MSCOS Act 104अध्याय XIV · Offences and Penalties
धारा 104 · अपराध और दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई बहुराज्यीय सहकारी समिति या उसका कोई अधिकारी या सदस्य जानबूझकर झूठा विवरण प्रस्तुत करे या झूठी जानकारी दे, या कोई व्यक्ति जानबूझकर या बिना किसी उचित कारण के इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत जारी किसी समन, अनुरोध या वैध लिखित आदेश की अवहेलना करे, या जानबूझकर इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत इस संबंध में अधिकृत व्यक्ति द्वारा उससे मांगी गई कोई जानकारी न दे, तो उसे कम से कम दो हजार रुपये और अधिकतम दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
(2) कोई भी नियोक्ता, जो पर्याप्त कारण के बिना, किसी बहु-राज्य सहकारी समिति को धारा 60 के तहत उसके द्वारा काटी गई राशि को ऐसी कटौती की तारीख से चौदह दिनों की अवधि के भीतर भुगतान करने में विफल रहता है, तो उस पर किसी अन्य कानून के तहत की जा सकने वाली किसी भी कार्रवाई पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, पांच हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
(3) कोई भी अधिकारी या संरक्षक जो जानबूझकर किसी बहुराज्यीय सहकारी समिति, जिसका वह अधिकारी या संरक्षक है, की पुस्तकों, खातों, दस्तावेजों, अभिलेखों, नकदी, सुरक्षा और अन्य संपत्ति की अभिरक्षा धारा 54, या धारा 70, या धारा 78, या धारा 79, या धारा 89 के तहत हकदार व्यक्ति को सौंपने में विफल रहता है, तो उसे दो हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा और निरंतर उल्लंघन के मामले में, पहले उल्लंघन के लिए दोषसिद्धि के बाद उल्लंघन जारी रहने वाले प्रत्येक दिन के लिए पांच हजार रुपये तक के अतिरिक्त जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
(4) धारा 38 की उपधारा (1) के परंतुक के अधीन प्रतिनिधियों के चुनाव से पहले, उसके दौरान या उसके बाद, या बोर्ड के सदस्यों के चुनाव से पहले,--
(क) किसी नामांकन पत्र को कपटपूर्ण ढंग से विकृत करता है या कपटपूर्ण ढंग से नष्ट करता है; या
(ख) किसी रिटर्निंग अधिकारी द्वारा या उसके अधिकार के तहत लगाई गई किसी सूची, सूचना या अन्य दस्तावेज को कपटपूर्वक विकृत करता है, नष्ट करता है या हटाता है; या
(ग) किसी मतपत्र या मतपत्र पर अंकित आधिकारिक चिह्न या पहचान पत्र को धोखाधड़ी से विकृत करता है या धोखाधड़ी से नष्ट करता है; या
(घ) उचित प्राधिकार के बिना किसी व्यक्ति को मतपत्र की आपूर्ति करता है या किसी व्यक्ति से मतपत्र प्राप्त करता है या मतपत्रों के कब्जे में रहता है; या
(ई) किसी मतपेटी में कानून द्वारा उसे डालने के लिए अधिकृत मतपत्र के अलावा कोई अन्य वस्तु धोखाधड़ी से डालता है; या
(f) उचित प्राधिकार के बिना चुनाव के प्रयोजनों के लिए उपयोग में आने वाली किसी भी मतपेटी या मतपत्रों को नष्ट करता है, ले जाता है, खोलता है या अन्यथा उनमें हस्तक्षेप करता है; या
(जी) धोखाधड़ी से या उचित अधिकार के बिना, जैसा भी मामला हो, उपरोक्त कृत्यों में से कोई भी करने का प्रयास करता है या जानबूझकर ऐसे किसी भी कृत्य को करने में सहायता या उकसाता है;
(h) किसी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी प्रकार का उपहार प्रदान करता है या किसी प्रकार का लाभ देने का वादा करता है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं--
(i) किसी व्यक्ति को चुनाव में उम्मीदवार के रूप में खड़े होने या न खड़े होने, या उम्मीदवार होने से अपना नाम वापस लेने या न लेने का निर्णय; या
(ii) किसी सदस्य को चुनाव में मतदान करने या मतदान से परहेज करने के लिए, या किसी व्यक्ति को चुनाव में खड़े होने या न खड़े होने या अपनी उम्मीदवारी वापस लेने या न लेने के लिए पुरस्कार के रूप में; या
(iii) किसी सदस्य द्वारा मतदान करने या मतदान से परहेज करने के कारण,
इसके लिए छह महीने तक की कारावास की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
(2) कोई भी नियोक्ता, जो पर्याप्त कारण के बिना, किसी बहु-राज्य सहकारी समिति को धारा 60 के तहत उसके द्वारा काटी गई राशि को ऐसी कटौती की तारीख से चौदह दिनों की अवधि के भीतर भुगतान करने में विफल रहता है, तो उस पर किसी अन्य कानून के तहत की जा सकने वाली किसी भी कार्रवाई पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, पांच हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
(3) कोई भी अधिकारी या संरक्षक जो जानबूझकर किसी बहुराज्यीय सहकारी समिति, जिसका वह अधिकारी या संरक्षक है, की पुस्तकों, खातों, दस्तावेजों, अभिलेखों, नकदी, सुरक्षा और अन्य संपत्ति की अभिरक्षा धारा 54, या धारा 70, या धारा 78, या धारा 79, या धारा 89 के तहत हकदार व्यक्ति को सौंपने में विफल रहता है, तो उसे दो हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा और निरंतर उल्लंघन के मामले में, पहले उल्लंघन के लिए दोषसिद्धि के बाद उल्लंघन जारी रहने वाले प्रत्येक दिन के लिए पांच हजार रुपये तक के अतिरिक्त जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
(4) धारा 38 की उपधारा (1) के परंतुक के अधीन प्रतिनिधियों के चुनाव से पहले, उसके दौरान या उसके बाद, या बोर्ड के सदस्यों के चुनाव से पहले,--
(क) किसी नामांकन पत्र को कपटपूर्ण ढंग से विकृत करता है या कपटपूर्ण ढंग से नष्ट करता है; या
(ख) किसी रिटर्निंग अधिकारी द्वारा या उसके अधिकार के तहत लगाई गई किसी सूची, सूचना या अन्य दस्तावेज को कपटपूर्वक विकृत करता है, नष्ट करता है या हटाता है; या
(ग) किसी मतपत्र या मतपत्र पर अंकित आधिकारिक चिह्न या पहचान पत्र को धोखाधड़ी से विकृत करता है या धोखाधड़ी से नष्ट करता है; या
(घ) उचित प्राधिकार के बिना किसी व्यक्ति को मतपत्र की आपूर्ति करता है या किसी व्यक्ति से मतपत्र प्राप्त करता है या मतपत्रों के कब्जे में रहता है; या
(ई) किसी मतपेटी में कानून द्वारा उसे डालने के लिए अधिकृत मतपत्र के अलावा कोई अन्य वस्तु धोखाधड़ी से डालता है; या
(f) उचित प्राधिकार के बिना चुनाव के प्रयोजनों के लिए उपयोग में आने वाली किसी भी मतपेटी या मतपत्रों को नष्ट करता है, ले जाता है, खोलता है या अन्यथा उनमें हस्तक्षेप करता है; या
(जी) धोखाधड़ी से या उचित अधिकार के बिना, जैसा भी मामला हो, उपरोक्त कृत्यों में से कोई भी करने का प्रयास करता है या जानबूझकर ऐसे किसी भी कृत्य को करने में सहायता या उकसाता है;
(h) किसी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी प्रकार का उपहार प्रदान करता है या किसी प्रकार का लाभ देने का वादा करता है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं--
(i) किसी व्यक्ति को चुनाव में उम्मीदवार के रूप में खड़े होने या न खड़े होने, या उम्मीदवार होने से अपना नाम वापस लेने या न लेने का निर्णय; या
(ii) किसी सदस्य को चुनाव में मतदान करने या मतदान से परहेज करने के लिए, या किसी व्यक्ति को चुनाव में खड़े होने या न खड़े होने या अपनी उम्मीदवारी वापस लेने या न लेने के लिए पुरस्कार के रूप में; या
(iii) किसी सदस्य द्वारा मतदान करने या मतदान से परहेज करने के कारण,
इसके लिए छह महीने तक की कारावास की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 6 माह
- जुर्माना
- ₹10,000
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
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