MSCOS Act 16अध्याय II · Central Registrar and Registration of Multi-state Co-operative Societies
धारा 16 · देयता।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के लागू होने के बाद असीमित देयता वाली कोई भी बहु-राज्यीय सहकारी समिति पंजीकृत नहीं की जाएगी:
बशर्ते कि जहां इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले असीमित देयता वाली बहु-राज्य सहकारी समिति कार्यरत थी, ऐसी समिति को प्रारंभ होने के एक वर्ष के भीतर या तो उसी रूप में कार्य करना जारी रखने या उप-धारा (2) से (4) में निर्दिष्ट प्रक्रिया का पालन करके स्वयं को सीमित देयता वाली बहु-राज्य सहकारी समिति में परिवर्तित करने का विकल्प प्रयोग करना होगा।
(2) इस अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, एक बहु-राज्य सहकारी समिति अपने उपनियमों में संशोधन करके अपनी देयता की सीमा को बदल सकती है।
(3) जब कोई बहु-राज्यीय सहकारी समिति अपनी देनदारी की सीमा में परिवर्तन करने का संकल्प पारित करती है, तो वह इसकी सूचना अपने सभी सदस्यों और लेनदारों को लिखित में देगी, और उपनियमों या अनुबंध में इसके विपरीत कुछ भी निहित होने के बावजूद, किसी भी सदस्य या लेनदार को सूचना की तामील की तारीख से एक महीने की अवधि के दौरान अपने शेयर, जमा या ऋण, जैसा भी मामला हो, निकालने का विकल्प होगा।
(4) कोई भी सदस्य या लेनदार जो उपधारा (3) में निर्दिष्ट अवधि के भीतर अपने विकल्प का प्रयोग नहीं करता है, उसे परिवर्तन के लिए सहमति दे दी गई मानी जाएगी।
(5) किसी बहु-राज्यीय सहकारी समिति के उपनियम में उसके दायित्व की सीमा को बदलने वाला संशोधन तब तक पंजीकृत नहीं किया जाएगा या प्रभावी नहीं होगा जब तक कि या तो--
(क) इसके लिए सभी सदस्यों और लेनदारों की सहमति प्राप्त कर ली गई है; या
(ख) उपधारा (3) में निर्दिष्ट अवधि के भीतर विकल्प का प्रयोग करने वाले सदस्यों और लेनदारों के सभी दावों का पूर्ण रूप से निपटारा कर दिया गया है या अन्यथा संतुष्ट कर दिया गया है।
बशर्ते कि जहां इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले असीमित देयता वाली बहु-राज्य सहकारी समिति कार्यरत थी, ऐसी समिति को प्रारंभ होने के एक वर्ष के भीतर या तो उसी रूप में कार्य करना जारी रखने या उप-धारा (2) से (4) में निर्दिष्ट प्रक्रिया का पालन करके स्वयं को सीमित देयता वाली बहु-राज्य सहकारी समिति में परिवर्तित करने का विकल्प प्रयोग करना होगा।
(2) इस अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, एक बहु-राज्य सहकारी समिति अपने उपनियमों में संशोधन करके अपनी देयता की सीमा को बदल सकती है।
(3) जब कोई बहु-राज्यीय सहकारी समिति अपनी देनदारी की सीमा में परिवर्तन करने का संकल्प पारित करती है, तो वह इसकी सूचना अपने सभी सदस्यों और लेनदारों को लिखित में देगी, और उपनियमों या अनुबंध में इसके विपरीत कुछ भी निहित होने के बावजूद, किसी भी सदस्य या लेनदार को सूचना की तामील की तारीख से एक महीने की अवधि के दौरान अपने शेयर, जमा या ऋण, जैसा भी मामला हो, निकालने का विकल्प होगा।
(4) कोई भी सदस्य या लेनदार जो उपधारा (3) में निर्दिष्ट अवधि के भीतर अपने विकल्प का प्रयोग नहीं करता है, उसे परिवर्तन के लिए सहमति दे दी गई मानी जाएगी।
(5) किसी बहु-राज्यीय सहकारी समिति के उपनियम में उसके दायित्व की सीमा को बदलने वाला संशोधन तब तक पंजीकृत नहीं किया जाएगा या प्रभावी नहीं होगा जब तक कि या तो--
(क) इसके लिए सभी सदस्यों और लेनदारों की सहमति प्राप्त कर ली गई है; या
(ख) उपधारा (3) में निर्दिष्ट अवधि के भीतर विकल्प का प्रयोग करने वाले सदस्यों और लेनदारों के सभी दावों का पूर्ण रूप से निपटारा कर दिया गया है या अन्यथा संतुष्ट कर दिया गया है।
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