UP Police Regs 112अध्याय 11 · Research
धारा 112 · पैरा-107. अन्वेषण अधिकारी का कर्तव्य
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
अन्वेषण अधिकारी को अपने को साक्ष्य अभिलिखित करने वाला लिपिक मात्र नहीं मानना चाहिए। यह उसका कर्तव्य है कि वह देखे और अनुमान करे। हर मामले में अपराध के घटना स्थल और सामान्य परिस्थितियों को अपने विशेष ज्ञान से साक्षियों की साक्ष्य की जाँच करने में उपयोग करेगा और वह हर मामले में जिसमें अपराधी अज्ञात हो, वह उस दिशा को विनिश्चित करेगा जिसमें वह उसको खोजेगा। उसे, उनके हाथ के कार्यों को पहचानने की दृष्टि से स्थानीय अपराधियों की कार्य-रीतियों को जो स्थानीय पुलिस के ज्ञात रहती हैं, अध्ययन करना चाहिए और साक्षियों और परिवादी के उन सन्देहों को मानने के विरुद्ध सतर्क रहना चाहिए, जो तथ्यों से निकलने वाले प्रकट अनुमानों के विपरीत हो। उसे स्मरण रखना चाहिए कि सत्यता का पता चलाना उसका कर्त्तव्य है, केवल दोषसिद्धि प्राप्त करना नहीं। उनमें, उसे किसी व्यक्ति के पक्ष में या उसके विरुद्ध तथ्यों के बारे में कोई दृष्टिकोण नहीं बना लेना चाहिए और यद्यपि उसे ऐसे मामले में जिसमें उसे यह विश्वास करने के समाधानकारक कारण हो कि अभियुक्त दोषी है, मार्ग से हटकर, बचाव पक्ष के लिए साक्ष्य नहीं खोजना चाहिए, किन्तु उसे अपने समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अभियुक्त को सदैव ही अवसर देना चाहिए और यदि प्रस्तुत की जावे तो ऐसी साक्ष्य पर सावधानी से विचार करना चाहिए। सेन्ध लगाने के मामलों में उक्त विषय पर दिये गये विशेष आदेशों के अनुसार अन्वेषण किया जावे।
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