UP Police Regs 251अध्याय 20 · Registration and Monitoring of Bad Characters
धारा 251 · पैरा-242. एक्टिव लिस्ट/हिस्ट्रीशीट खोलने के मर्गादर्शन हेतु सिद्धान्त
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
पुलिस अधीक्षक का यह निर्णय करने में कि क्या हिस्ट्री-शीट खोली जाना चाहिये और यदि हां, तो उसे किस कोटि में रखा जावे, निम्नलिखित सिद्धान्त मार्ग दर्शन करते हैं-
ज्यों ही किसी सन्देह या दोषसिद्ध के द्वारा यह संस्थापित हो जावे की कोई संदिग्ध व्यक्ति डकैतों के गिरोह का सक्रिय और प्रमुख सदस्य है, उसके लिये क वर्ग की हिस्ट्री शीट खोली जावे और उसे तत्काल तारांकित कर दिया जावे। दूसरी ओर पहली बार सन्देह या दोषसिद्धि के द्वारा ध्यान में आने पर सेंधमारों, पशुचोरों और रेलवे मालगाड़ी चोरों के लिये यद्यपि क वर्ग की हिस्ट्री शीट खोली जाती है, ऐसे संदिग्धों को तारांकित न किया जावे, जब तक कि निरन्तर रहने वाले संदेहों या दोपसिद्धि की श्रृंखला द्वारा यह स्पष्ट या संस्थापित न हो जावे कि वह खतरनाक और सन्तुष्ट अपराधी हो गये हैं तथा उनके सुधार की सम्भावना नहीं है।
जब अपराधियों के किसी गिरोह का अस्तित्व प्रकाश में लाया जावे तो हिस्ट्रीशीट गिरोह के अधिक प्रमुख व्यक्तियों के लिए ही खोली जावे। गिरोह के छोटे सदस्यों से सम्पर्क बनाये रखने के लिये गिरोह रजिस्टर (पैरा 253) का प्रयोग किया जावे।
यह तथ्य है कि किसी व्यक्ति को दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 109 के अधीन आबद्ध किया जा चुका है, अपने आप में इतना पर्याप्त नहीं है कि उससे हिस्ट्र-शीट का खोला जाना आवश्यक हो जावे। ऐसे मामले में उस आदमी का पूर्व इतिहास और उसकी गिरफ्तारी की परिस्थितियों को ध्यान में रखा जावे। दूसरी ओर यदि हिस्ट्री शीट पर न होने वाला कोई व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 110 के अधीन आबद्ध किया जावे, तो उसकी हिस्ट्री-शीट तत्क्षण तैयार की जावे।
पुलिस अधीक्षक उन मामलों की जिसमें दुश्चरित्र व्यक्ति, जो हिस्ट्री शीट पर नहीं है, दण्ड प्रकिया संहिता की धारा 110 के अधीन अभियोजित किये गये हों यह जानने की दृष्टि से कि वह पूर्व पुलिस की जानकारी से बचने में कैसे सफल हुये, देख भाल करेगा।
उन व्यक्तियों के लिए हिस्ट्री-शीट नहीं खोली जाना चाहिये जिनके पास नियत निवास स्थान न हो। निवासी आपराधिक जन-जाति के सदस्यों के लिये हिस्ट्री-शीट खोलने पर अधिरोपित निबन्धों के लिए आपराधिक जनजाति पुस्तिका देखें।
संदेह की अपेक्षा दोषसिद्धि पर हिस्ट्री-शीट का खोला जाना अधिक आवश्यक है और यह लक्ष्य कि दोषसिद्धि व्यक्ति इतने अधिक कारावास से जो कितनी ही लम्बी अवधि का हो, से दण्डित किया गया है, उसकी हिस्ट्री-शीट न खोलने के लिये कारण नहीं है।
ज्यों ही किसी सन्देह या दोषसिद्ध के द्वारा यह संस्थापित हो जावे की कोई संदिग्ध व्यक्ति डकैतों के गिरोह का सक्रिय और प्रमुख सदस्य है, उसके लिये क वर्ग की हिस्ट्री शीट खोली जावे और उसे तत्काल तारांकित कर दिया जावे। दूसरी ओर पहली बार सन्देह या दोषसिद्धि के द्वारा ध्यान में आने पर सेंधमारों, पशुचोरों और रेलवे मालगाड़ी चोरों के लिये यद्यपि क वर्ग की हिस्ट्री शीट खोली जाती है, ऐसे संदिग्धों को तारांकित न किया जावे, जब तक कि निरन्तर रहने वाले संदेहों या दोपसिद्धि की श्रृंखला द्वारा यह स्पष्ट या संस्थापित न हो जावे कि वह खतरनाक और सन्तुष्ट अपराधी हो गये हैं तथा उनके सुधार की सम्भावना नहीं है।
जब अपराधियों के किसी गिरोह का अस्तित्व प्रकाश में लाया जावे तो हिस्ट्रीशीट गिरोह के अधिक प्रमुख व्यक्तियों के लिए ही खोली जावे। गिरोह के छोटे सदस्यों से सम्पर्क बनाये रखने के लिये गिरोह रजिस्टर (पैरा 253) का प्रयोग किया जावे।
यह तथ्य है कि किसी व्यक्ति को दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 109 के अधीन आबद्ध किया जा चुका है, अपने आप में इतना पर्याप्त नहीं है कि उससे हिस्ट्र-शीट का खोला जाना आवश्यक हो जावे। ऐसे मामले में उस आदमी का पूर्व इतिहास और उसकी गिरफ्तारी की परिस्थितियों को ध्यान में रखा जावे। दूसरी ओर यदि हिस्ट्री शीट पर न होने वाला कोई व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 110 के अधीन आबद्ध किया जावे, तो उसकी हिस्ट्री-शीट तत्क्षण तैयार की जावे।
पुलिस अधीक्षक उन मामलों की जिसमें दुश्चरित्र व्यक्ति, जो हिस्ट्री शीट पर नहीं है, दण्ड प्रकिया संहिता की धारा 110 के अधीन अभियोजित किये गये हों यह जानने की दृष्टि से कि वह पूर्व पुलिस की जानकारी से बचने में कैसे सफल हुये, देख भाल करेगा।
उन व्यक्तियों के लिए हिस्ट्री-शीट नहीं खोली जाना चाहिये जिनके पास नियत निवास स्थान न हो। निवासी आपराधिक जन-जाति के सदस्यों के लिये हिस्ट्री-शीट खोलने पर अधिरोपित निबन्धों के लिए आपराधिक जनजाति पुस्तिका देखें।
संदेह की अपेक्षा दोषसिद्धि पर हिस्ट्री-शीट का खोला जाना अधिक आवश्यक है और यह लक्ष्य कि दोषसिद्धि व्यक्ति इतने अधिक कारावास से जो कितनी ही लम्बी अवधि का हो, से दण्डित किया गया है, उसकी हिस्ट्री-शीट न खोलने के लिये कारण नहीं है।
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