MSCOS Act 11अध्याय II · Central Registrar and Registration of Multi-state Co-operative Societies
धारा 11 · बहुराज्यीय सहकारी समिति के उपनियमों में संशोधन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी बहु-राज्य सहकारी समिति के किसी उपनियम में कोई संशोधन तब तक वैध नहीं होगा, जब तक कि ऐसा संशोधन इस अधिनियम के तहत पंजीकृत न हो।
(2) किसी बहु-राज्यीय सहकारी समिति के उपनियमों में संशोधन समिति की आम बैठक में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से पारित प्रस्ताव द्वारा किया जाएगा।
(3) ऐसा कोई भी प्रस्ताव तब तक वैध नहीं होगा जब तक कि प्रस्तावित संशोधन की सूचना सदस्यों को पंद्रह स्पष्ट दिनों की न दी गई हो।
(4) प्रत्येक ऐसे मामले में जिसमें कोई बहुराज्यीय सहकारी समिति अपने उपनियमों में संशोधन करना चाहती है, ऐसे संशोधनों को पंजीकृत करने के लिए आवेदन केंद्रीय रजिस्ट्रार को निम्नलिखित के साथ प्रस्तुत किया जाएगा:
(क) उपधारा (2) में निर्दिष्ट संकल्प की एक प्रति;
(ख) एक विवरण जिसमें निम्नलिखित विवरण शामिल हों--
(i) उस आम बैठक की तिथि जिसमें उपनियमों में संशोधन किए गए थे;
(ii) आम बैठक बुलाने के लिए दी जाने वाली सूचना के दिनों की संख्या;
(iii) बहु-राज्यीय सहकारी समिति के सदस्यों की कुल संख्या;
(iv) ऐसी बैठक के लिए आवश्यक कोरम;
(v) बैठक में उपस्थित सदस्यों की संख्या;
(vi) ऐसी बैठक में मतदान करने वाले सदस्यों की संख्या;
(vii) उपनियमों में ऐसे संशोधनों के पक्ष में मतदान करने वाले सदस्यों की संख्या;
(ग) प्रस्तावित संशोधन सहित लागू संबंधित उपनियमों की एक प्रति, साथ ही ऐसे संशोधनों को उचित ठहराने वाले कारण;
(घ) उपनियमों के पाठ की चार प्रतियां, जिनमें प्रस्तावित संशोधन शामिल हों और जिन पर आम सभा द्वारा इस संबंध में विधिवत अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर हों;
(ई) सदस्यों को दी गई सूचना की एक प्रति और उपनियमों में संशोधन का प्रस्ताव;
(f) आम बैठक की अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र, जो प्रमाणित करता है कि उप-धारा (2) और (3) में निर्दिष्ट प्रक्रिया और उपनियमों का पालन किया गया है;
(जी) कोई अन्य विवरण जो केंद्रीय रजिस्ट्रार को इस संबंध में आवश्यक हो।
(5) ऐसा प्रत्येक आवेदन उस आम बैठक की तारीख से साठ दिनों के भीतर किया जाएगा जिसमें उपनियमों में ऐसा संशोधन पारित किया गया था।
(6) इस धारा की उपधारा (2) से (5) में दी गई प्रक्रिया, धारा 22 के प्रावधानों के अनुसार स्वयं को बहु-राज्यीय सहकारी समिति में परिवर्तित करने की इच्छुक सहकारी समिति के उपनियमों में संशोधन पर लागू होगी।
(7) यदि उपधारा (5) के अंतर्गत आवेदन प्राप्त होने पर केंद्रीय रजिस्ट्रार संतुष्ट हो कि प्रस्तावित संशोधन--
(क) इस अधिनियम या नियमों के प्रावधानों के विपरीत नहीं है;
(ख) सहकारी सिद्धांतों के साथ विरोधाभास नहीं करता; और
(ग) बहुराज्यीय सहकारी समिति के सदस्यों के आर्थिक हितों को बढ़ावा देगा।
वह संशोधन प्राप्त होने की तिथि से तीन महीने की अवधि के भीतर उसे पंजीकृत करा सकता है।
(8) केंद्रीय रजिस्ट्रार पंजीकृत संशोधन की एक प्रति, साथ ही उसके द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र, पंजीकरण की तिथि से एक माह की अवधि के भीतर बहु-राज्य सहकारी समिति को अग्रेषित करेगा और ऐसा प्रमाण पत्र इस बात का निर्णायक प्रमाण होगा कि संशोधन विधिवत पंजीकृत हो गया है।
(9) यदि केंद्रीय रजिस्ट्रार किसी बहु-राज्यीय सहकारी समिति के उपनियमों में संशोधन को पंजीकृत करने से इनकार करता है, तो वह इनकार के आदेश और उसके कारणों को समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ऐसे इनकार की तारीख से पंद्रह दिनों के भीतर निर्धारित तरीके से सूचित करेगा।
बशर्ते कि यदि पंजीकरण के लिए आवेदन उपधारा (7) में निर्दिष्ट तीन महीने की अवधि के भीतर निपटाया नहीं जाता है या केंद्रीय रजिस्ट्रार उस अवधि के भीतर अस्वीकृति का आदेश सूचित करने में विफल रहता है, तो आवेदन को पंजीकरण के लिए स्वीकार किया हुआ माना जाएगा और केंद्रीय रजिस्ट्रार इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करेगा।
(2) किसी बहु-राज्यीय सहकारी समिति के उपनियमों में संशोधन समिति की आम बैठक में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से पारित प्रस्ताव द्वारा किया जाएगा।
(3) ऐसा कोई भी प्रस्ताव तब तक वैध नहीं होगा जब तक कि प्रस्तावित संशोधन की सूचना सदस्यों को पंद्रह स्पष्ट दिनों की न दी गई हो।
(4) प्रत्येक ऐसे मामले में जिसमें कोई बहुराज्यीय सहकारी समिति अपने उपनियमों में संशोधन करना चाहती है, ऐसे संशोधनों को पंजीकृत करने के लिए आवेदन केंद्रीय रजिस्ट्रार को निम्नलिखित के साथ प्रस्तुत किया जाएगा:
(क) उपधारा (2) में निर्दिष्ट संकल्प की एक प्रति;
(ख) एक विवरण जिसमें निम्नलिखित विवरण शामिल हों--
(i) उस आम बैठक की तिथि जिसमें उपनियमों में संशोधन किए गए थे;
(ii) आम बैठक बुलाने के लिए दी जाने वाली सूचना के दिनों की संख्या;
(iii) बहु-राज्यीय सहकारी समिति के सदस्यों की कुल संख्या;
(iv) ऐसी बैठक के लिए आवश्यक कोरम;
(v) बैठक में उपस्थित सदस्यों की संख्या;
(vi) ऐसी बैठक में मतदान करने वाले सदस्यों की संख्या;
(vii) उपनियमों में ऐसे संशोधनों के पक्ष में मतदान करने वाले सदस्यों की संख्या;
(ग) प्रस्तावित संशोधन सहित लागू संबंधित उपनियमों की एक प्रति, साथ ही ऐसे संशोधनों को उचित ठहराने वाले कारण;
(घ) उपनियमों के पाठ की चार प्रतियां, जिनमें प्रस्तावित संशोधन शामिल हों और जिन पर आम सभा द्वारा इस संबंध में विधिवत अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर हों;
(ई) सदस्यों को दी गई सूचना की एक प्रति और उपनियमों में संशोधन का प्रस्ताव;
(f) आम बैठक की अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र, जो प्रमाणित करता है कि उप-धारा (2) और (3) में निर्दिष्ट प्रक्रिया और उपनियमों का पालन किया गया है;
(जी) कोई अन्य विवरण जो केंद्रीय रजिस्ट्रार को इस संबंध में आवश्यक हो।
(5) ऐसा प्रत्येक आवेदन उस आम बैठक की तारीख से साठ दिनों के भीतर किया जाएगा जिसमें उपनियमों में ऐसा संशोधन पारित किया गया था।
(6) इस धारा की उपधारा (2) से (5) में दी गई प्रक्रिया, धारा 22 के प्रावधानों के अनुसार स्वयं को बहु-राज्यीय सहकारी समिति में परिवर्तित करने की इच्छुक सहकारी समिति के उपनियमों में संशोधन पर लागू होगी।
(7) यदि उपधारा (5) के अंतर्गत आवेदन प्राप्त होने पर केंद्रीय रजिस्ट्रार संतुष्ट हो कि प्रस्तावित संशोधन--
(क) इस अधिनियम या नियमों के प्रावधानों के विपरीत नहीं है;
(ख) सहकारी सिद्धांतों के साथ विरोधाभास नहीं करता; और
(ग) बहुराज्यीय सहकारी समिति के सदस्यों के आर्थिक हितों को बढ़ावा देगा।
वह संशोधन प्राप्त होने की तिथि से तीन महीने की अवधि के भीतर उसे पंजीकृत करा सकता है।
(8) केंद्रीय रजिस्ट्रार पंजीकृत संशोधन की एक प्रति, साथ ही उसके द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र, पंजीकरण की तिथि से एक माह की अवधि के भीतर बहु-राज्य सहकारी समिति को अग्रेषित करेगा और ऐसा प्रमाण पत्र इस बात का निर्णायक प्रमाण होगा कि संशोधन विधिवत पंजीकृत हो गया है।
(9) यदि केंद्रीय रजिस्ट्रार किसी बहु-राज्यीय सहकारी समिति के उपनियमों में संशोधन को पंजीकृत करने से इनकार करता है, तो वह इनकार के आदेश और उसके कारणों को समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ऐसे इनकार की तारीख से पंद्रह दिनों के भीतर निर्धारित तरीके से सूचित करेगा।
बशर्ते कि यदि पंजीकरण के लिए आवेदन उपधारा (7) में निर्दिष्ट तीन महीने की अवधि के भीतर निपटाया नहीं जाता है या केंद्रीय रजिस्ट्रार उस अवधि के भीतर अस्वीकृति का आदेश सूचित करने में विफल रहता है, तो आवेदन को पंजीकरण के लिए स्वीकार किया हुआ माना जाएगा और केंद्रीय रजिस्ट्रार इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करेगा।
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