MSCOS Act 3अध्याय I · Preliminary
धारा 3 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(क) "संचालन क्षेत्र" से तात्पर्य उस क्षेत्र से है जहाँ से व्यक्तियों को सदस्य के रूप में भर्ती किया जाता है;
(ख) "बोर्ड" से तात्पर्य किसी बहु-राज्यीय सहकारी समिति के निदेशक मंडल या शासी निकाय से है, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जिसे समिति के मामलों के प्रबंधन का निर्देशन और नियंत्रण सौंपा गया है;
(ग) "उपनियम" से तात्पर्य उन उपनियमों से है जो इस अधिनियम के तहत विधिवत पंजीकृत हैं या पंजीकृत माने जाते हैं तथा उनमें किए गए संशोधन भी शामिल हैं जो इस अधिनियम के तहत विधिवत पंजीकृत हैं या पंजीकृत माने जाते हैं;
(घ) "केंद्रीय रजिस्ट्रार" से तात्पर्य धारा 4 की उपधारा (1) के अधीन नियुक्त सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार से है तथा इसमें उस धारा की उपधारा (2) के अधीन केंद्रीय रजिस्ट्रार की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत कोई भी अधिकारी शामिल है;
(ई) "मुख्य कार्यकारी" से तात्पर्य धारा 51 के तहत नियुक्त बहु-राज्य सहकारी समिति के मुख्य कार्यकारी से है;
(f) "सहकारी बैंक" से तात्पर्य एक बहु-राज्यीय सहकारी समिति से है जो बैंकिंग व्यवसाय करती है;
(जी) "सहकारी सिद्धांत" से तात्पर्य प्रथम अनुसूची में निर्दिष्ट सहकारी सिद्धांतों से है;
(h) "सहकारी समिति" से तात्पर्य किसी राज्य में उस समय लागू सहकारी समितियों से संबंधित किसी कानून के तहत पंजीकृत या पंजीकृत मानी जाने वाली समिति से है;
(i) किसी बहु-राज्यीय सहकारी समिति या ऐसी समितियों के वर्ग के संबंध में "सहकारी वर्ष" का अर्थ उस वर्ष के 31 मार्च को समाप्त होने वाला वर्ष है, और यदि ऐसी समिति या ऐसी समितियों के वर्ग के खाते केंद्रीय रजिस्ट्रार की पूर्व स्वीकृति से किसी अन्य दिन संतुलित किए जाते हैं, तो उस दिन समाप्त होने वाला वर्ष;
(जे) "जमा बीमा निगम" से तात्पर्य जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम से है, जिसकी स्थापना जमा बीमा निगम अधिनियम, 1961 (47 ऑफ 1961) की धारा 3 के तहत की गई है;
(k) "संघीय सहकारी" से तात्पर्य इस अधिनियम के तहत पंजीकृत सहकारी समितियों के संघ से है, जिसकी सदस्यता केवल सहकारी समिति या बहु-राज्यीय सहकारी समिति के लिए ही उपलब्ध है;
(एल) "आम सभा", किसी बहु-राज्य सहकारी समिति के संबंध में, उस समिति के सभी सदस्यों को संदर्भित करती है और किसी राष्ट्रीय सहकारी समिति या संघीय सहकारी समिति के संबंध में, सदस्य सहकारी समितियों के सभी प्रतिनिधियों या बहु-राज्य सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों को संदर्भित करती है और इसमें धारा 38 की उपधारा (1) के प्रथम परंतुक के तहत गठित निकाय शामिल है;
(m) "आम बैठक" से तात्पर्य बहुराज्यीय सहकारी समितियों की आम सभा की बैठक से है तथा इसमें विशेष आम बैठक भी शामिल है;
(n) "सदस्य" से तात्पर्य किसी बहु-राज्य सहकारी समिति के पंजीकरण हेतु आवेदन में शामिल होने वाले व्यक्ति से है तथा इसमें इस अधिनियम, नियमों और उपनियमों के प्रावधानों के अनुसार ऐसे पंजीकरण के बाद सदस्यता प्राप्त करने वाले व्यक्ति भी शामिल हैं;
(ओ) "सदस्य सहकारी" से तात्पर्य एक सहकारी समिति या एक बहुराज्यीय सहकारी समिति से है जो एक संघीय सहकारी की सदस्य है;
(पी) "बहु-राज्य सहकारी समिति" से तात्पर्य इस अधिनियम के तहत पंजीकृत या पंजीकृत मानी जाने वाली समिति से है और इसमें राष्ट्रीय सहकारी समिति और संघीय सहकारी समिति शामिल है;
(q) "सीमित देयता वाली बहु-राज्यीय सहकारी समिति" से तात्पर्य ऐसी समिति से है जिसके सदस्यों की देयता उसके उपनियमों द्वारा उनके द्वारा धारित शेयरों पर, यदि कोई हो, अदा न की गई राशि तक या ऐसी राशि तक सीमित है, जिसे वे क्रमशः समिति की परिसंपत्तियों में योगदान करने का वचन देते हैं, यदि समिति का परिसमापन किया जाता है;
(आर) "राष्ट्रीय सहकारी समिति" से तात्पर्य द्वितीय अनुसूची में निर्दिष्ट बहु-राज्य सहकारी समिति से है;
(एस) "अधिसूचना" से तात्पर्य राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है;
(टी) "अधिकारी" से तात्पर्य अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रबंध निदेशक, सचिव, प्रबंधक, बोर्ड के सदस्य, कोषाध्यक्ष, परिसमापक, धारा 123 के तहत नियुक्त प्रशासक से है और इसमें इस अधिनियम या नियमों या उपनियमों के तहत बहु-राज्य सहकारी समिति के व्यवसाय के संबंध में निर्देश देने के लिए सशक्त कोई अन्य व्यक्ति शामिल है;
(u) "निर्धारित" का अर्थ नियमों द्वारा निर्धारित है;
(v) "रिजर्व बैंक" से तात्पर्य भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (2 ऑफ 1934) के तहत गठित भारतीय रिजर्व बैंक से है;
(w) "नियम" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों से है।
(क) "संचालन क्षेत्र" से तात्पर्य उस क्षेत्र से है जहाँ से व्यक्तियों को सदस्य के रूप में भर्ती किया जाता है;
(ख) "बोर्ड" से तात्पर्य किसी बहु-राज्यीय सहकारी समिति के निदेशक मंडल या शासी निकाय से है, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जिसे समिति के मामलों के प्रबंधन का निर्देशन और नियंत्रण सौंपा गया है;
(ग) "उपनियम" से तात्पर्य उन उपनियमों से है जो इस अधिनियम के तहत विधिवत पंजीकृत हैं या पंजीकृत माने जाते हैं तथा उनमें किए गए संशोधन भी शामिल हैं जो इस अधिनियम के तहत विधिवत पंजीकृत हैं या पंजीकृत माने जाते हैं;
(घ) "केंद्रीय रजिस्ट्रार" से तात्पर्य धारा 4 की उपधारा (1) के अधीन नियुक्त सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार से है तथा इसमें उस धारा की उपधारा (2) के अधीन केंद्रीय रजिस्ट्रार की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत कोई भी अधिकारी शामिल है;
(ई) "मुख्य कार्यकारी" से तात्पर्य धारा 51 के तहत नियुक्त बहु-राज्य सहकारी समिति के मुख्य कार्यकारी से है;
(f) "सहकारी बैंक" से तात्पर्य एक बहु-राज्यीय सहकारी समिति से है जो बैंकिंग व्यवसाय करती है;
(जी) "सहकारी सिद्धांत" से तात्पर्य प्रथम अनुसूची में निर्दिष्ट सहकारी सिद्धांतों से है;
(h) "सहकारी समिति" से तात्पर्य किसी राज्य में उस समय लागू सहकारी समितियों से संबंधित किसी कानून के तहत पंजीकृत या पंजीकृत मानी जाने वाली समिति से है;
(i) किसी बहु-राज्यीय सहकारी समिति या ऐसी समितियों के वर्ग के संबंध में "सहकारी वर्ष" का अर्थ उस वर्ष के 31 मार्च को समाप्त होने वाला वर्ष है, और यदि ऐसी समिति या ऐसी समितियों के वर्ग के खाते केंद्रीय रजिस्ट्रार की पूर्व स्वीकृति से किसी अन्य दिन संतुलित किए जाते हैं, तो उस दिन समाप्त होने वाला वर्ष;
(जे) "जमा बीमा निगम" से तात्पर्य जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम से है, जिसकी स्थापना जमा बीमा निगम अधिनियम, 1961 (47 ऑफ 1961) की धारा 3 के तहत की गई है;
(k) "संघीय सहकारी" से तात्पर्य इस अधिनियम के तहत पंजीकृत सहकारी समितियों के संघ से है, जिसकी सदस्यता केवल सहकारी समिति या बहु-राज्यीय सहकारी समिति के लिए ही उपलब्ध है;
(एल) "आम सभा", किसी बहु-राज्य सहकारी समिति के संबंध में, उस समिति के सभी सदस्यों को संदर्भित करती है और किसी राष्ट्रीय सहकारी समिति या संघीय सहकारी समिति के संबंध में, सदस्य सहकारी समितियों के सभी प्रतिनिधियों या बहु-राज्य सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों को संदर्भित करती है और इसमें धारा 38 की उपधारा (1) के प्रथम परंतुक के तहत गठित निकाय शामिल है;
(m) "आम बैठक" से तात्पर्य बहुराज्यीय सहकारी समितियों की आम सभा की बैठक से है तथा इसमें विशेष आम बैठक भी शामिल है;
(n) "सदस्य" से तात्पर्य किसी बहु-राज्य सहकारी समिति के पंजीकरण हेतु आवेदन में शामिल होने वाले व्यक्ति से है तथा इसमें इस अधिनियम, नियमों और उपनियमों के प्रावधानों के अनुसार ऐसे पंजीकरण के बाद सदस्यता प्राप्त करने वाले व्यक्ति भी शामिल हैं;
(ओ) "सदस्य सहकारी" से तात्पर्य एक सहकारी समिति या एक बहुराज्यीय सहकारी समिति से है जो एक संघीय सहकारी की सदस्य है;
(पी) "बहु-राज्य सहकारी समिति" से तात्पर्य इस अधिनियम के तहत पंजीकृत या पंजीकृत मानी जाने वाली समिति से है और इसमें राष्ट्रीय सहकारी समिति और संघीय सहकारी समिति शामिल है;
(q) "सीमित देयता वाली बहु-राज्यीय सहकारी समिति" से तात्पर्य ऐसी समिति से है जिसके सदस्यों की देयता उसके उपनियमों द्वारा उनके द्वारा धारित शेयरों पर, यदि कोई हो, अदा न की गई राशि तक या ऐसी राशि तक सीमित है, जिसे वे क्रमशः समिति की परिसंपत्तियों में योगदान करने का वचन देते हैं, यदि समिति का परिसमापन किया जाता है;
(आर) "राष्ट्रीय सहकारी समिति" से तात्पर्य द्वितीय अनुसूची में निर्दिष्ट बहु-राज्य सहकारी समिति से है;
(एस) "अधिसूचना" से तात्पर्य राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है;
(टी) "अधिकारी" से तात्पर्य अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रबंध निदेशक, सचिव, प्रबंधक, बोर्ड के सदस्य, कोषाध्यक्ष, परिसमापक, धारा 123 के तहत नियुक्त प्रशासक से है और इसमें इस अधिनियम या नियमों या उपनियमों के तहत बहु-राज्य सहकारी समिति के व्यवसाय के संबंध में निर्देश देने के लिए सशक्त कोई अन्य व्यक्ति शामिल है;
(u) "निर्धारित" का अर्थ नियमों द्वारा निर्धारित है;
(v) "रिजर्व बैंक" से तात्पर्य भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (2 ऑफ 1934) के तहत गठित भारतीय रिजर्व बैंक से है;
(w) "नियम" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों से है।
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