MSCOS Act 94अध्याय XI · Execution of Decrees, Orders and Decisions
धारा 94 · निर्णयों का क्रियान्वयन, आदि।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
धारा 39 या धारा 40 या धारा 83 या धारा 99 या धारा 101 के तहत लिया गया प्रत्येक निर्णय या आदेश, यदि उसका पालन नहीं किया जाता है, तो--
(क) केंद्रीय रजिस्ट्रार या उसके द्वारा इस संबंध में लिखित रूप से अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र पर, इसे दीवानी न्यायालय का निर्णय माना जाएगा और इसका निष्पादन उसी प्रकार किया जाएगा जैसे कि यह ऐसे न्यायालय का निर्णय हो, और ऐसे निर्णय का निष्पादन केंद्रीय रजिस्ट्रार या उसके द्वारा इस संबंध में लिखित रूप से अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा, उस व्यक्ति या बहुराज्यीय सहकारी समिति की किसी संपत्ति की कुर्की और बिक्री या बिना कुर्की के बिक्री द्वारा किया जाएगा जिसके विरुद्ध निर्णय या आदेश दिया गया है; या
(ख) जहां निर्णय या आदेश में धन की वसूली का प्रावधान हो, वहां उसे भू-राजस्व के बकाया की वसूली के लिए उस समय लागू कानून के अनुसार निष्पादित किया जाएगा:
बशर्ते कि किसी भी राशि की वसूली के लिए कोई भी आवेदन इस प्रकार किया जाएगा--
(i) कलेक्टर को प्रस्तुत किया जाएगा और इसके साथ केंद्रीय रजिस्ट्रार या इस संबंध में उनके द्वारा लिखित रूप में अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र संलग्न होगा;
(ii) निर्णय या आदेश में निर्धारित तिथि से बारह वर्षों के भीतर, और यदि ऐसी कोई तिथि निर्धारित नहीं है, तो निर्णय या आदेश की तिथि से, जैसा भी मामला हो; या
(ग) केंद्रीय रजिस्ट्रार या इस संबंध में उनके द्वारा लिखित रूप में अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा, उस व्यक्ति या बहु-राज्य सहकारी समिति की किसी संपत्ति की कुर्की और बिक्री या बिना कुर्की के बिक्री द्वारा निष्पादित किया जाएगा, जिसके विरुद्ध निर्णय या आदेश दिया गया है।
(क) केंद्रीय रजिस्ट्रार या उसके द्वारा इस संबंध में लिखित रूप से अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र पर, इसे दीवानी न्यायालय का निर्णय माना जाएगा और इसका निष्पादन उसी प्रकार किया जाएगा जैसे कि यह ऐसे न्यायालय का निर्णय हो, और ऐसे निर्णय का निष्पादन केंद्रीय रजिस्ट्रार या उसके द्वारा इस संबंध में लिखित रूप से अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा, उस व्यक्ति या बहुराज्यीय सहकारी समिति की किसी संपत्ति की कुर्की और बिक्री या बिना कुर्की के बिक्री द्वारा किया जाएगा जिसके विरुद्ध निर्णय या आदेश दिया गया है; या
(ख) जहां निर्णय या आदेश में धन की वसूली का प्रावधान हो, वहां उसे भू-राजस्व के बकाया की वसूली के लिए उस समय लागू कानून के अनुसार निष्पादित किया जाएगा:
बशर्ते कि किसी भी राशि की वसूली के लिए कोई भी आवेदन इस प्रकार किया जाएगा--
(i) कलेक्टर को प्रस्तुत किया जाएगा और इसके साथ केंद्रीय रजिस्ट्रार या इस संबंध में उनके द्वारा लिखित रूप में अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र संलग्न होगा;
(ii) निर्णय या आदेश में निर्धारित तिथि से बारह वर्षों के भीतर, और यदि ऐसी कोई तिथि निर्धारित नहीं है, तो निर्णय या आदेश की तिथि से, जैसा भी मामला हो; या
(ग) केंद्रीय रजिस्ट्रार या इस संबंध में उनके द्वारा लिखित रूप में अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा, उस व्यक्ति या बहु-राज्य सहकारी समिति की किसी संपत्ति की कुर्की और बिक्री या बिना कुर्की के बिक्री द्वारा निष्पादित किया जाएगा, जिसके विरुद्ध निर्णय या आदेश दिया गया है।
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