UP Police Regs 456अध्याय 30 · Promotions
धारा 456 · पैरा-445. आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों की उप-निरीक्षक सिविल पुलिस पर पदोन्नति की शर्तें तथा प्रक्रिया
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(क) कोई ऐसा कान्सटेबिल या हेड कान्सटेबिल जिसकी आयु 40 वर्ष से अधिक हो और जिसकी सेवा तीन वर्ष से कम हो, उप-निरीक्षक सिविल पुलिस की कोटि में पदोन्नति हेतु चयन के लिये नामित नहीं किया जायेगा। यह आयु सीमा जिस वर्ष में चयन होगा उसकी पहली जनवरी को अनुमन्य होगी।
कान्सटेबिल के लिये जो विभाग में तीन वर्ष की सेवा कर चुके हैं, शैक्षिक योग्यता इण्टरमीडिएट तथा समकक्ष होनी चाहिये अथवा हेड कान्सटेबिल सिविल पुलिस कोर्स पास होना चाहिये। हेड कान्सटेबिल सिविल पुलिस कोर्स पास कान्सटेबिल के लिये शैक्षिक योग्यता का कोई प्रतिबंध नहीं होगा, साथ ही हेड कान्सटेबिल के लिये भी शैक्षिक योग्यता का प्रतिबंध नहीं होगा।
नोट - शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल से इण्टरमीडिएट करने के आदेश केवल उन अभ्यर्थियों पर लागू होंगे जो शासनादेश के जारी होने के पश्चात् पुलिस विभाग में आते हैं।।
(क) पुलिस ट्रेनिंग कालेज, मुरादाबाद में उप-निरीक्षक सिविल पुलिस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये कान्सटेबिलों और हेड कान्सटेबिलों का चयन करने की प्रक्रिया निम्न होगी :-
(1) प्रत्येक वर्ष जनवरी में एक नोटिस जारी की जानी चाहिये जिसमें (चयन की) पात्रता के नियम दिये गये हों और पात्र उम्मीदवारों को आमंत्रित किया गया हो कि यदि वे चाहते हों कि चयन के लिये उनका विचार किया जाये तो वे उसके लिये आवेदन करें, इस नोटिस का व्यापक विचार किया जाना चाहिये और उन लोगों के पास भी भेजी जाय जो प्रतिनियुक्ति, अवकाश आदि पर गये हों, यह सुनिश्चित करना जिला पुलिस अधीक्षक/यूनिटों के प्रभारियों का कर्तव्य होगा कि नोटिस की सूचना उन सभी स्थानों को भेजी जाय जहां उनके आदमी उस समय कार्य कर रहे हों। आवेदन-पत्र प्रस्तुत करने के लिये 6 सप्ताह का समय दिया जाना चाहिये। इस प्रकार प्राप्त आवेदनों की पुलिस अधीक्षक/यूनिट प्रभारियों के कार्यालय में उनकी छँटाई के लिये परिनिरीक्षा करनी चाहिये जो निर्धारित नियमावली के अधीन चयन के पात्र नहीं हैं।
(2) तत्पश्चात् उन सभी पात्र उम्मीदवारों का जो विचार किये जाने के लिये रहें, निम्न रीति से प्रारंभिक परीक्षण किया जाना चाहिये :
(क) 50 अंकों का एक प्रश्न-पत्र जिसके तीन भाग होंगे, केन्द्रीय रूप से तैयार किया जायेगा-तीन प्रश्न विधिक, तीन पुलिस संबंधी प्रक्रिया और तीन निबंध सामान्य ज्ञान के होंगे। निबंध लेखन संबंधी प्रश्न अनिवार्य होना चाहिये और प्रत्येक उम्मीदवार को प्रश्न-पत्र के दो भागों में से किन्हीं दो प्रश्नों का व तीसरे भाग से एक प्रश्न का उत्तर देना चाहिये अर्थात् प्रत्येक उम्मीदवार को प्रश्न-पत्र में से कुल 5 प्रश्नों का उत्तर देना चाहिये। अनिवार्य प्रश्न 10 अंकों का और शेष प्रश्नों में प्रत्येक आठ-आठ अंकों के होने चाहिये।
(ख) प्रारम्भिक परीक्षायें सभी जिलों में एक निश्चित दिनांक को पुलिस मुख्यालय द्वारा किये गये प्रबंध के अधीन होना चाहिये। उत्तर पुस्तिकायें संबंधित पुलिस उप-महा-निरीक्षक को भेजी जानी चाहिये, जो उनकी जाँच तीन पुलिस अधीक्षकों के एक मंडल (बोर्ड) द्वारा करायेंगे। अर्हता प्राप्त करने का स्तर अधिकतम अंकों को 50 प्रतिशत नियत किया जाना चाहिये।
(ग) एक मण्डल को, जिसमें रेंज पुलिस उप-महानिरीक्षकों, रेंज पुलिस उप-महानिरीक्षक द्वारा नामित पी०ए०सी० का एक कमांडेंट तथा संबंधित स्थानीय पुलिस अधीक्षक होंगे। तत्पश्चात् प्रत्येक जिले का दौरा करना चाहिये और उन सभी पात्र उम्मीदवारों को चरित्र पंजियों की सावधानी से परिनिरीक्षा करनी चाहिये जिन्होंने लिखित परीक्षा में अर्हता प्राप्त की हो। शारीरिक दृष्टि से अयोग्य व्यक्तियों की छँटाई करने के उद्देश्य से ऐसे सभी उम्मीदवारों की एक साधारण ड्रिल तथा शारीरिक प्रशिक्षण की परीक्षा भी ली जानी चाहिये। मण्डल को उम्मीदवारों की चरित्रपंजी और ड्रिल तथा शारीरिक प्रशिक्षण परीक्षण में प्रदर्शित उनके कौशल के आधार पर पुलिस महानिरीक्षक द्वारा यथानिर्धारित निश्चित मापदंड के अनुसार प्रत्येक उम्मीदवार को अंक प्रदिष्ट करने चाहिये।
(घ) इस प्रकार लिखित परीक्षा, चरित्रपंजी की परिनिरीक्षा तथा शारीरिक परीक्षा के परिणामस्वरूप चयन किये गये उम्मीदवार अंतिम चयन के लिये किये जाने वाले केन्द्रीय परीक्षण के वास्ते रेंज के नामित व्यक्ति समझे जाने चाहिये।
(3) रेंज के सभी नामित व्यक्तियों को तत्पश्चात् लिखित परीक्षा में बैठना चाहिये जिसमें (1) विधि, तथा (2) पुलिस संबंधी प्रक्रिया और (3) निबंध तथा सामान्य ज्ञान के 50-50 अंकों वाले तीन प्रश्न-पत्र होंगे। ये प्रश्न भी केन्द्रीय रूप से तैयार किये गये होंगे और उत्तर पुस्तिकायें पुलिस उप-महानिरीक्षक, मुख्यालय को भेजी जायेंगी, जो इसकी जाँच कई पुलिस अधीक्षकों के ऐसे मण्डल द्वारा करायेंगे जिनकी संख्या उम्मीदवारों के संख्या पर निर्भर करेगी। इस परीक्षा में अर्हता प्राप्त करने अंक अलग-अलग प्रश्न-पत्रों में 30 प्रतिशत तथा कुल मिलाकर 40 प्रतिशत होंगे और इस संबंध में एक सूची योग्यता क्रम से तैयार की जायेगी।
(4) रैंकर कैडेट के लिये जितनी रिक्तियाँ आरक्षित हों उसके लगभग चौगुने उम्मीदवारों को ऊपर निर्दिष्ट सूची में से नियमतः योग्यतानुसार साक्षात्कार के लिये बुलाया जाना चाहिये। चयन मंडल को, जिसमें दो पुलिस उप-महानिरीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक द्वारा नामित एक अधीक्षक होंगे, इन उम्मीदवारों का साक्षात्कार करना चाहिये। साक्षात्कार के, जिसमें सेवा अभिलेख सम्मिलित होगा, 150 अंक होने चाहिये और उसमें अर्हता प्राप्त करने के लिये न्यूनतम अंक 40 प्रतिशत होने चाहिए। मण्डल को पहले की तरह चरित्र पंजियों की परिनिरीक्षा करना तथा अंक प्रदिष्ट करना चाहिये। तत्पश्चात् उम्मीदवार द्वारा साक्षात्कार तथा लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों को जोड़कर अंतिम योग्यता सूची तैयार की जानी चाहिये।
कान्सटेबिल के लिये जो विभाग में तीन वर्ष की सेवा कर चुके हैं, शैक्षिक योग्यता इण्टरमीडिएट तथा समकक्ष होनी चाहिये अथवा हेड कान्सटेबिल सिविल पुलिस कोर्स पास होना चाहिये। हेड कान्सटेबिल सिविल पुलिस कोर्स पास कान्सटेबिल के लिये शैक्षिक योग्यता का कोई प्रतिबंध नहीं होगा, साथ ही हेड कान्सटेबिल के लिये भी शैक्षिक योग्यता का प्रतिबंध नहीं होगा।
नोट - शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल से इण्टरमीडिएट करने के आदेश केवल उन अभ्यर्थियों पर लागू होंगे जो शासनादेश के जारी होने के पश्चात् पुलिस विभाग में आते हैं।।
(क) पुलिस ट्रेनिंग कालेज, मुरादाबाद में उप-निरीक्षक सिविल पुलिस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये कान्सटेबिलों और हेड कान्सटेबिलों का चयन करने की प्रक्रिया निम्न होगी :-
(1) प्रत्येक वर्ष जनवरी में एक नोटिस जारी की जानी चाहिये जिसमें (चयन की) पात्रता के नियम दिये गये हों और पात्र उम्मीदवारों को आमंत्रित किया गया हो कि यदि वे चाहते हों कि चयन के लिये उनका विचार किया जाये तो वे उसके लिये आवेदन करें, इस नोटिस का व्यापक विचार किया जाना चाहिये और उन लोगों के पास भी भेजी जाय जो प्रतिनियुक्ति, अवकाश आदि पर गये हों, यह सुनिश्चित करना जिला पुलिस अधीक्षक/यूनिटों के प्रभारियों का कर्तव्य होगा कि नोटिस की सूचना उन सभी स्थानों को भेजी जाय जहां उनके आदमी उस समय कार्य कर रहे हों। आवेदन-पत्र प्रस्तुत करने के लिये 6 सप्ताह का समय दिया जाना चाहिये। इस प्रकार प्राप्त आवेदनों की पुलिस अधीक्षक/यूनिट प्रभारियों के कार्यालय में उनकी छँटाई के लिये परिनिरीक्षा करनी चाहिये जो निर्धारित नियमावली के अधीन चयन के पात्र नहीं हैं।
(2) तत्पश्चात् उन सभी पात्र उम्मीदवारों का जो विचार किये जाने के लिये रहें, निम्न रीति से प्रारंभिक परीक्षण किया जाना चाहिये :
(क) 50 अंकों का एक प्रश्न-पत्र जिसके तीन भाग होंगे, केन्द्रीय रूप से तैयार किया जायेगा-तीन प्रश्न विधिक, तीन पुलिस संबंधी प्रक्रिया और तीन निबंध सामान्य ज्ञान के होंगे। निबंध लेखन संबंधी प्रश्न अनिवार्य होना चाहिये और प्रत्येक उम्मीदवार को प्रश्न-पत्र के दो भागों में से किन्हीं दो प्रश्नों का व तीसरे भाग से एक प्रश्न का उत्तर देना चाहिये अर्थात् प्रत्येक उम्मीदवार को प्रश्न-पत्र में से कुल 5 प्रश्नों का उत्तर देना चाहिये। अनिवार्य प्रश्न 10 अंकों का और शेष प्रश्नों में प्रत्येक आठ-आठ अंकों के होने चाहिये।
(ख) प्रारम्भिक परीक्षायें सभी जिलों में एक निश्चित दिनांक को पुलिस मुख्यालय द्वारा किये गये प्रबंध के अधीन होना चाहिये। उत्तर पुस्तिकायें संबंधित पुलिस उप-महा-निरीक्षक को भेजी जानी चाहिये, जो उनकी जाँच तीन पुलिस अधीक्षकों के एक मंडल (बोर्ड) द्वारा करायेंगे। अर्हता प्राप्त करने का स्तर अधिकतम अंकों को 50 प्रतिशत नियत किया जाना चाहिये।
(ग) एक मण्डल को, जिसमें रेंज पुलिस उप-महानिरीक्षकों, रेंज पुलिस उप-महानिरीक्षक द्वारा नामित पी०ए०सी० का एक कमांडेंट तथा संबंधित स्थानीय पुलिस अधीक्षक होंगे। तत्पश्चात् प्रत्येक जिले का दौरा करना चाहिये और उन सभी पात्र उम्मीदवारों को चरित्र पंजियों की सावधानी से परिनिरीक्षा करनी चाहिये जिन्होंने लिखित परीक्षा में अर्हता प्राप्त की हो। शारीरिक दृष्टि से अयोग्य व्यक्तियों की छँटाई करने के उद्देश्य से ऐसे सभी उम्मीदवारों की एक साधारण ड्रिल तथा शारीरिक प्रशिक्षण की परीक्षा भी ली जानी चाहिये। मण्डल को उम्मीदवारों की चरित्रपंजी और ड्रिल तथा शारीरिक प्रशिक्षण परीक्षण में प्रदर्शित उनके कौशल के आधार पर पुलिस महानिरीक्षक द्वारा यथानिर्धारित निश्चित मापदंड के अनुसार प्रत्येक उम्मीदवार को अंक प्रदिष्ट करने चाहिये।
(घ) इस प्रकार लिखित परीक्षा, चरित्रपंजी की परिनिरीक्षा तथा शारीरिक परीक्षा के परिणामस्वरूप चयन किये गये उम्मीदवार अंतिम चयन के लिये किये जाने वाले केन्द्रीय परीक्षण के वास्ते रेंज के नामित व्यक्ति समझे जाने चाहिये।
(3) रेंज के सभी नामित व्यक्तियों को तत्पश्चात् लिखित परीक्षा में बैठना चाहिये जिसमें (1) विधि, तथा (2) पुलिस संबंधी प्रक्रिया और (3) निबंध तथा सामान्य ज्ञान के 50-50 अंकों वाले तीन प्रश्न-पत्र होंगे। ये प्रश्न भी केन्द्रीय रूप से तैयार किये गये होंगे और उत्तर पुस्तिकायें पुलिस उप-महानिरीक्षक, मुख्यालय को भेजी जायेंगी, जो इसकी जाँच कई पुलिस अधीक्षकों के ऐसे मण्डल द्वारा करायेंगे जिनकी संख्या उम्मीदवारों के संख्या पर निर्भर करेगी। इस परीक्षा में अर्हता प्राप्त करने अंक अलग-अलग प्रश्न-पत्रों में 30 प्रतिशत तथा कुल मिलाकर 40 प्रतिशत होंगे और इस संबंध में एक सूची योग्यता क्रम से तैयार की जायेगी।
(4) रैंकर कैडेट के लिये जितनी रिक्तियाँ आरक्षित हों उसके लगभग चौगुने उम्मीदवारों को ऊपर निर्दिष्ट सूची में से नियमतः योग्यतानुसार साक्षात्कार के लिये बुलाया जाना चाहिये। चयन मंडल को, जिसमें दो पुलिस उप-महानिरीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक द्वारा नामित एक अधीक्षक होंगे, इन उम्मीदवारों का साक्षात्कार करना चाहिये। साक्षात्कार के, जिसमें सेवा अभिलेख सम्मिलित होगा, 150 अंक होने चाहिये और उसमें अर्हता प्राप्त करने के लिये न्यूनतम अंक 40 प्रतिशत होने चाहिए। मण्डल को पहले की तरह चरित्र पंजियों की परिनिरीक्षा करना तथा अंक प्रदिष्ट करना चाहिये। तत्पश्चात् उम्मीदवार द्वारा साक्षात्कार तथा लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों को जोड़कर अंतिम योग्यता सूची तैयार की जानी चाहिये।
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