UP Police Regs 207अध्याय 18 · Special Guards and Additional Police
धारा 207 · पैरा-198. विशेष गारद की माँग पर पुलिस अधीक्षक के कर्तव्य
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
विशेष गारद की माँग पर पुलिस अधीक्षक के कर्तव्य - सरकार के अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा विशेष गारद की माँग की जाने पर अधीक्षक द्वारा केवल उसी दशा में आपूर्ति की जा सकेगी जब कि रिजर्व को बिना अनुचित रूप से कमजोर बनाये आपूर्ति की जा सकती हो। विभागीय नियमों के सन्दर्भ में गारद की संख्या अधीक्षक द्वारा निर्धारित की जानी चाहिए जो उस मामले को लागू होते हों अथवा उसके निजी स्वविवेक से लागू की जा सकती है यदि उसके पथ-प्रदर्शन के लिए नियम न हों।
अधीक्षक के लिए प्रत्येक मामले में यह आवश्यकता है कि वह अवधारण करे अथवा यदि संदेह हो तो महानिरीक्षक से सुनिश्चित करे कि गारद के लिए भुगतान लिया जाना चाहिए या नहीं। अधीक्षक को निम्नलिखित अनुदेशों से मार्ग ग्रहण करना चाहिए-
(क) सिंचाई विभाग जैसे वाणिज्य विभाग को छोड़कर स्थानीय सरकार (Government) के अन्य विभागों को भेजी गयी गारद के लिए कोई व्यय-भार (charge) नहीं लिया जाना चाहिए।
केन्द्रीय विभाग तथा राज्य विभाग तथा उद्योग जो सरकार द्वारा वाणिज्यिक रूप में मान्यता प्राप्त है, फाइनेन्शियल हैण्ड बुक, जिल्द 5, भाग 1 के परिशिष्ट 9 के संलग्नक में दिया गया है।
(ख) भारत सरकार ने दायित्व स्वीकार किया है-
(i) ऐसे व्यय भार का जो उत्तर प्रदेश में कोष भेजने के लिए पुलिस रक्षक दल (escorts) के यात्रा के कारण या अन्य आनुषंगिक कारण से हो, तथा
(ii) करेंसी आफिस कानपुर तथा अफीम और सर्वे विभागों को भेजी गयी पुलिस गारद के वेतन, पर्यवेक्षण, भार तथा पेंशन अंशदान पर व्यय।
विपरीत विशिष्ट अनुदेशों के अभाव में यह माना जा सकता है कि केन्द्रीय सरकार के अन्य विभागों उदाहरणार्थ, डाक विभाग को भेजी गयी गारद का व्यय भार उपर्युक्त उपखण्ड ख (ii) में निर्देशित के अनुसार प्राप्त किया जा सकता है।
अधीक्षक के लिए प्रत्येक मामले में यह आवश्यकता है कि वह अवधारण करे अथवा यदि संदेह हो तो महानिरीक्षक से सुनिश्चित करे कि गारद के लिए भुगतान लिया जाना चाहिए या नहीं। अधीक्षक को निम्नलिखित अनुदेशों से मार्ग ग्रहण करना चाहिए-
(क) सिंचाई विभाग जैसे वाणिज्य विभाग को छोड़कर स्थानीय सरकार (Government) के अन्य विभागों को भेजी गयी गारद के लिए कोई व्यय-भार (charge) नहीं लिया जाना चाहिए।
केन्द्रीय विभाग तथा राज्य विभाग तथा उद्योग जो सरकार द्वारा वाणिज्यिक रूप में मान्यता प्राप्त है, फाइनेन्शियल हैण्ड बुक, जिल्द 5, भाग 1 के परिशिष्ट 9 के संलग्नक में दिया गया है।
(ख) भारत सरकार ने दायित्व स्वीकार किया है-
(i) ऐसे व्यय भार का जो उत्तर प्रदेश में कोष भेजने के लिए पुलिस रक्षक दल (escorts) के यात्रा के कारण या अन्य आनुषंगिक कारण से हो, तथा
(ii) करेंसी आफिस कानपुर तथा अफीम और सर्वे विभागों को भेजी गयी पुलिस गारद के वेतन, पर्यवेक्षण, भार तथा पेंशन अंशदान पर व्यय।
विपरीत विशिष्ट अनुदेशों के अभाव में यह माना जा सकता है कि केन्द्रीय सरकार के अन्य विभागों उदाहरणार्थ, डाक विभाग को भेजी गयी गारद का व्यय भार उपर्युक्त उपखण्ड ख (ii) में निर्देशित के अनुसार प्राप्त किया जा सकता है।
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