UP Police Regs 389अध्याय 28 · Miscellaneous
धारा 389 · पैरा-379. गजटेड अधिकारियों, निरीक्षकों, उप-निरीक्षकों द्वारा घोड़ा या मोटर यान का रखा जाना
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
समस्त राजपत्रित अधिकारी अपने पास 14.2 हाथ ऊंचाई से कम न होने वाला एक घोड़ा उपलब्ध रखेंगे और वे सभी मण्डल निरीक्षक तथा उप-निरीक्षक, जो घोड़े का भत्ता प्राप्त करते हैं, अपने पास ऐसे उपर्युक्त घोड़े उपलब्ध रखेंगे, जो ऊँचाई से 14 हाथ से कम न हों। पुलिस महानिरीक्षक किसी प्रान्तीय पुलिस अधिकारी को घोड़ा रखने की आवश्यकता से छूट दे सकता है, यदि उसका यह समाधान हो जावे कि उस अधिकारी के द्वारा समुचित रूप से कत्र्तव्य पालन के लिये घोड़े को बनाये रखना आवश्यक नहीं है। इस प्रकार छूट प्राप्त अधिकारी घोड़े के बजाय कोई मोटरयान रख सकता है। उससे किसी प्रारम्भिक या नवीकृत अनुदान को लौटाने की अपेक्षा नहीं की जावेगी जो उसने इस प्रयोजन तथा घोड़े और उसकी साज-सज्जा के रख-रखाव के लिए प्राप्त की हो,
परन्तु यह कि उस अनुदान का उपयोग घोड़े और उसकी सज्जा को खरीदने या बनाये रखने में किया जा चुका है और यह भी कि वह समयावधि जिसमें वह मोटरयान बनाये रखे, घोड़े और उसकी साज-सज्जा के भत्ता के लिये विहित की गई सात वर्ष की समयावधि में से अपजर्जित कर दी जावेगी।
परन्तु यह कि उस अनुदान का उपयोग घोड़े और उसकी सज्जा को खरीदने या बनाये रखने में किया जा चुका है और यह भी कि वह समयावधि जिसमें वह मोटरयान बनाये रखे, घोड़े और उसकी साज-सज्जा के भत्ता के लिये विहित की गई सात वर्ष की समयावधि में से अपजर्जित कर दी जावेगी।
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