Electricity Act 161अध्याय XVII · Protective clauses
धारा 161 · दुर्घटनाओं और चोटों की सूचना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि किसी व्यक्ति की विद्युत लाइनों या विद्युत संयंत्र के किसी भाग में या उससे संबंधित विद्युत उत्पादन, पारेषण, वितरण, आपूर्ति या उपयोग के संबंध में कोई दुर्घटना घटित होती है और दुर्घटना के परिणामस्वरूप मानव या पशु जीवन की हानि होती है या होने की संभावना होती है या किसी मानव या पशु को कोई चोट लगती है, तो ऐसा व्यक्ति दुर्घटना घटित होने और दुर्घटना के कारण वास्तव में हुई किसी भी हानि या चोट की सूचना, निर्धारित प्रपत्र में और निर्धारित समय के भीतर, विद्युत निरीक्षक या उपर्युक्त किसी अन्य व्यक्ति को तथा ऐसे अन्य अधिकारियों को देगा जिन्हें उपयुक्त सरकार सामान्य या विशेष आदेश द्वारा निर्देशित कर सकती है।
(2) उपयुक्त सरकार, यदि वह उचित समझे, तो किसी विद्युत निरीक्षक या इस संबंध में उसके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति से जाँच करने और रिपोर्ट देने की अपेक्षा कर सकती है--
(क) सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी दुर्घटना के कारण के संबंध में, जो बिजली के उत्पादन, पारेषण, वितरण, आपूर्ति या उपयोग के कारण या उससे संबंधित हो सकती है, या
(ख) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों या किसी लाइसेंस के प्रावधानों का, जहां तक वे प्रावधान किसी व्यक्ति की सुरक्षा को प्रभावित करते हैं, किस प्रकार और किस हद तक अनुपालन किया गया है।
(3) उपधारा (2) के तहत जांच करने वाले प्रत्येक विद्युत निरीक्षक या अन्य व्यक्ति को गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और दस्तावेजों और भौतिक वस्तुओं को प्रस्तुत करने के लिए बाध्य करने के उद्देश्य से सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के तहत सिविल न्यायालय की सभी शक्तियां प्राप्त होंगी, और विद्युत निरीक्षक द्वारा मांगे गए प्रत्येक व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 176 के अर्थ में ऐसा करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य किया जाएगा।
(2) उपयुक्त सरकार, यदि वह उचित समझे, तो किसी विद्युत निरीक्षक या इस संबंध में उसके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति से जाँच करने और रिपोर्ट देने की अपेक्षा कर सकती है--
(क) सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी दुर्घटना के कारण के संबंध में, जो बिजली के उत्पादन, पारेषण, वितरण, आपूर्ति या उपयोग के कारण या उससे संबंधित हो सकती है, या
(ख) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों या किसी लाइसेंस के प्रावधानों का, जहां तक वे प्रावधान किसी व्यक्ति की सुरक्षा को प्रभावित करते हैं, किस प्रकार और किस हद तक अनुपालन किया गया है।
(3) उपधारा (2) के तहत जांच करने वाले प्रत्येक विद्युत निरीक्षक या अन्य व्यक्ति को गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और दस्तावेजों और भौतिक वस्तुओं को प्रस्तुत करने के लिए बाध्य करने के उद्देश्य से सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के तहत सिविल न्यायालय की सभी शक्तियां प्राप्त होंगी, और विद्युत निरीक्षक द्वारा मांगे गए प्रत्येक व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 176 के अर्थ में ऐसा करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य किया जाएगा।
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