Electricity Act 14अध्याय IV · Licensing
धारा 14 · लाइसेंस प्रदान करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
उपयुक्त आयोग धारा 15 के तहत प्राप्त आवेदन पर किसी भी व्यक्ति को लाइसेंस प्रदान कर सकता है--
(क) विद्युत संचरण लाइसेंसधारी के रूप में विद्युत संचरण करना; या
(ख) वितरण लाइसेंसधारी के रूप में बिजली का वितरण करना; या
(ग) विद्युत व्यापारी के रूप में विद्युत का व्यापार करना,
लाइसेंस में निर्दिष्ट किसी भी क्षेत्र में:
बशर्ते कि निरस्त कानूनों या अनुसूची में निर्दिष्ट किसी अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियुक्त तिथि को या उससे पहले विद्युत पारेषण या आपूर्ति के व्यवसाय में लगे किसी भी व्यक्ति को इस अधिनियम के तहत लाइसेंसधारी माना जाएगा, उस अवधि के लिए जो उसे निरस्त कानूनों या अनुसूची में निर्दिष्ट ऐसे अधिनियम के तहत प्रदान किए गए लाइसेंस, मंजूरी या अनुमोदन में निर्धारित की गई हो, और ऐसे लाइसेंस के संबंध में निरस्त कानूनों या अनुसूची में निर्दिष्ट ऐसे अधिनियम के प्रावधान इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए या लाइसेंसधारी के अनुरोध पर उपयुक्त आयोग द्वारा निर्दिष्ट की गई ऐसी पूर्व अवधि के लिए लागू होंगे और उसके बाद इस अधिनियम के प्रावधान ऐसे व्यवसाय पर लागू होंगे।
इसके अलावा, केंद्रीय पारेषण उपयोगिता या राज्य पारेषण उपयोगिता को इस अधिनियम के तहत पारेषण लाइसेंसधारी माना जाएगा:
इसके अलावा, यदि कोई उपयुक्त सरकार इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले या बाद में बिजली का संचरण करती है, बिजली का वितरण करती है या बिजली का व्यापार करती है, तो ऐसी सरकार को इस अधिनियम के तहत लाइसेंसधारी माना जाएगा, लेकिन उसे इस अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी।
इसके अलावा, दामोदर घाटी निगम अधिनियम, 1948 (14 ऑफ 1948) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत स्थापित दामोदर घाटी निगम को इस अधिनियम के तहत लाइसेंसधारी माना जाएगा, लेकिन उसे इस अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी और दामोदर घाटी निगम अधिनियम, 1948 (14 ऑफ 1948) के प्रावधान, जहां तक वे इस अधिनियम के प्रावधानों के साथ असंगत नहीं हैं, उस निगम पर लागू होते रहेंगे।
इसके अलावा, सरकारी कंपनी या इस अधिनियम की धारा 131 की उपधारा (2) में निर्दिष्ट कंपनी और अनुसूची में निर्दिष्ट अधिनियमों के अनुसरण में बनाई गई कंपनी या कंपनियां इस अधिनियम के तहत लाइसेंसधारी मानी जाएंगी:
इसके अलावा, यह भी प्रावधान है कि उपयुक्त आयोग एक ही क्षेत्र के भीतर अपनी स्वयं की वितरण प्रणाली के माध्यम से बिजली वितरण के लिए दो या दो से अधिक व्यक्तियों को लाइसेंस प्रदान कर सकता है, इस शर्त के अधीन कि एक ही क्षेत्र के भीतर लाइसेंस प्रदान करने के लिए आवेदक, इस अधिनियम के तहत अन्य शर्तों या आवश्यकताओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अतिरिक्त आवश्यकताओं [पूंजी पर्याप्तता, साख योग्यता, या आचार संहिता से संबंधित] का अनुपालन करेगा, और लाइसेंस प्रदान करने के लिए सभी आवश्यकताओं का अनुपालन करने वाले किसी भी आवेदक को इस आधार पर लाइसेंस प्रदान करने से इनकार नहीं किया जाएगा कि उसी क्षेत्र में उसी उद्देश्य के लिए पहले से ही कोई लाइसेंसधारी मौजूद है।
इसके अलावा, यदि कोई वितरण लाइसेंसधारी अपने आपूर्ति क्षेत्र के भीतर किसी निर्दिष्ट क्षेत्र में बिजली का वितरण किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से करने का प्रस्ताव करता है, तो उस व्यक्ति को संबंधित राज्य आयोग से कोई अलग लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी और ऐसा वितरण लाइसेंसधारी अपने आपूर्ति क्षेत्र में बिजली के वितरण के लिए जिम्मेदार होगा।
इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्र में बिजली उत्पन्न और वितरित करना चाहता है, तो ऐसे व्यक्ति को बिजली के उत्पादन और वितरण के लिए किसी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन उसे उन उपायों का पालन करना होगा जो प्राधिकरण द्वारा धारा 53 के तहत निर्दिष्ट किए जा सकते हैं।
इसके अलावा, वितरण लाइसेंसधारी को बिजली का व्यापार करने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी।
(क) विद्युत संचरण लाइसेंसधारी के रूप में विद्युत संचरण करना; या
(ख) वितरण लाइसेंसधारी के रूप में बिजली का वितरण करना; या
(ग) विद्युत व्यापारी के रूप में विद्युत का व्यापार करना,
लाइसेंस में निर्दिष्ट किसी भी क्षेत्र में:
बशर्ते कि निरस्त कानूनों या अनुसूची में निर्दिष्ट किसी अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियुक्त तिथि को या उससे पहले विद्युत पारेषण या आपूर्ति के व्यवसाय में लगे किसी भी व्यक्ति को इस अधिनियम के तहत लाइसेंसधारी माना जाएगा, उस अवधि के लिए जो उसे निरस्त कानूनों या अनुसूची में निर्दिष्ट ऐसे अधिनियम के तहत प्रदान किए गए लाइसेंस, मंजूरी या अनुमोदन में निर्धारित की गई हो, और ऐसे लाइसेंस के संबंध में निरस्त कानूनों या अनुसूची में निर्दिष्ट ऐसे अधिनियम के प्रावधान इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए या लाइसेंसधारी के अनुरोध पर उपयुक्त आयोग द्वारा निर्दिष्ट की गई ऐसी पूर्व अवधि के लिए लागू होंगे और उसके बाद इस अधिनियम के प्रावधान ऐसे व्यवसाय पर लागू होंगे।
इसके अलावा, केंद्रीय पारेषण उपयोगिता या राज्य पारेषण उपयोगिता को इस अधिनियम के तहत पारेषण लाइसेंसधारी माना जाएगा:
इसके अलावा, यदि कोई उपयुक्त सरकार इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले या बाद में बिजली का संचरण करती है, बिजली का वितरण करती है या बिजली का व्यापार करती है, तो ऐसी सरकार को इस अधिनियम के तहत लाइसेंसधारी माना जाएगा, लेकिन उसे इस अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी।
इसके अलावा, दामोदर घाटी निगम अधिनियम, 1948 (14 ऑफ 1948) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत स्थापित दामोदर घाटी निगम को इस अधिनियम के तहत लाइसेंसधारी माना जाएगा, लेकिन उसे इस अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी और दामोदर घाटी निगम अधिनियम, 1948 (14 ऑफ 1948) के प्रावधान, जहां तक वे इस अधिनियम के प्रावधानों के साथ असंगत नहीं हैं, उस निगम पर लागू होते रहेंगे।
इसके अलावा, सरकारी कंपनी या इस अधिनियम की धारा 131 की उपधारा (2) में निर्दिष्ट कंपनी और अनुसूची में निर्दिष्ट अधिनियमों के अनुसरण में बनाई गई कंपनी या कंपनियां इस अधिनियम के तहत लाइसेंसधारी मानी जाएंगी:
इसके अलावा, यह भी प्रावधान है कि उपयुक्त आयोग एक ही क्षेत्र के भीतर अपनी स्वयं की वितरण प्रणाली के माध्यम से बिजली वितरण के लिए दो या दो से अधिक व्यक्तियों को लाइसेंस प्रदान कर सकता है, इस शर्त के अधीन कि एक ही क्षेत्र के भीतर लाइसेंस प्रदान करने के लिए आवेदक, इस अधिनियम के तहत अन्य शर्तों या आवश्यकताओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अतिरिक्त आवश्यकताओं [पूंजी पर्याप्तता, साख योग्यता, या आचार संहिता से संबंधित] का अनुपालन करेगा, और लाइसेंस प्रदान करने के लिए सभी आवश्यकताओं का अनुपालन करने वाले किसी भी आवेदक को इस आधार पर लाइसेंस प्रदान करने से इनकार नहीं किया जाएगा कि उसी क्षेत्र में उसी उद्देश्य के लिए पहले से ही कोई लाइसेंसधारी मौजूद है।
इसके अलावा, यदि कोई वितरण लाइसेंसधारी अपने आपूर्ति क्षेत्र के भीतर किसी निर्दिष्ट क्षेत्र में बिजली का वितरण किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से करने का प्रस्ताव करता है, तो उस व्यक्ति को संबंधित राज्य आयोग से कोई अलग लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी और ऐसा वितरण लाइसेंसधारी अपने आपूर्ति क्षेत्र में बिजली के वितरण के लिए जिम्मेदार होगा।
इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्र में बिजली उत्पन्न और वितरित करना चाहता है, तो ऐसे व्यक्ति को बिजली के उत्पादन और वितरण के लिए किसी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन उसे उन उपायों का पालन करना होगा जो प्राधिकरण द्वारा धारा 53 के तहत निर्दिष्ट किए जा सकते हैं।
इसके अलावा, वितरण लाइसेंसधारी को बिजली का व्यापार करने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी।
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