MSCOS Act 85Aअध्याय IX · Redressal of Complaints
धारा 85A · सहकारी लोकपाल।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [85ए. सहकारी लोकपाल.-- (1) केंद्र सरकार, बहुराज्यीय सहकारी समितियों के किसी सदस्य द्वारा उनकी जमा राशि, समिति के कामकाज के न्यायसंगत लाभ या संबंधित सदस्य के व्यक्तिगत अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी अन्य मुद्दे के संबंध में की गई शिकायतों की जांच के लिए क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र वाले एक या एक से अधिक सहकारी लोकपाल नियुक्त करेगी, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(2) सहकारी लोकपाल शिकायत प्राप्त होने पर, जांच प्रक्रिया पूरी करेगा और शिकायत प्राप्त होने की तिथि से तीन महीने की अवधि के भीतर निर्णय देगा तथा जांच के दौरान समिति को आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है तथा समिति ऐसे निर्देश जारी होने की तिथि से एक महीने की अवधि के भीतर उनका पालन करने के लिए बाध्य होगी।
(3) लोकपाल के किसी भी निर्देश से पीड़ित बहु-राज्यीय सहकारी समिति, निर्धारित तरीके से एक माह की अवधि के भीतर केंद्रीय रजिस्ट्रार के समक्ष अपील दायर कर सकती है, जो पैंतालीस दिनों की अवधि के भीतर अपील का निर्णय करेगा और केंद्रीय रजिस्ट्रार का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा:
बशर्ते कि केंद्रीय रजिस्ट्रार उक्त एक महीने की अवधि समाप्त होने के बाद भी अपील पर विचार कर सकता है, यदि वह संतुष्ट है कि पर्याप्त कारण से समिति समय पर अपील दायर करने में असमर्थ थी।
(4) लोकपाल सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार को आवधिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
(5) उपधारा (1) के तहत जांच करते समय सहकारिता लोकपाल को वही शक्तियां प्राप्त होंगी जो सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के तहत किसी सिविल न्यायालय को प्राप्त हैं।
(क) व्यक्तियों को बुलाने और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए;
(ख) शपथ पर उनकी जांच करना;
(ग) लेखा-पुस्तकों और अन्य दस्तावेजों की खोज और प्रस्तुति; और
(घ) कोई अन्य मामला जो निर्धारित किया जा सके।]
(2) सहकारी लोकपाल शिकायत प्राप्त होने पर, जांच प्रक्रिया पूरी करेगा और शिकायत प्राप्त होने की तिथि से तीन महीने की अवधि के भीतर निर्णय देगा तथा जांच के दौरान समिति को आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है तथा समिति ऐसे निर्देश जारी होने की तिथि से एक महीने की अवधि के भीतर उनका पालन करने के लिए बाध्य होगी।
(3) लोकपाल के किसी भी निर्देश से पीड़ित बहु-राज्यीय सहकारी समिति, निर्धारित तरीके से एक माह की अवधि के भीतर केंद्रीय रजिस्ट्रार के समक्ष अपील दायर कर सकती है, जो पैंतालीस दिनों की अवधि के भीतर अपील का निर्णय करेगा और केंद्रीय रजिस्ट्रार का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा:
बशर्ते कि केंद्रीय रजिस्ट्रार उक्त एक महीने की अवधि समाप्त होने के बाद भी अपील पर विचार कर सकता है, यदि वह संतुष्ट है कि पर्याप्त कारण से समिति समय पर अपील दायर करने में असमर्थ थी।
(4) लोकपाल सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार को आवधिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
(5) उपधारा (1) के तहत जांच करते समय सहकारिता लोकपाल को वही शक्तियां प्राप्त होंगी जो सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के तहत किसी सिविल न्यायालय को प्राप्त हैं।
(क) व्यक्तियों को बुलाने और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए;
(ख) शपथ पर उनकी जांच करना;
(ग) लेखा-पुस्तकों और अन्य दस्तावेजों की खोज और प्रस्तुति; और
(घ) कोई अन्य मामला जो निर्धारित किया जा सके।]
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
