MSCOS Act 58अध्याय VI · Privileges of Multi-state Co-operative Societies
धारा 58 · प्रविष्टि की प्रति को साक्ष्य के रूप में स्वीकार्यता।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी बहुराज्यीय सहकारी समिति की नियमित रूप से उसके व्यवसाय के दौरान रखी जाने वाली बही में किसी प्रविष्टि की प्रति, यदि निर्धारित तरीके से प्रमाणित की जाती है, तो किसी भी मुकदमे या कानूनी कार्यवाही में ऐसी प्रविष्टि के अस्तित्व के प्रथम दृष्ट्या प्रमाण के रूप में स्वीकार की जाएगी और उसमें दर्ज मामलों, लेन-देन और खातों के साक्ष्य के रूप में हर मामले में और उसी सीमा तक स्वीकार की जाएगी, जिस सीमा तक मूल प्रविष्टि स्वयं स्वीकार्य हो।
(2) किसी बहुराज्यीय सहकारी समिति का कोई अधिकारी और कोई अधिकारी जिसके कार्यालय में परिसमापन के बाद बहुराज्यीय सहकारी समिति की पुस्तकें जमा की जाती हैं, किसी भी कानूनी कार्यवाही में जिसमें समिति या परिसमापक पक्षकार नहीं है, समिति की कोई भी पुस्तक या दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, जिसकी सामग्री इस धारा के तहत सिद्ध की जा सकती है, या उसमें दर्ज मामलों, लेन-देन और खातों को साबित करने के लिए गवाह के रूप में उपस्थित होने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, सिवाय किसी विशेष कारण से न्यायालय या मध्यस्थ द्वारा दिए गए आदेश के तहत।
(2) किसी बहुराज्यीय सहकारी समिति का कोई अधिकारी और कोई अधिकारी जिसके कार्यालय में परिसमापन के बाद बहुराज्यीय सहकारी समिति की पुस्तकें जमा की जाती हैं, किसी भी कानूनी कार्यवाही में जिसमें समिति या परिसमापक पक्षकार नहीं है, समिति की कोई भी पुस्तक या दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, जिसकी सामग्री इस धारा के तहत सिद्ध की जा सकती है, या उसमें दर्ज मामलों, लेन-देन और खातों को साबित करने के लिए गवाह के रूप में उपस्थित होने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, सिवाय किसी विशेष कारण से न्यायालय या मध्यस्थ द्वारा दिए गए आदेश के तहत।
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