UP Police Regs 145अध्याय 12 · Inquest into Death, Post Mortem Examination and Treatment of Injured Persons
धारा 145 · पैरा-139. मृत शव को शव परीक्षा (पोस्ट मार्टम) हेतु भेजते समय अपनायी जाने वाली प्रक्रिया
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जब शव उपरान्त परीक्षण के लिये भेजा जावे, निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाएंगी :-
(1) शरीर की खोल के भीतर उसी अवस्था में लिटाया जावेगा जिसमें वह पाई गई थी। सड़न को विलम्बित करने की आशा से उस पर कोई पदार्थ न लगाया जावे।
(2) शरीर के साथ एक पुलिस कान्सटेबिल और चौकीदार रहेगा। यदि थाना चिकित्सा अधिकारी से 20 मील से अधिक के अन्तर पर हो, चौकीदार और कान्सटेबिल को एक या अधिक थानों पर मुक्त कर दिया जावे; किन्तु सहायताओं की संख्या जितनी कम सम्भव हो सके, उतनी लेना चाहिये।
(3) पुलिस प्रारूप क्र० 13 व 33 में कान्सटेबिल और चौकीदार के तथा मुक्त करने वाले कान्सटेबिल और चौकीदार के, यदि कोई हो, नाम सदैव ही प्रविष्ट किये जावेंगे।
(4) शरीर के साथ जा रहे कान्सटेबिल और थाने के स्थायी अग्रिम से, कुलियों आदि तथा अन्य आवश्यक व्ययों की पूर्ति के लिये पर्याप्त धनराशि और मुख्यालय पर उस धन की प्राप्ति के लिए प्रारूप क्र० 13 में एक चेक दिया जाना चाहिये, यदि शरीर वहाँ भेजा गया हो।
(5) भेजने वाले अधिकारी द्वारा कान्सटेबिल को अनुदेशित किया जावे कि वह सामान्य अपेक्षा के सहित शरीर को चिकित्सा अधिकारी को सौंप दे, वह तब तक शरीर के प्रभार में
रहेगा, जब तक कि चिकित्सा अधिकारी द्वारा परीक्षण पूर्ण न कर लिया जावे और किसी रिश्तेदार के न होने की दशा में मृतक के अवशेषों का निपटारा न हो जावे।
(6) अन्वेषक अधिकारी दो प्रतियों में शरीर की वर्णनात्मक नामावली अभिज्ञान (पहचान) के चोटों से निम्न विशिष्ट लक्षणों को अन्तर्विष्ट करते हुये, जो शरीर प्रकट हों, तैयार करेगा। वह इस नामावली की एक प्रति शरीर के साथ जाने वाले कान्सटेबिल को दे देगा और दूसरी प्रति मुख्यालय के भारसाधक अधिकारी को डाक द्वारा भेजेगा।
(7) इस विवरणात्मक नामावली के साथ ही शरीर के साथ प्रारूप क्रमांक 13 में एक विवरण भी भेजा जायेगा जिसे अधिकतम सतर्कता से तैयार करेगा। जहाँ से शरीर मुख्यालय को, या किसी अन्य स्थान को जहाँ अंग्रेजी पुलिस कार्यालय हो, प्रारूप 13 में अंग्रेजी में भी एक विवरण कार्यालय द्वारा प्रारूप 33 में मृत्यु उपरान्त परीक्षण किये जाने की अपेक्षा के साथ चिकित्सा अधिकारी को अग्रेषित किया जावेगा और अन्वेषक अधिकारी को शरीर की प्रकट स्थिति और मृत्यु के कारण पर, जहाँ तक अन्वेषक अधिकारी उसे सुनिश्चित करन में समर्थ हुआ हो, रिपोर्ट का सविस्तार अनुवाद भी भेजा जावेगा।
टिप्पणी
अधीक्षक सिविल सर्जन के मृत्यु-उपरान्त परीक्षा के लिए कहने को प्राधिकृत है।
(8) इससे पूर्व कि मृत्यु उपरान्त परीक्षा किया जावे पुलिस कान्सटेबिल और चौकीदार शरीर को चिकित्सा अधिकारी के समक्ष पहचानेंगे।
(9) जितने शीघ्र सम्भव हो सके, पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में सिविल सर्जन की रिपोर्ट का अनुवाद कराया जावेगा और उसे पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को भेजा जावेगा।
(1) शरीर की खोल के भीतर उसी अवस्था में लिटाया जावेगा जिसमें वह पाई गई थी। सड़न को विलम्बित करने की आशा से उस पर कोई पदार्थ न लगाया जावे।
(2) शरीर के साथ एक पुलिस कान्सटेबिल और चौकीदार रहेगा। यदि थाना चिकित्सा अधिकारी से 20 मील से अधिक के अन्तर पर हो, चौकीदार और कान्सटेबिल को एक या अधिक थानों पर मुक्त कर दिया जावे; किन्तु सहायताओं की संख्या जितनी कम सम्भव हो सके, उतनी लेना चाहिये।
(3) पुलिस प्रारूप क्र० 13 व 33 में कान्सटेबिल और चौकीदार के तथा मुक्त करने वाले कान्सटेबिल और चौकीदार के, यदि कोई हो, नाम सदैव ही प्रविष्ट किये जावेंगे।
(4) शरीर के साथ जा रहे कान्सटेबिल और थाने के स्थायी अग्रिम से, कुलियों आदि तथा अन्य आवश्यक व्ययों की पूर्ति के लिये पर्याप्त धनराशि और मुख्यालय पर उस धन की प्राप्ति के लिए प्रारूप क्र० 13 में एक चेक दिया जाना चाहिये, यदि शरीर वहाँ भेजा गया हो।
(5) भेजने वाले अधिकारी द्वारा कान्सटेबिल को अनुदेशित किया जावे कि वह सामान्य अपेक्षा के सहित शरीर को चिकित्सा अधिकारी को सौंप दे, वह तब तक शरीर के प्रभार में
रहेगा, जब तक कि चिकित्सा अधिकारी द्वारा परीक्षण पूर्ण न कर लिया जावे और किसी रिश्तेदार के न होने की दशा में मृतक के अवशेषों का निपटारा न हो जावे।
(6) अन्वेषक अधिकारी दो प्रतियों में शरीर की वर्णनात्मक नामावली अभिज्ञान (पहचान) के चोटों से निम्न विशिष्ट लक्षणों को अन्तर्विष्ट करते हुये, जो शरीर प्रकट हों, तैयार करेगा। वह इस नामावली की एक प्रति शरीर के साथ जाने वाले कान्सटेबिल को दे देगा और दूसरी प्रति मुख्यालय के भारसाधक अधिकारी को डाक द्वारा भेजेगा।
(7) इस विवरणात्मक नामावली के साथ ही शरीर के साथ प्रारूप क्रमांक 13 में एक विवरण भी भेजा जायेगा जिसे अधिकतम सतर्कता से तैयार करेगा। जहाँ से शरीर मुख्यालय को, या किसी अन्य स्थान को जहाँ अंग्रेजी पुलिस कार्यालय हो, प्रारूप 13 में अंग्रेजी में भी एक विवरण कार्यालय द्वारा प्रारूप 33 में मृत्यु उपरान्त परीक्षण किये जाने की अपेक्षा के साथ चिकित्सा अधिकारी को अग्रेषित किया जावेगा और अन्वेषक अधिकारी को शरीर की प्रकट स्थिति और मृत्यु के कारण पर, जहाँ तक अन्वेषक अधिकारी उसे सुनिश्चित करन में समर्थ हुआ हो, रिपोर्ट का सविस्तार अनुवाद भी भेजा जावेगा।
टिप्पणी
अधीक्षक सिविल सर्जन के मृत्यु-उपरान्त परीक्षा के लिए कहने को प्राधिकृत है।
(8) इससे पूर्व कि मृत्यु उपरान्त परीक्षा किया जावे पुलिस कान्सटेबिल और चौकीदार शरीर को चिकित्सा अधिकारी के समक्ष पहचानेंगे।
(9) जितने शीघ्र सम्भव हो सके, पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में सिविल सर्जन की रिपोर्ट का अनुवाद कराया जावेगा और उसे पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को भेजा जावेगा।
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