MSCOS Act 71अध्याय VIII · Audit, Enquiry, Inspection and Surcharge
धारा 71 · लेखा परीक्षकों की नियुक्ति या उन्हें हटाने संबंधी प्रस्तावों का प्रावधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) वार्षिक आम बैठक में किसी सेवानिवृत्त लेखा परीक्षक के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को लेखा परीक्षक नियुक्त करने के प्रस्ताव के लिए, या यह स्पष्ट रूप से प्रावधान करने के लिए कि सेवानिवृत्त लेखा परीक्षक को पुनः नियुक्त नहीं किया जाएगा, एक विशेष सूचना की आवश्यकता होगी।
(2) ऐसे संकल्प की सूचना प्राप्त होने पर, बहु-राज्य सहकारी समिति उसकी एक प्रति निवर्तमान लेखा परीक्षक को तुरंत भेजेगी।
(3) जहां ऐसे संकल्प की सूचना दी जाती है और सेवानिवृत्त लेखा परीक्षक इस संबंध में बहुराज्यीय सहकारी समिति को लिखित रूप में अभ्यावेदन (उचित लंबाई से अधिक नहीं) देता है और बहुराज्यीय सहकारी समिति के सदस्यों को इसकी सूचना देने का अनुरोध करता है, तो बहुराज्यीय सहकारी समिति, जब तक कि अभ्यावेदन उसे इतनी देर से प्राप्त न हो जाए कि वह ऐसा न कर सके,--
(क) बहु-राज्यीय सहकारी समिति के सदस्यों को दिए गए संकल्प की किसी भी सूचना में, अभ्यावेदनों के किए जाने के तथ्य का उल्लेख करें; और
(ख) बहुराज्यीय सहकारी समिति के प्रत्येक सदस्य को, जिसे बैठक की सूचना भेजी गई है, अभ्यावेदन की एक प्रति भेजी जाए, चाहे बहुराज्यीय सहकारी समिति द्वारा अभ्यावेदन प्राप्त होने से पहले या बाद में।
और यदि अभ्यावेदनों की प्रति उपर्युक्त अनुसार नहीं भेजी जाती है क्योंकि वे बहुत देर से प्राप्त हुए थे या बहु-राज्यीय सहकारी समितियों की चूक के कारण, तो लेखा परीक्षक (मौखिक रूप से सुने जाने के अपने अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना) यह मांग कर सकता है कि अभ्यावेदनों को बैठक में पढ़कर सुनाया जाए।
(2) ऐसे संकल्प की सूचना प्राप्त होने पर, बहु-राज्य सहकारी समिति उसकी एक प्रति निवर्तमान लेखा परीक्षक को तुरंत भेजेगी।
(3) जहां ऐसे संकल्प की सूचना दी जाती है और सेवानिवृत्त लेखा परीक्षक इस संबंध में बहुराज्यीय सहकारी समिति को लिखित रूप में अभ्यावेदन (उचित लंबाई से अधिक नहीं) देता है और बहुराज्यीय सहकारी समिति के सदस्यों को इसकी सूचना देने का अनुरोध करता है, तो बहुराज्यीय सहकारी समिति, जब तक कि अभ्यावेदन उसे इतनी देर से प्राप्त न हो जाए कि वह ऐसा न कर सके,--
(क) बहु-राज्यीय सहकारी समिति के सदस्यों को दिए गए संकल्प की किसी भी सूचना में, अभ्यावेदनों के किए जाने के तथ्य का उल्लेख करें; और
(ख) बहुराज्यीय सहकारी समिति के प्रत्येक सदस्य को, जिसे बैठक की सूचना भेजी गई है, अभ्यावेदन की एक प्रति भेजी जाए, चाहे बहुराज्यीय सहकारी समिति द्वारा अभ्यावेदन प्राप्त होने से पहले या बाद में।
और यदि अभ्यावेदनों की प्रति उपर्युक्त अनुसार नहीं भेजी जाती है क्योंकि वे बहुत देर से प्राप्त हुए थे या बहु-राज्यीय सहकारी समितियों की चूक के कारण, तो लेखा परीक्षक (मौखिक रूप से सुने जाने के अपने अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना) यह मांग कर सकता है कि अभ्यावेदनों को बैठक में पढ़कर सुनाया जाए।
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