UP Police Regs 19अध्याय 1 · Senior Officers
धारा 19 · पैरा-16. अपराध रजिस्टर
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
थाने पर रिपोर्ट किये गये सभी संज्ञेय अपराध अंग्रेजी अपराध रजिस्टर में दर्ज किये जाने चाहिये। इस रजिस्टर का एक पृथक् भाग प्रत्येक थाने के लिये नियत किया जावेगा और वार्षिक निरीक्षण रिपोर्ट के साथ संलग्न किये जाने वाले प्रारूप 'क' में विनिर्दिष्ट अपराधों की छः श्रेणियाँ उसी भाग के भीतर सम्मिलित की जावेंगी। यदि कोई विशिष्ट अपराध, उदाहरणार्थ पशु-चोरी, व्यापक रूप से फैला हुआ हो तो अधीक्षक उस वर्ग के मामलों के भीतर, जिनसे वह सम्बन्धित है, पृथक् पृष्ठ नियत कर सकता है।
अधीक्षक अपने रीडर को रजिस्टर के प्रथम आठ स्तम्भ भरने का निदेश दे सकता है, किन्तु अभियोगों (आरोपों) का स्तम्भ उसे स्वयं भरना होगा। तथापि वह किसी सबडिवीजन के भारसाधक सहायक या उप अधीक्षक को यह निदेश दे सकता है कि वह रजिस्टर का उस सबडिवीजन से सम्बन्धित भाग रखे; ऐसी दशा में वह अधिकारी सभी स्तम्भ स्वयं अपने हाथ से भरेगा। सभी स्तम्भों में प्रविष्टियाँ समय से की जानी चाहिये, अर्थात् ज्यों-ज्यों केस डायरियाँ और महत्वपूर्ण कागजात प्राप्त होते जायें। जब कोई विचारण, और जहाँ विचारण न हुआ हो वहाँ किसी महत्वपूर्ण मामले का अन्वेषण, समाप्त हो जाये, तब अधीक्षक को तथ्यों का पुनर्विलोकन करने के पश्चात् यह विनिश्चय करना चाहिये कि पुलिस का आचरण किसी प्रकार दोषपूर्ण, पक्षपातपूर्ण अथवा अन्यथा रहा है या नहीं, और तदनुसार उपयुक्त अन्तिम प्रविष्टि करनी चाहिये। इस स्तम्भ में उसे उन सभी व्यक्तियों के नाम लाल स्याही से लिखने चाहिये जो मामले में सन्देहभाजन हों, यदि उसकी राय में सन्देह युक्तियुक्त हो।
अधीक्षक अपने रीडर को रजिस्टर के प्रथम आठ स्तम्भ भरने का निदेश दे सकता है, किन्तु अभियोगों (आरोपों) का स्तम्भ उसे स्वयं भरना होगा। तथापि वह किसी सबडिवीजन के भारसाधक सहायक या उप अधीक्षक को यह निदेश दे सकता है कि वह रजिस्टर का उस सबडिवीजन से सम्बन्धित भाग रखे; ऐसी दशा में वह अधिकारी सभी स्तम्भ स्वयं अपने हाथ से भरेगा। सभी स्तम्भों में प्रविष्टियाँ समय से की जानी चाहिये, अर्थात् ज्यों-ज्यों केस डायरियाँ और महत्वपूर्ण कागजात प्राप्त होते जायें। जब कोई विचारण, और जहाँ विचारण न हुआ हो वहाँ किसी महत्वपूर्ण मामले का अन्वेषण, समाप्त हो जाये, तब अधीक्षक को तथ्यों का पुनर्विलोकन करने के पश्चात् यह विनिश्चय करना चाहिये कि पुलिस का आचरण किसी प्रकार दोषपूर्ण, पक्षपातपूर्ण अथवा अन्यथा रहा है या नहीं, और तदनुसार उपयुक्त अन्तिम प्रविष्टि करनी चाहिये। इस स्तम्भ में उसे उन सभी व्यक्तियों के नाम लाल स्याही से लिखने चाहिये जो मामले में सन्देहभाजन हों, यदि उसकी राय में सन्देह युक्तियुक्त हो।
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