Electricity Act 82अध्याय X · Constitution, powers and functions of State Commissions
धारा 82 · राज्य आयोग का गठन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक राज्य सरकार, नियुक्त तिथि से छह महीने के भीतर, अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए राज्य के लिए एक आयोग का गठन करेगी, जिसे (राज्य का नाम) विद्युत नियामक आयोग के नाम से जाना जाएगा:
बशर्ते कि किसी राज्य सरकार द्वारा विद्युत विनियामक आयोग अधिनियम, 1998 (14 ऑफ 1998) की धारा 17 और अनुसूची में निर्दिष्ट अधिनियमों के तहत स्थापित और नियुक्ति तिथि से ठीक पहले इस रूप में कार्यरत राज्य विद्युत विनियामक आयोग, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए राज्य आयोग होगा और इसके अध्यक्ष, सदस्य, सचिव और अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी उन्हीं शर्तों और नियमों पर अपने पद पर बने रहेंगे जिन पर उन्हें उन अधिनियमों के तहत नियुक्त किया गया था।
इसके अलावा, इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले विद्युत विनियामक आयोग अधिनियम, 1998 (14 ऑफ 1998) या अनुसूची में निर्दिष्ट अधिनियमों के तहत नियुक्त राज्य आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों को धारा 85 की उपधारा (1) के तहत गठित चयन समिति की सिफारिशों पर संबंधित राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम के तहत नियम और शर्तों का विकल्प चुनने की अनुमति दी जा सकती है।
(2) राज्य आयोग उपर्युक्त नाम से निगमित निकाय होगा, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर होगी, और उसे चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्ति प्राप्त करने, धारण करने और निपटाने तथा अनुबंध करने का अधिकार होगा तथा उक्त नाम से मुकदमा कर सकता है या उस पर मुकदमा किया जा सकता है।
(3) राज्य आयोग का प्रधान कार्यालय ऐसे स्थान पर होगा जिसे राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट करे।
(4) राज्य आयोग में अध्यक्ष सहित तीन से अधिक सदस्य नहीं होंगे।
(5) राज्य आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति धारा 85 में निर्दिष्ट चयन समिति की सिफारिश पर राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
बशर्ते कि किसी राज्य सरकार द्वारा विद्युत विनियामक आयोग अधिनियम, 1998 (14 ऑफ 1998) की धारा 17 और अनुसूची में निर्दिष्ट अधिनियमों के तहत स्थापित और नियुक्ति तिथि से ठीक पहले इस रूप में कार्यरत राज्य विद्युत विनियामक आयोग, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए राज्य आयोग होगा और इसके अध्यक्ष, सदस्य, सचिव और अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी उन्हीं शर्तों और नियमों पर अपने पद पर बने रहेंगे जिन पर उन्हें उन अधिनियमों के तहत नियुक्त किया गया था।
इसके अलावा, इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले विद्युत विनियामक आयोग अधिनियम, 1998 (14 ऑफ 1998) या अनुसूची में निर्दिष्ट अधिनियमों के तहत नियुक्त राज्य आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों को धारा 85 की उपधारा (1) के तहत गठित चयन समिति की सिफारिशों पर संबंधित राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम के तहत नियम और शर्तों का विकल्प चुनने की अनुमति दी जा सकती है।
(2) राज्य आयोग उपर्युक्त नाम से निगमित निकाय होगा, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर होगी, और उसे चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्ति प्राप्त करने, धारण करने और निपटाने तथा अनुबंध करने का अधिकार होगा तथा उक्त नाम से मुकदमा कर सकता है या उस पर मुकदमा किया जा सकता है।
(3) राज्य आयोग का प्रधान कार्यालय ऐसे स्थान पर होगा जिसे राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट करे।
(4) राज्य आयोग में अध्यक्ष सहित तीन से अधिक सदस्य नहीं होंगे।
(5) राज्य आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति धारा 85 में निर्दिष्ट चयन समिति की सिफारिश पर राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
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