MSCOS Act 37अध्याय IV · Members of Multi-state Co-operative Societies and Their Duties, Rights and Liabilities
धारा 37 · पूर्व सदस्य की देनदारियां और मृतक सदस्य की संपत्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) उपधारा (2) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, किसी बहुराज्यीय सहकारी समिति के पूर्व सदस्य या मृतक सदस्य की संपत्ति की समिति के मौजूदा ऋणों के लिए देयता,--
(क) पूर्व सदस्य के मामले में, वह तिथि जिस दिन उसने सदस्यता छोड़ दी;
(ख) किसी मृत सदस्य के मामले में, उसकी मृत्यु की तिथि पर,
यह उस तिथि से दो वर्ष की अवधि तक जारी रहेगा।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, यदि किसी बहु-राज्यीय सहकारी समिति को धारा 86 के अधीन परिसमाप्त करने का आदेश दिया जाता है, तो परिसमाप्त आदेश की तिथि से ठीक दो वर्ष पूर्व सदस्य (जिसकी सदस्यता समाप्त हो गई हो) या मृतक सदस्य (जिसकी मृत्यु परिसमाप्त आदेश की तिथि से दो वर्ष पूर्व हुई हो) की संपत्ति का दायित्व तब तक बना रहेगा जब तक कि संपूर्ण परिसमापन कार्यवाही पूरी न हो जाए, परन्तु ऐसा दायित्व केवल समिति के उन ऋणों तक ही सीमित रहेगा जो सदस्यता समाप्त होने या मृत्यु की तिथि को, जैसा भी मामला हो, विद्यमान थे।
(क) पूर्व सदस्य के मामले में, वह तिथि जिस दिन उसने सदस्यता छोड़ दी;
(ख) किसी मृत सदस्य के मामले में, उसकी मृत्यु की तिथि पर,
यह उस तिथि से दो वर्ष की अवधि तक जारी रहेगा।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, यदि किसी बहु-राज्यीय सहकारी समिति को धारा 86 के अधीन परिसमाप्त करने का आदेश दिया जाता है, तो परिसमाप्त आदेश की तिथि से ठीक दो वर्ष पूर्व सदस्य (जिसकी सदस्यता समाप्त हो गई हो) या मृतक सदस्य (जिसकी मृत्यु परिसमाप्त आदेश की तिथि से दो वर्ष पूर्व हुई हो) की संपत्ति का दायित्व तब तक बना रहेगा जब तक कि संपूर्ण परिसमापन कार्यवाही पूरी न हो जाए, परन्तु ऐसा दायित्व केवल समिति के उन ऋणों तक ही सीमित रहेगा जो सदस्यता समाप्त होने या मृत्यु की तिथि को, जैसा भी मामला हो, विद्यमान थे।
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