MSCOS Act 110अध्याय XV · Miscellaneous
धारा 110 · आम बैठकों और बोर्ड तथा अन्य बैठकों की कार्यवाही का विवरण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक बहुराज्यीय सहकारी समिति प्रत्येक आम बैठक की कार्यवाही और अपने बोर्ड या बोर्ड की प्रत्येक समिति की बैठक की कार्यवाही का विवरण, संबंधित प्रत्येक बैठक के समापन के तीस दिनों के भीतर, उस उद्देश्य के लिए रखी गई पुस्तकों में क्रमानुसार क्रमांकित पृष्ठों के साथ प्रविष्टियाँ करके, रखवाएगी।
(2) ऐसी प्रत्येक पुस्तक के प्रत्येक पृष्ठ पर प्रारंभिक अक्षर या हस्ताक्षर किए जाएंगे तथा ऐसी पुस्तकों में प्रत्येक बैठक की कार्यवाही के अभिलेख के अंतिम पृष्ठ पर तिथि और हस्ताक्षर किए जाएंगे।
(क) बोर्ड या उसकी किसी समिति की बैठक की कार्यवाही के कार्यवृत्त के मामले में, उक्त बैठक के अध्यक्ष या अगली बैठक के अध्यक्ष द्वारा;
(ख) आम बैठक की कार्यवाही का विवरण तैयार करने के मामले में, उसी बैठक के अध्यक्ष द्वारा उपर्युक्त तीस दिनों की अवधि के भीतर, या उस अवधि के भीतर अध्यक्ष की मृत्यु या अक्षमता की स्थिति में, बोर्ड द्वारा इस उद्देश्य के लिए विधिवत अधिकृत बोर्ड के किसी सदस्य द्वारा।
(3) किसी भी स्थिति में बैठक की कार्यवाही का विवरण उपर्युक्त पुस्तकों में चिपकाकर या किसी अन्य तरीके से संलग्न नहीं किया जाएगा।
(4) प्रत्येक बैठक के कार्यवृत्त में उसमें हुई कार्यवाही का निष्पक्ष और सही सारांश होगा।
(5) उपर्युक्त बैठकों में की गई सभी पदाधिकारियों की नियुक्तियाँ बैठक के कार्यवृत्त में शामिल की जाएँगी।
(6) बोर्ड या बोर्ड की किसी समिति की बैठक की स्थिति में, कार्यवृत्त में निम्नलिखित बातें भी शामिल होंगी--
(क) बैठक में उपस्थित बोर्ड के सदस्यों के नाम; और
(ख) बैठक में पारित प्रत्येक प्रस्ताव के मामले में, यदि कोई हो, तो बोर्ड के उन सदस्यों के नाम, जो प्रस्ताव से असहमत हैं या उससे सहमत नहीं हैं।
(7) उपधारा (1) से (6) में निहित कोई भी बात ऐसी कार्यवाही में किसी भी मामले को शामिल करना अनिवार्य नहीं समझेगी, जो बैठक के अध्यक्ष की राय में—
(क) किसी व्यक्ति की मानहानि करता है, या उचित रूप से मानहानि करने वाला माना जा सकता है;
(ख) कार्यवाही के लिए अप्रासंगिक या महत्वहीन है; या
(ग) बहु-राज्यीय सहकारी समिति के हितों के लिए हानिकारक है।
स्पष्टीकरण .--अध्यक्ष को इस उपधारा में निर्दिष्ट आधारों पर कार्यवृत्त में किसी भी मामले को शामिल करने या न करने के संबंध में पूर्ण विवेकाधिकार होगा।
(2) ऐसी प्रत्येक पुस्तक के प्रत्येक पृष्ठ पर प्रारंभिक अक्षर या हस्ताक्षर किए जाएंगे तथा ऐसी पुस्तकों में प्रत्येक बैठक की कार्यवाही के अभिलेख के अंतिम पृष्ठ पर तिथि और हस्ताक्षर किए जाएंगे।
(क) बोर्ड या उसकी किसी समिति की बैठक की कार्यवाही के कार्यवृत्त के मामले में, उक्त बैठक के अध्यक्ष या अगली बैठक के अध्यक्ष द्वारा;
(ख) आम बैठक की कार्यवाही का विवरण तैयार करने के मामले में, उसी बैठक के अध्यक्ष द्वारा उपर्युक्त तीस दिनों की अवधि के भीतर, या उस अवधि के भीतर अध्यक्ष की मृत्यु या अक्षमता की स्थिति में, बोर्ड द्वारा इस उद्देश्य के लिए विधिवत अधिकृत बोर्ड के किसी सदस्य द्वारा।
(3) किसी भी स्थिति में बैठक की कार्यवाही का विवरण उपर्युक्त पुस्तकों में चिपकाकर या किसी अन्य तरीके से संलग्न नहीं किया जाएगा।
(4) प्रत्येक बैठक के कार्यवृत्त में उसमें हुई कार्यवाही का निष्पक्ष और सही सारांश होगा।
(5) उपर्युक्त बैठकों में की गई सभी पदाधिकारियों की नियुक्तियाँ बैठक के कार्यवृत्त में शामिल की जाएँगी।
(6) बोर्ड या बोर्ड की किसी समिति की बैठक की स्थिति में, कार्यवृत्त में निम्नलिखित बातें भी शामिल होंगी--
(क) बैठक में उपस्थित बोर्ड के सदस्यों के नाम; और
(ख) बैठक में पारित प्रत्येक प्रस्ताव के मामले में, यदि कोई हो, तो बोर्ड के उन सदस्यों के नाम, जो प्रस्ताव से असहमत हैं या उससे सहमत नहीं हैं।
(7) उपधारा (1) से (6) में निहित कोई भी बात ऐसी कार्यवाही में किसी भी मामले को शामिल करना अनिवार्य नहीं समझेगी, जो बैठक के अध्यक्ष की राय में—
(क) किसी व्यक्ति की मानहानि करता है, या उचित रूप से मानहानि करने वाला माना जा सकता है;
(ख) कार्यवाही के लिए अप्रासंगिक या महत्वहीन है; या
(ग) बहु-राज्यीय सहकारी समिति के हितों के लिए हानिकारक है।
स्पष्टीकरण .--अध्यक्ष को इस उपधारा में निर्दिष्ट आधारों पर कार्यवृत्त में किसी भी मामले को शामिल करने या न करने के संबंध में पूर्ण विवेकाधिकार होगा।
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