UP Police Regs 398अध्याय 28 · Miscellaneous
धारा 398 · पैरा-388. अन्य प्रान्तों के पुलिस अधिकारियों की चिकित्सा प्रक्रिया
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
अन्य प्रान्तों के पुलिस अधिकारी और सिपाहियों को, जिन्हें अस्वस्थता या अन्य किसी कारण से जब वे इन प्रान्तों में कर्त्तव्य पर या अवकाश पर हों, उपचार की आवश्यकता हो, उनका उपचार इन प्रान्तों के पुलिस चिकित्सालयों में कराया जा सकता है। उन्हें भीतर रोगियों के रूप में भर्ती किया जा सकता है, यदि उनके स्थान उपलब्ध हों।
(इस राज्य के पुलिस अस्पताल में इस प्रकार दाखिल किये गये प्रत्येक रोगी के लिये चिकित्सा तथा औषधियाँ देने के बाद और अन्य प्रासंगिक व्ययों को पूरा करने के लिये तथा साथ में आहार के लिये, यदि वह दिया गया हो, वास्तविक व्यय पूर्ति के लिये 1 मैदानी क्षेत्र में रुपया 75 पैसा, 2-पहाड़ी क्षेत्र में रु० 2-00, 3-क्षय रोग से पीड़ित रोगियों के लिये रु० 2-75 प्रतिदिन के समान दर से धनराशि उन राज्यों को जिसमें सम्बन्धित व्यक्ति सेवा कर रहा हो सरकार से महालेखाकार (Accountant General) द्वारा रखे जाने वाले विनियम लेखे के जरिये वसूल की जायेगी। केवल असम के मामले में ऐसा नहीं किया जायेगा।)।
असम की दशा के सिवाय प्रभार धन वसूलने और समायोजित करने के लिए निम्न प्रक्रिया का अनुसरण किया जावेगा। चिकित्सालय से रोगी के मुक्त किये जाने के पश्चात् यथासम्भव शीघ्र, उस जिले के पुलिस अधीक्षक, जहाँ के चिकित्सालय में वह भर्ती हुआ था, उस जिले के पुलिस अधीक्षक को जहां वह सेवारत हो, रोगी का नाम, उसकी क्रम संख्या, पंक्ति, प्रवेश और मुक्ति का दिनांक, प्रदान किये गए भोजन का वास्तविक व्यय, यदि कोई हो, और उपरोक्त द्वितीय उप पैरा के अनुसार गणित की गई कुल हुए व्यय की राशि, सूचित करेगा। उसी के साथ इस रिपोर्ट की एक प्रति उत्तर प्रदेश के महालेखपाल को, इस निवेदन के साथ कि वे विनियम लेखाओं के माध्यम से सम्बन्धित प्राप्त के नामे उस राशि को डाल दें, अग्रेषित की जावेगी। अन्य प्रान्तों के पुलिस अधीक्षकों द्वारा सीधे भेजे गए धन स्वीकार न किये जावेंगे, और न कोई वसूली उन अन्य प्रान्तों के उन पुलिस अधिकारियों और सिपाहियों के उपचार के लिये की जावें, जो बाहरी रोगी के रूप में इन प्रान्तों के चिकित्सालयों से उपचार प्राप्त करें।
असम में सेवारत किसी पुलिस अधिकारी या सिपाही की दशा में उपरोक्त उप पैरा 2 के अनुसार गणित और किया गया सम्पूर्ण व्यय, रोगी से सीधे वसूल किया जावेगा। यदि वह किसी कारण से तत्काल भुगतान करने में असमर्थ हो, उस जिले का पुलिस अधीक्षक जिसके चिकित्सालय में सिपाही भर्ती हुआ हो, उस जिले के पुलिस अधीक्षक के माध्यम से, जिसमें वह सिपाही सेवारत हो, उपचार व्यय, उपरोक्त उप पैरा 2 और 3 में दिये गए विवरणों को प्रदान करते हुए, वसूल करेगा। कीमत जब प्राप्त हो जावे, शीर्ष "0-55-पुलिस-प्रकीर्ण" के नामे डाली जानी चाहिये।
(इस राज्य के पुलिस अस्पताल में इस प्रकार दाखिल किये गये प्रत्येक रोगी के लिये चिकित्सा तथा औषधियाँ देने के बाद और अन्य प्रासंगिक व्ययों को पूरा करने के लिये तथा साथ में आहार के लिये, यदि वह दिया गया हो, वास्तविक व्यय पूर्ति के लिये 1 मैदानी क्षेत्र में रुपया 75 पैसा, 2-पहाड़ी क्षेत्र में रु० 2-00, 3-क्षय रोग से पीड़ित रोगियों के लिये रु० 2-75 प्रतिदिन के समान दर से धनराशि उन राज्यों को जिसमें सम्बन्धित व्यक्ति सेवा कर रहा हो सरकार से महालेखाकार (Accountant General) द्वारा रखे जाने वाले विनियम लेखे के जरिये वसूल की जायेगी। केवल असम के मामले में ऐसा नहीं किया जायेगा।)।
असम की दशा के सिवाय प्रभार धन वसूलने और समायोजित करने के लिए निम्न प्रक्रिया का अनुसरण किया जावेगा। चिकित्सालय से रोगी के मुक्त किये जाने के पश्चात् यथासम्भव शीघ्र, उस जिले के पुलिस अधीक्षक, जहाँ के चिकित्सालय में वह भर्ती हुआ था, उस जिले के पुलिस अधीक्षक को जहां वह सेवारत हो, रोगी का नाम, उसकी क्रम संख्या, पंक्ति, प्रवेश और मुक्ति का दिनांक, प्रदान किये गए भोजन का वास्तविक व्यय, यदि कोई हो, और उपरोक्त द्वितीय उप पैरा के अनुसार गणित की गई कुल हुए व्यय की राशि, सूचित करेगा। उसी के साथ इस रिपोर्ट की एक प्रति उत्तर प्रदेश के महालेखपाल को, इस निवेदन के साथ कि वे विनियम लेखाओं के माध्यम से सम्बन्धित प्राप्त के नामे उस राशि को डाल दें, अग्रेषित की जावेगी। अन्य प्रान्तों के पुलिस अधीक्षकों द्वारा सीधे भेजे गए धन स्वीकार न किये जावेंगे, और न कोई वसूली उन अन्य प्रान्तों के उन पुलिस अधिकारियों और सिपाहियों के उपचार के लिये की जावें, जो बाहरी रोगी के रूप में इन प्रान्तों के चिकित्सालयों से उपचार प्राप्त करें।
असम में सेवारत किसी पुलिस अधिकारी या सिपाही की दशा में उपरोक्त उप पैरा 2 के अनुसार गणित और किया गया सम्पूर्ण व्यय, रोगी से सीधे वसूल किया जावेगा। यदि वह किसी कारण से तत्काल भुगतान करने में असमर्थ हो, उस जिले का पुलिस अधीक्षक जिसके चिकित्सालय में सिपाही भर्ती हुआ हो, उस जिले के पुलिस अधीक्षक के माध्यम से, जिसमें वह सिपाही सेवारत हो, उपचार व्यय, उपरोक्त उप पैरा 2 और 3 में दिये गए विवरणों को प्रदान करते हुए, वसूल करेगा। कीमत जब प्राप्त हो जावे, शीर्ष "0-55-पुलिस-प्रकीर्ण" के नामे डाली जानी चाहिये।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
