UP Police Regs 227अध्याय 19 · Fugitive Offenders
धारा 227 · पैरा-218. पुलिस थाने में भगोड़े अपराधियों का रजिस्टर
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
हरेक थाने में रजिस्टर प्रारूप क्रमांक 214 में रखा जावेगा, जिनमें संज्ञेय और असंज्ञेय दोनों मामलों के सभी फरार अपराधियों के नाम और पूरी विशिष्टियां प्रविष्ट की जावेंगी, वर्ग क और ख के अधीन आने वाले व्यक्ति पृथक से दर्शाये जावेंगे। वर्ग क का हर एक फरार अपराधी उसे हर एक थाने के रजिस्टर में जिसमें उसकी पत्नी, पिता, माता, पुत्र, पुत्रियां, भाई या बहिनें रहती हों तथा उस थाने के रजिस्टर में- (1) जिसमें वह स्वयं रहता हो, और (2) जिसमें वह अपराध जिसके लिये उसकी जरूरत है, किया गया हो, दर्शाया जावेगा। उस जिले के जिसमें अपराध किया गया है, अधीक्षक का यह कर्त्तव्य होगा कि उन अन्य जिलों के अधीक्षकों को जिनमें रहने या सम्बन्धों के कारण उसे पंजीबद्ध होना चाहिये, सूचित करे, और ऐसी सूचना प्राप्त होने पर उन अधीक्षकों को अपने जिलों में फरारियों के नाम पंजीबद्ध करने का कर्तव्य होगा। वर्ग ख के फरार को केवल उन थानों में पंजीबद्ध होना आवश्यक होगा जिसमें फरार ने, जिसके लिये वे सम्बन्धित थे, अपराध किया हो। रजिस्टर या स्तम्भ 17 अध्यानत रखा जाना चाहिये और जब कभी किसी फरार अपराधी के रिश्तेदार या साथी अपना पता बदले, थानेदार, अधीक्षक को सूचित करेगा। यदि वह अपराध जिसके लिए फरार व्यक्ति की आवश्यकता है, उसके जिले में किया गया हो तो वह अधीक्षक अन्य सभी सम्बन्धित जिलों और थानों तक सूचना पहुँचायेगा, अन्यथा वह उस जिले के अधीक्षक को जिसमें अपराध किया गया था, को सूचित करेगा और बाद वाला अधिकारी तब सभी सम्बन्धियों को सूचित करेगा।
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