MSCOS Act 62अध्याय VII · Properties and Funds of Multi-state Co-operative Societies
धारा 62 · धनराशि को लाभ के रूप में विभाजित नहीं किया जाएगा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी बहु-राज्य सहकारी समिति के शुद्ध लाभ के अलावा निधि का कोई भाग उसके सदस्यों के बीच बोनस या लाभांश के रूप में विभाजित नहीं किया जाएगा या अन्यथा वितरित नहीं किया जाएगा।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट बहु-राज्यीय सहकारी समिति के लाभ अर्जित करने वाली समिति के संबंध में शुद्ध लाभ की गणना वर्ष के सकल लाभ में से सभी अर्जित और बकाया राशियों पर अर्जित ब्याज, स्थापना शुल्क, ऋण और जमा पर देय ब्याज, लेखापरीक्षा शुल्क, मरम्मत सहित परिचालन व्यय, किराया, कर और मूल्यह्रास, कर्मचारियों को उस समय लागू बोनस भुगतान संबंधी कानून के तहत देय बोनस और ऐसे बोनस के लिए समतुल्य निधि, आयकर भुगतान और आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) के तहत अनुमोदित दान करने का प्रावधान, विकास छूट, विकास निधि का प्रावधान, अशोध्य ऋण निधि, मूल्य उतार-चढ़ाव निधि, लाभांश समतुल्य निधि, शेयर पूंजी मोचन निधि, निवेश उतार-चढ़ाव निधि, कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ का प्रावधान, और लाभ से सृजित किसी भी निधि के विरुद्ध समायोजित न किए गए अशोध्य ऋणों और हानियों के लिए प्रावधान या अपदस्थ करने के बाद की जाएगी।
बशर्ते कि ऐसी संस्था वर्ष के शुद्ध लाभ में पिछले वर्षों में अर्जित ब्याज को जोड़ सकती है, जिसे वास्तव में वर्ष के दौरान वसूल किया गया हो:
इसके अलावा, ऐसी बहु-राज्यीय सहकारी समितियों के मामले में, जिनमें शेयर पूंजी नहीं है, व्यय से अधिक आय को शुद्ध लाभ नहीं माना जाएगा और ऐसे अधिशेष का निपटान उपनियमों के अनुसार किया जाएगा।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट बहु-राज्यीय सहकारी समिति के लाभ अर्जित करने वाली समिति के संबंध में शुद्ध लाभ की गणना वर्ष के सकल लाभ में से सभी अर्जित और बकाया राशियों पर अर्जित ब्याज, स्थापना शुल्क, ऋण और जमा पर देय ब्याज, लेखापरीक्षा शुल्क, मरम्मत सहित परिचालन व्यय, किराया, कर और मूल्यह्रास, कर्मचारियों को उस समय लागू बोनस भुगतान संबंधी कानून के तहत देय बोनस और ऐसे बोनस के लिए समतुल्य निधि, आयकर भुगतान और आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) के तहत अनुमोदित दान करने का प्रावधान, विकास छूट, विकास निधि का प्रावधान, अशोध्य ऋण निधि, मूल्य उतार-चढ़ाव निधि, लाभांश समतुल्य निधि, शेयर पूंजी मोचन निधि, निवेश उतार-चढ़ाव निधि, कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ का प्रावधान, और लाभ से सृजित किसी भी निधि के विरुद्ध समायोजित न किए गए अशोध्य ऋणों और हानियों के लिए प्रावधान या अपदस्थ करने के बाद की जाएगी।
बशर्ते कि ऐसी संस्था वर्ष के शुद्ध लाभ में पिछले वर्षों में अर्जित ब्याज को जोड़ सकती है, जिसे वास्तव में वर्ष के दौरान वसूल किया गया हो:
इसके अलावा, ऐसी बहु-राज्यीय सहकारी समितियों के मामले में, जिनमें शेयर पूंजी नहीं है, व्यय से अधिक आय को शुद्ध लाभ नहीं माना जाएगा और ऐसे अधिशेष का निपटान उपनियमों के अनुसार किया जाएगा।
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