MSCOS Act 21अध्याय II · Central Registrar and Registration of Multi-state Co-operative Societies
धारा 21 · कुछ मामलों में बहुराज्यीय सहकारी समितियों के पंजीकरण प्रमाण पत्र को रद्द करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहां किसी बहुराज्यीय सहकारी समिति की संपूर्ण परिसंपत्तियां और देनदारियां किसी अन्य बहुराज्यीय सहकारी समिति को या धारा 17 के प्रावधानों के अनुसार किसी सहकारी समिति को हस्तांतरित कर दी जाती हैं, तो पहली उल्लिखित बहुराज्यीय सहकारी समिति का पंजीकरण रद्द हो जाएगा और समिति को भंग माना जाएगा और निगमित निकाय के रूप में उसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
(2) जहाँ दो या दो से अधिक बहु-राज्यीय सहकारी समितियों का धारा 17 के प्रावधानों के अनुसार एक नई बहु-राज्यीय सहकारी समिति में विलय हो जाता है, तो विलय करने वाली प्रत्येक समिति का पंजीकरण नई समिति के पंजीकरण पर रद्द हो जाएगा, और विलय करने वाली प्रत्येक समिति को भंग माना जाएगा और निगमित निकाय के रूप में उसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
(3) जहाँ कोई बहु-राज्यीय सहकारी समिति धारा 17 के प्रावधानों के अनुसार स्वयं को दो या दो से अधिक बहु-राज्यीय सहकारी समितियों या दो या दो से अधिक सहकारी समितियों में विभाजित करती है, तो नई समितियों के पंजीकरण पर उस समिति का पंजीकरण रद्द हो जाएगा और वह समिति भंग मानी जाएगी और निगमित निकाय के रूप में उसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
(4) बहुराज्यीय सहकारी समितियों के विलय या विभाजन से परिणामी बहुराज्यीय सहकारी समिति या समितियों के किसी भी अधिकार या दायित्व पर किसी भी प्रकार से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और न ही बहुराज्यीय सहकारी समिति या समितियों द्वारा या उनके विरुद्ध किसी भी कानूनी कार्यवाही पर कोई दोष उत्पन्न होगा, और विलय या विभाजन से पहले बहुराज्यीय सहकारी समिति या समितियों द्वारा या उनके विरुद्ध जारी रखी गई या शुरू की गई कोई भी कानूनी कार्यवाही परिणामी बहुराज्यीय सहकारी समिति या समितियों द्वारा या उनके विरुद्ध जारी रखी जा सकती है या शुरू की जा सकती है।
(2) जहाँ दो या दो से अधिक बहु-राज्यीय सहकारी समितियों का धारा 17 के प्रावधानों के अनुसार एक नई बहु-राज्यीय सहकारी समिति में विलय हो जाता है, तो विलय करने वाली प्रत्येक समिति का पंजीकरण नई समिति के पंजीकरण पर रद्द हो जाएगा, और विलय करने वाली प्रत्येक समिति को भंग माना जाएगा और निगमित निकाय के रूप में उसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
(3) जहाँ कोई बहु-राज्यीय सहकारी समिति धारा 17 के प्रावधानों के अनुसार स्वयं को दो या दो से अधिक बहु-राज्यीय सहकारी समितियों या दो या दो से अधिक सहकारी समितियों में विभाजित करती है, तो नई समितियों के पंजीकरण पर उस समिति का पंजीकरण रद्द हो जाएगा और वह समिति भंग मानी जाएगी और निगमित निकाय के रूप में उसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
(4) बहुराज्यीय सहकारी समितियों के विलय या विभाजन से परिणामी बहुराज्यीय सहकारी समिति या समितियों के किसी भी अधिकार या दायित्व पर किसी भी प्रकार से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और न ही बहुराज्यीय सहकारी समिति या समितियों द्वारा या उनके विरुद्ध किसी भी कानूनी कार्यवाही पर कोई दोष उत्पन्न होगा, और विलय या विभाजन से पहले बहुराज्यीय सहकारी समिति या समितियों द्वारा या उनके विरुद्ध जारी रखी गई या शुरू की गई कोई भी कानूनी कार्यवाही परिणामी बहुराज्यीय सहकारी समिति या समितियों द्वारा या उनके विरुद्ध जारी रखी जा सकती है या शुरू की जा सकती है।
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