UP Police Regs 262अध्याय 20 · Registration and Monitoring of Bad Characters
धारा 262 · पैरा-253. गिरोह पंजिका में प्रविष्टि करना तथा उसका रख-रखाव
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जब कभी डकैतों, पशु चोरों या रेलवे वैगन से चोरों का संगठित गिरोह प्रकाश में आवे, प्रत्येक उस थाने, और जिले के मुख्यालय में, जिसके भीतर गिरोह का कोई सदस्य निवास करता हो, सम्पूर्ण गिरोह के विवरण गिरोह पंजी (प्रारूप क्र० 45) में रखे जावेंगे। सेंध लगाने के गिरोह के लिए, परिपत्र क्रमांक 1/चार-23-25, दिनांक 14 दिसम्बर, 1929 के द्वारा विहित पत्र, गिरोह पंजी के बजाय प्रयोग किया जावे। यह आवश्यक नहीं है कि गिरोह के सभी सदस्यों की हिस्ट्री-शीट हो। रजिस्टर के स्तम्भ में उस सदस्य व्यक्ति के नाम के सामने, उस व्यक्ति के बारे में जिसकी हिस्ट्री-शीट न हो, अभिलेख पर लाए जाने के योग्य सभी विवरण प्रविष्ट किये जावें। यदि गिरोह के सदस्य के बारे में अभिलिखित किये जाने के लिये अपेक्षित सभी महत्वपूर्ण तथ्य अन्तर्विष्ट करने के लिये, यदि स्तम्भ 6 का स्थान अपर्याप्त हो, इससे हिस्ट्री-शीट की आवश्यकता प्रतीत होगी। स्तम्भ 7 में रजिस्ट्रीकरण के कारण, गिरोह का पूर्ण इतिहास और उसकी पद्धति और उसके बारे में पश्चात् में सुनिश्चित किये तथ्यों का कथात्मक विवरण प्रविष्ट किये जावेंगे। जब कभी गिरोह के बारे में जांच की जावे, मण्डल निरीक्षक या जांचकर्ता अधिकारियों की टिप्पणियाँ और यदि महत्व की कोई बात न पाई जावे तो उसके हस्ताक्षर, जांच की तारीख इस स्तम्भ में प्रविष्ट की जावे। गिरोह रजिस्टर में गिरोहों की प्रविष्टि अधीक्षक के आदेशों के अधीन ही की जावेगी। गिरोह का रजिस्टर एक स्थायी अभिलेख होगा और गिरोह को उसमें से कभी नहीं मिटाया जावेगा, किन्तु यह संस्थापित हो जाने पर कि गिरोह भंग हो गया है, रजिस्टर में प्रविष्टियां और उनके बारे में पूछ-ताछ अधीक्षक के आदेशों के अधीन बन्द की जा सकेंगी। जिस दशा में इस आशय की प्रविष्टि स्तम्भ 6 में की जावेगी और इसके नीचे पृष्ठ के एक सिरे तक लाल स्याही से एक रेखा खींच दी जावेगी।
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