Electricity Act 138अध्याय XIV · Offences and Penalties
धारा 138 · लाइसेंसधारी के मीटरों या कार्यों में हस्तक्षेप करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जो कोई भी,--
(क) किसी लाइसेंसधारी द्वारा बिजली की आपूर्ति की जाने वाली किसी भी विद्युत लाइन से किसी मीटर, संकेतक या उपकरण को अनाधिकृत रूप से जोड़ता है या उसे ऐसी किसी विद्युत लाइन से अलग करता है; या
(ख) किसी लाइसेंसधारी की संपत्ति वाली किसी विद्युत लाइन या अन्य कार्य से किसी मीटर, संकेतक या उपकरण को अनधिकृत रूप से पुनः जोड़ता है, जबकि उक्त विद्युत लाइन या अन्य कार्य काट दिया गया हो या डिस्कनेक्ट कर दिया गया हो; या
(ग) किसी लाइसेंसधारी के स्वामित्व वाले किसी अन्य कार्यों के साथ संचार करने के उद्देश्य से किसी कार्य को स्थापित करता है या स्थापित करवाता है, या जोड़ता है; या।
(घ) लाइसेंसधारी के किसी मीटर, संकेतक या उपकरण को दुर्भावनापूर्ण ढंग से क्षति पहुंचाता है या जानबूझकर या कपटपूर्ण तरीके से ऐसे किसी मीटर, संकेतक या उपकरण के सूचकांक में परिवर्तन करता है या ऐसे किसी मीटर, संकेतक या उपकरण को विधिवत रूप से दर्ज होने से रोकता है।
इसके लिए तीन वर्ष तक के कारावास, या दस हजार रुपये तक के जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा, और यदि अपराध निरंतर जारी रहता है, तो प्रतिदिन पांच सौ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा; और यदि यह सिद्ध हो जाता है कि खंड (क) में निर्दिष्ट कनेक्शन बनाने, खंड (ख) में निर्दिष्ट पुनः कनेक्शन करने, या खंड (ग) में निर्दिष्ट संचार करने, या खंड ( घ) में निर्दिष्ट परिवर्तन या रोकथाम करने के लिए कोई साधन मौजूद है, और मीटर, संकेतक या उपकरण उपभोक्ता की हिरासत या नियंत्रण में है, चाहे वह उसकी संपत्ति हो या नहीं, तो जब तक इसके विपरीत सिद्ध न हो जाए, यह माना जाएगा कि ऐसा कनेक्शन, पुनः कनेक्शन, संचार, परिवर्तन, रोकथाम या अनुचित उपयोग, जैसा भी मामला हो, उपभोक्ता द्वारा जानबूझकर और स्वेच्छा से किया गया है।
(क) किसी लाइसेंसधारी द्वारा बिजली की आपूर्ति की जाने वाली किसी भी विद्युत लाइन से किसी मीटर, संकेतक या उपकरण को अनाधिकृत रूप से जोड़ता है या उसे ऐसी किसी विद्युत लाइन से अलग करता है; या
(ख) किसी लाइसेंसधारी की संपत्ति वाली किसी विद्युत लाइन या अन्य कार्य से किसी मीटर, संकेतक या उपकरण को अनधिकृत रूप से पुनः जोड़ता है, जबकि उक्त विद्युत लाइन या अन्य कार्य काट दिया गया हो या डिस्कनेक्ट कर दिया गया हो; या
(ग) किसी लाइसेंसधारी के स्वामित्व वाले किसी अन्य कार्यों के साथ संचार करने के उद्देश्य से किसी कार्य को स्थापित करता है या स्थापित करवाता है, या जोड़ता है; या।
(घ) लाइसेंसधारी के किसी मीटर, संकेतक या उपकरण को दुर्भावनापूर्ण ढंग से क्षति पहुंचाता है या जानबूझकर या कपटपूर्ण तरीके से ऐसे किसी मीटर, संकेतक या उपकरण के सूचकांक में परिवर्तन करता है या ऐसे किसी मीटर, संकेतक या उपकरण को विधिवत रूप से दर्ज होने से रोकता है।
इसके लिए तीन वर्ष तक के कारावास, या दस हजार रुपये तक के जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा, और यदि अपराध निरंतर जारी रहता है, तो प्रतिदिन पांच सौ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा; और यदि यह सिद्ध हो जाता है कि खंड (क) में निर्दिष्ट कनेक्शन बनाने, खंड (ख) में निर्दिष्ट पुनः कनेक्शन करने, या खंड (ग) में निर्दिष्ट संचार करने, या खंड ( घ) में निर्दिष्ट परिवर्तन या रोकथाम करने के लिए कोई साधन मौजूद है, और मीटर, संकेतक या उपकरण उपभोक्ता की हिरासत या नियंत्रण में है, चाहे वह उसकी संपत्ति हो या नहीं, तो जब तक इसके विपरीत सिद्ध न हो जाए, यह माना जाएगा कि ऐसा कनेक्शन, पुनः कनेक्शन, संचार, परिवर्तन, रोकथाम या अनुचित उपयोग, जैसा भी मामला हो, उपभोक्ता द्वारा जानबूझकर और स्वेच्छा से किया गया है।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 3 वर्ष
- जुर्माना
- ₹10,000
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
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