CGST Act 129अध्याय XIX · Offences and Penalitis
धारा 129 · पारगमन में माल और वाहनों की हिरासत, ज़ब्ती और रिहाई।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, यदि कोई व्यक्ति इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए किसी माल का परिवहन करता है या पारगमन के दौरान किसी माल का भंडारण करता है, तो ऐसे सभी माल और उक्त माल को ले जाने के लिए परिवहन के साधन के रूप में प्रयुक्त वाहन तथा ऐसे माल और वाहन से संबंधित दस्तावेज निरोध या जब्ती के लिए उत्तरदायी होंगे और निरोध या जब्ती के बाद उन्हें मुक्त कर दिया जाएगा,---
1 [(क) ऐसे माल पर देय कर के दो सौ प्रतिशत के बराबर जुर्माना अदा करने पर और छूट प्राप्त माल के मामले में, माल के मूल्य के दो प्रतिशत या पच्चीस हजार रुपये, जो भी कम हो, के बराबर राशि का भुगतान करने पर, जहां माल का स्वामी ऐसे जुर्माने के भुगतान के लिए आगे आता है;
(ख) माल के मूल्य के पचास प्रतिशत या उस पर देय कर के दो सौ प्रतिशत, जो भी अधिक हो, के बराबर जुर्माना अदा करने पर, और छूट प्राप्त माल के मामले में, माल के मूल्य के पांच प्रतिशत या पच्चीस हजार रुपये, जो भी कम हो, के बराबर राशि का भुगतान करने पर, यदि माल का स्वामी ऐसे जुर्माने का भुगतान करने के लिए आगे नहीं आता है;]
(ग) खंड (क) या खंड (ख) के तहत देय राशि के समतुल्य प्रतिभूति को ऐसे प्रपत्र और तरीके से प्रस्तुत करने पर जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि माल परिवहन करने वाले व्यक्ति को निरोध या जब्ती का आदेश दिए बिना ऐसे किसी भी माल या वाहन को निरोध या जब्त नहीं किया जाएगा।
2 * * * * *
3 [(3) माल या वाहन को हिरासत में लेने या जब्त करने वाला उचित अधिकारी ऐसी हिरासत या जब्ती के सात दिनों के भीतर एक नोटिस जारी करेगा, जिसमें देय दंड निर्दिष्ट होगा, और उसके बाद, ऐसे नोटिस की तामील की तारीख से सात दिनों की अवधि के भीतर उप-धारा (1) के खंड (क) या खंड (ख) के तहत दंड के भुगतान के लिए एक आदेश पारित करेगा।]
(4) 4 [कोई दंड] उपधारा (3) के तहत संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए बिना निर्धारित नहीं किया जाएगा।
(5) उपधारा (1) में निर्दिष्ट राशि के भुगतान पर, उपधारा (3) में निर्दिष्ट नोटिस के संबंध में सभी कार्यवाही समाप्त मानी जाएगी।
5 [(6) यदि किसी माल का परिवहन करने वाला व्यक्ति या ऐसे माल का स्वामी उपधारा (3) के तहत पारित आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से पंद्रह दिनों के भीतर उपधारा (1) के तहत जुर्माने की राशि का भुगतान करने में विफल रहता है, तो इस प्रकार रोके गए या जब्त किए गए माल या वाहन को उपधारा ( 3 ) के तहत देय जुर्माने की वसूली के लिए निर्धारित तरीके से और निर्धारित समय के भीतर बेचा या अन्यथा निपटाया जा सकता है:
बशर्ते कि परिवहनकर्ता द्वारा उपधारा (3) के तहत जुर्माना या एक लाख रुपये, जो भी कम हो, का भुगतान करने पर वाहन को मुक्त कर दिया जाएगा:
इसके अलावा, यदि जब्त या रोकी गई वस्तुएं नाशवान या खतरनाक प्रकृति की हों या समय बीतने के साथ उनके मूल्य में कमी आने की संभावना हो, तो उक्त पंद्रह दिनों की अवधि को उचित अधिकारी द्वारा कम किया जा सकता है।
1 [(क) ऐसे माल पर देय कर के दो सौ प्रतिशत के बराबर जुर्माना अदा करने पर और छूट प्राप्त माल के मामले में, माल के मूल्य के दो प्रतिशत या पच्चीस हजार रुपये, जो भी कम हो, के बराबर राशि का भुगतान करने पर, जहां माल का स्वामी ऐसे जुर्माने के भुगतान के लिए आगे आता है;
(ख) माल के मूल्य के पचास प्रतिशत या उस पर देय कर के दो सौ प्रतिशत, जो भी अधिक हो, के बराबर जुर्माना अदा करने पर, और छूट प्राप्त माल के मामले में, माल के मूल्य के पांच प्रतिशत या पच्चीस हजार रुपये, जो भी कम हो, के बराबर राशि का भुगतान करने पर, यदि माल का स्वामी ऐसे जुर्माने का भुगतान करने के लिए आगे नहीं आता है;]
(ग) खंड (क) या खंड (ख) के तहत देय राशि के समतुल्य प्रतिभूति को ऐसे प्रपत्र और तरीके से प्रस्तुत करने पर जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि माल परिवहन करने वाले व्यक्ति को निरोध या जब्ती का आदेश दिए बिना ऐसे किसी भी माल या वाहन को निरोध या जब्त नहीं किया जाएगा।
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3 [(3) माल या वाहन को हिरासत में लेने या जब्त करने वाला उचित अधिकारी ऐसी हिरासत या जब्ती के सात दिनों के भीतर एक नोटिस जारी करेगा, जिसमें देय दंड निर्दिष्ट होगा, और उसके बाद, ऐसे नोटिस की तामील की तारीख से सात दिनों की अवधि के भीतर उप-धारा (1) के खंड (क) या खंड (ख) के तहत दंड के भुगतान के लिए एक आदेश पारित करेगा।]
(4) 4 [कोई दंड] उपधारा (3) के तहत संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए बिना निर्धारित नहीं किया जाएगा।
(5) उपधारा (1) में निर्दिष्ट राशि के भुगतान पर, उपधारा (3) में निर्दिष्ट नोटिस के संबंध में सभी कार्यवाही समाप्त मानी जाएगी।
5 [(6) यदि किसी माल का परिवहन करने वाला व्यक्ति या ऐसे माल का स्वामी उपधारा (3) के तहत पारित आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से पंद्रह दिनों के भीतर उपधारा (1) के तहत जुर्माने की राशि का भुगतान करने में विफल रहता है, तो इस प्रकार रोके गए या जब्त किए गए माल या वाहन को उपधारा ( 3 ) के तहत देय जुर्माने की वसूली के लिए निर्धारित तरीके से और निर्धारित समय के भीतर बेचा या अन्यथा निपटाया जा सकता है:
बशर्ते कि परिवहनकर्ता द्वारा उपधारा (3) के तहत जुर्माना या एक लाख रुपये, जो भी कम हो, का भुगतान करने पर वाहन को मुक्त कर दिया जाएगा:
इसके अलावा, यदि जब्त या रोकी गई वस्तुएं नाशवान या खतरनाक प्रकृति की हों या समय बीतने के साथ उनके मूल्य में कमी आने की संभावना हो, तो उक्त पंद्रह दिनों की अवधि को उचित अधिकारी द्वारा कम किया जा सकता है।
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