UP Police Regs 309अध्याय 22 · Records and Confidential Documents
धारा 309 · पैरा-300. मुखबिर के सम्बन्ध में ध्यान देने योग्य बातें
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
पुलिस प्रक्रिया का यह सर्वमान्य सिद्धाप्त है कि उन स्रोतों और अभिकर्ताओं का ज्ञान, जो गोपनीय सूचनायें प्रदान करते हैं, उन्हीं अधिकारियों को होना चाहिये, जो उन्हें सेवायोजित करते हों या जिनके बारे में पुलिस दल के प्रधान विनिश्चय करें और गोपनीय अभिलेखों तथा दस्तावेजों की गोपनीयता बनाये रखने के लिए सभी पूर्वानिधानियों का प्रयोग किया जाना चाहिए।
इसलिए पुलिस बल का कोई सदस्य पुलिस महानिरीक्षक के सामान्य या विशेष आदेशों के सिवाय, बल के भीतर या बाहर के किसी व्यक्ति को सूचना का स्त्रोत या वह माध्यम, जिससे उसे सूचना प्राप्त हुई हो, न तो प्रकट करेगा और न उससे प्रकट करने की अपेक्षा की जावेगी।
पुलिस बल का कोई सदस्य, बल के बाहर के किसी व्यक्ति को किसी गोपनीय अभिलेख दस्तावेज या ऐसे दस्तावेजों से प्राप्त होने वाली किसी सूचना को, पुलिस महानिरीक्षक के सामान्य या विशेष आदेशों के सिवाय संचारित नहीं करेगा।
जब पुलिस बल के बाहर के किसी व्यक्ति को किसी गोपनीय सूचना का संचार करना आवश्यक हो, सूचना का स्त्रोत या वह माध्यम जिससे सूचना प्राप्त हुई हो, को अभिदर्शित करने से बचने के लिये अधिकतम सतर्कता अपनाई जाना चाहिये। रिपोर्टों को संक्षिप्त किया जाकर पदों में विभाजित किया जावे और किसी भी कारण से मूल रिपोर्ट या उस रिपोर्ट की प्रति को संचारित किया जाये।
टीप-गवर्नमेंट ऑफ इण्डिया एक्ट की धारा 57 की उपधारा (1) में वर्णित अपराधों के करने में प्रवृत्त, या उनके करने या षड्यन्त्र रचने, उनके करने या करने की तैयारी करने वाले व्यक्तियों से सम्बन्धित गोपनीय सूचना का प्रकट या संसूचित किया जाना, ऐसे नियमों और आदेशों से शासित होती है, जैसा कि सरकार उक्त अधिनियम की धारा 58 के प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये जारी करे।
इसलिए पुलिस बल का कोई सदस्य पुलिस महानिरीक्षक के सामान्य या विशेष आदेशों के सिवाय, बल के भीतर या बाहर के किसी व्यक्ति को सूचना का स्त्रोत या वह माध्यम, जिससे उसे सूचना प्राप्त हुई हो, न तो प्रकट करेगा और न उससे प्रकट करने की अपेक्षा की जावेगी।
पुलिस बल का कोई सदस्य, बल के बाहर के किसी व्यक्ति को किसी गोपनीय अभिलेख दस्तावेज या ऐसे दस्तावेजों से प्राप्त होने वाली किसी सूचना को, पुलिस महानिरीक्षक के सामान्य या विशेष आदेशों के सिवाय संचारित नहीं करेगा।
जब पुलिस बल के बाहर के किसी व्यक्ति को किसी गोपनीय सूचना का संचार करना आवश्यक हो, सूचना का स्त्रोत या वह माध्यम जिससे सूचना प्राप्त हुई हो, को अभिदर्शित करने से बचने के लिये अधिकतम सतर्कता अपनाई जाना चाहिये। रिपोर्टों को संक्षिप्त किया जाकर पदों में विभाजित किया जावे और किसी भी कारण से मूल रिपोर्ट या उस रिपोर्ट की प्रति को संचारित किया जाये।
टीप-गवर्नमेंट ऑफ इण्डिया एक्ट की धारा 57 की उपधारा (1) में वर्णित अपराधों के करने में प्रवृत्त, या उनके करने या षड्यन्त्र रचने, उनके करने या करने की तैयारी करने वाले व्यक्तियों से सम्बन्धित गोपनीय सूचना का प्रकट या संसूचित किया जाना, ऐसे नियमों और आदेशों से शासित होती है, जैसा कि सरकार उक्त अधिनियम की धारा 58 के प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये जारी करे।
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