत्तराखंड राज्य]।
बशर्ते कि यदि ऐसा व्यक्ति किसी विशेष श्रेणी के राज्यों से वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की कर योग्य आपूर्ति करता है, तो उसे पंजीकृत होना पड़ेगा यदि किसी वित्तीय वर्ष में उसका कुल कारोबार दस लाख रुपये से अधिक हो जाता है।
1. इसके अलावा, सरकार किसी विशेष श्रेणी के राज्य के अनुरोध पर और परिषद की अनुशंसाओं पर, प्रथम परंतुक में निर्दिष्ट कुल कारोबार को दस लाख रुपये से बढ़ाकर बीस लाख रुपये से अधिक न होने वाली ऐसी राशि तक कर सकती है, तथा ऐसी शर्तों और सीमाओं के अधीन रहते हुए, जैसा कि अधिसूचित किया जाए।
2. इसके अलावा, सरकार किसी राज्य के अनुरोध पर और परिषद की सिफारिशों पर, माल की आपूर्ति में विशेष रूप से लगे आपूर्तिकर्ता के मामले में कुल कारोबार को बीस लाख रुपये से बढ़ाकर चालीस लाख रुपये से अधिक नहीं कर सकती है, ऐसी शर्तों और सीमाओं के अधीन रहते हुए, जैसा कि अधिसूचित किया जा सकता है।
स्पष्टीकरण .--इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, किसी व्यक्ति को माल की आपूर्ति में ही लगा हुआ माना जाएगा, भले ही वह जमा, ऋण या अग्रिम देने के रूप में प्रदान की जाने वाली छूट प्राप्त सेवाओं की आपूर्ति में लगा हो, जहाँ तक प्रतिफल ब्याज या छूट के रूप में दिया जाता है।]
(2) प्रत्येक व्यक्ति जो नियुक्त दिन से ठीक पहले वाले दिन किसी मौजूदा कानून के तहत पंजीकृत है या लाइसेंस रखता है, नियुक्त दिन से इस अधिनियम के तहत पंजीकृत होने के लिए उत्तरदायी होगा।
(3) जहां इस अधिनियम के तहत पंजीकृत कर योग्य व्यक्ति द्वारा चलाया जाने वाला कोई व्यवसाय उत्तराधिकार या किसी अन्य कारण से किसी अन्य व्यक्ति को चालू व्यवसाय के रूप में हस्तांतरित किया जाता है, तो हस्तांतरिती या उत्तराधिकारी, जैसा भी मामला हो, ऐसे हस्तांतरण या उत्तराधिकार की तारीख से पंजीकरण के लिए उत्तरदायी होगा।
(4) उपधारा ( 1 ) और ( 3 ) में किसी बात के होते हुए भी, उच्च न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्यथा के आदेश के अनुसार दो या दो से अधिक कंपनियों के विलय या विभाजन के लिए किसी योजना या व्यवस्था की स्वीकृति के तहत हस्तांतरण के मामले में, हस्तांतरिती उस तिथि से पंजीकृत होने के लिए उत्तरदायी होगा जिस तिथि से कंपनी रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय या न्यायाधिकरण के ऐसे आदेश को प्रभावी करते हुए निगमन का प्रमाण पत्र जारी करता है।
स्पष्टीकरण .--इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए,--
(i) "कुल कारोबार" अभिव्यक्ति में कर योग्य व्यक्ति द्वारा की गई सभी आपूर्तियाँ शामिल होंगी, चाहे वह अपने खाते पर की गई हों या अपने सभी मुख्य आपूर्तिकर्ताओं की ओर से की गई हों;
(ii) पंजीकृत जॉब वर्कर द्वारा जॉब वर्क पूरा होने के बाद माल की आपूर्ति को धारा 143 में निर्दिष्ट प्रिंसिपल द्वारा माल की आपूर्ति माना जाएगा और ऐसे माल का मूल्य पंजीकृत जॉब वर्कर के कुल कारोबार में शामिल नहीं किया जाएगा;
(iii) अभिव्यक्ति "विशेष श्रेणी राज्य" से तात्पर्य संविधान के अनुच्छेद 279ए के खंड ( 4 ) के उपखंड ( जी ) में निर्दिष्ट राज्यों से होगा 3 [जम्मू और कश्मीर राज्य को छोड़कर*] 4 [और अरुणाचल प्रदेश, असम, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, सिक्किम और उत्तराखंड राज्य]।
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