MSCOS Act 45अध्याय V · Direction and Management of Multi-state Co-operative Societies
धारा 45 · सहकारी चुनाव प्राधिकरण की स्थापना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [45. सहकारी चुनाव प्राधिकरण की स्थापना.-- (1) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा एक प्राधिकरण की स्थापना करेगी जिसे सहकारी चुनाव प्राधिकरण के नाम से जाना जाएगा, जिसमें एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और अधिकतम तीन सदस्य होंगे, जिनकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित व्यक्तियों की चयन समिति की सिफारिश पर की जाएगी।
(2) प्राधिकरण का प्रधान कार्यालय ऐसे स्थान पर होगा जिसे केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाएगा।
(3) बोर्ड के सदस्यों का चुनाव बहु-राज्य सहकारी समिति के सदस्यों की आम बैठक में आयोजित किया जाएगा।
(i) प्राधिकरण का अध्यक्ष, जब तक कि वह भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव या समकक्ष पद पर न रहा हो;
(ii) प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, जब तक कि वे भारत सरकार के संयुक्त सचिव या समकक्ष पद पर न रहे हों; और
(iii) सदस्य तब तक नहीं हो सकता जब तक वह ऐसी योग्यता और अनुभव पूरा न कर ले जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है
(4) प्राधिकरण के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य अपने पद ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए या पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो, पद धारण करेंगे और वे पुनर्नियुक्ति के पात्र होंगे।
बशर्ते कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाता है, तो उसे पदेन सदस्य माना जाएगा और वह तब तक पद पर बना रहेगा जब तक वह उस पद पर बना रहता है जिसके तहत वह अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य है।
(5) प्राधिकरण के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों (पदेन सदस्य को छोड़कर) को देय वेतन और भत्ते तथा सेवा की अन्य शर्तें और नियम ऐसे होंगे जैसे निर्धारित किए जा सकते हैं।]
(2) प्राधिकरण का प्रधान कार्यालय ऐसे स्थान पर होगा जिसे केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाएगा।
(3) बोर्ड के सदस्यों का चुनाव बहु-राज्य सहकारी समिति के सदस्यों की आम बैठक में आयोजित किया जाएगा।
(i) प्राधिकरण का अध्यक्ष, जब तक कि वह भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव या समकक्ष पद पर न रहा हो;
(ii) प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, जब तक कि वे भारत सरकार के संयुक्त सचिव या समकक्ष पद पर न रहे हों; और
(iii) सदस्य तब तक नहीं हो सकता जब तक वह ऐसी योग्यता और अनुभव पूरा न कर ले जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है
(4) प्राधिकरण के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य अपने पद ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए या पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो, पद धारण करेंगे और वे पुनर्नियुक्ति के पात्र होंगे।
बशर्ते कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाता है, तो उसे पदेन सदस्य माना जाएगा और वह तब तक पद पर बना रहेगा जब तक वह उस पद पर बना रहता है जिसके तहत वह अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य है।
(5) प्राधिकरण के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों (पदेन सदस्य को छोड़कर) को देय वेतन और भत्ते तथा सेवा की अन्य शर्तें और नियम ऐसे होंगे जैसे निर्धारित किए जा सकते हैं।]
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