Electricity Act 152अध्याय XIV · Offences and Penalties
धारा 152 · अपराधों का समझौता।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) में किसी बात के होते हुए भी, उपयुक्त सरकार या इस संबंध में उसके द्वारा अधिकृत कोई अधिकारी, किसी उपभोक्ता या ऐसे व्यक्ति से, जिसने इस अधिनियम के तहत दंडनीय बिजली चोरी का अपराध किया हो या जिस पर ऐसा अपराध करने का उचित संदेह हो, अपराध के निपटारे के रूप में नीचे दी गई तालिका में निर्दिष्ट धनराशि स्वीकार कर सकता है:
मेज़
सेवा की प्रकृति: वह दर जिस पर निम्न वोल्टेज (एलटी) आपूर्ति के लिए प्रति किलोवाट (केडब्ल्यू)/हॉर्स पावर (एचपी) या उसके भाग के लिए तथा उच्च वोल्टेज (एचटी) के लिए अनुबंधित मांग के प्रति किलो वोल्ट एम्पीयर (केवीए) के लिए चक्रवृद्धि ब्याज के रूप में राशि एकत्र की जानी है।
(1) (2) 1. औद्योगिक सेवा बीस हजार रुपये;
2. वाणिज्यिक सेवा दस हजार रुपये;
3. कृषि सेवा दो हजार रुपये;
4. अन्य सेवाएं चार हजार रुपये:
बशर्ते कि उपयुक्त सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा उपरोक्त तालिका में निर्दिष्ट दरों में संशोधन कर सकती है।
(2) उपधारा (1) के अनुसार धनराशि का भुगतान करने पर, उस अपराध के संबंध में हिरासत में लिए गए किसी भी व्यक्ति को रिहा कर दिया जाएगा और ऐसे उपभोक्ता या व्यक्ति के विरुद्ध किसी भी आपराधिक न्यायालय में कोई कार्यवाही शुरू या जारी नहीं रखी जाएगी।
(3) उपधारा (1) के अनुसार किसी अपराध के निपटारे के लिए उपयुक्त सरकार या इस संबंध में अधिकृत अधिकारी द्वारा धन राशि की स्वीकृति दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 300 के अर्थ में दोषमुक्ति मानी जाएगी।
(4) उपधारा (1) के तहत किसी अपराध का समझौता किसी व्यक्ति या उपभोक्ता के लिए केवल एक बार ही किया जा सकेगा।
मेज़
सेवा की प्रकृति: वह दर जिस पर निम्न वोल्टेज (एलटी) आपूर्ति के लिए प्रति किलोवाट (केडब्ल्यू)/हॉर्स पावर (एचपी) या उसके भाग के लिए तथा उच्च वोल्टेज (एचटी) के लिए अनुबंधित मांग के प्रति किलो वोल्ट एम्पीयर (केवीए) के लिए चक्रवृद्धि ब्याज के रूप में राशि एकत्र की जानी है।
(1) (2) 1. औद्योगिक सेवा बीस हजार रुपये;
2. वाणिज्यिक सेवा दस हजार रुपये;
3. कृषि सेवा दो हजार रुपये;
4. अन्य सेवाएं चार हजार रुपये:
बशर्ते कि उपयुक्त सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा उपरोक्त तालिका में निर्दिष्ट दरों में संशोधन कर सकती है।
(2) उपधारा (1) के अनुसार धनराशि का भुगतान करने पर, उस अपराध के संबंध में हिरासत में लिए गए किसी भी व्यक्ति को रिहा कर दिया जाएगा और ऐसे उपभोक्ता या व्यक्ति के विरुद्ध किसी भी आपराधिक न्यायालय में कोई कार्यवाही शुरू या जारी नहीं रखी जाएगी।
(3) उपधारा (1) के अनुसार किसी अपराध के निपटारे के लिए उपयुक्त सरकार या इस संबंध में अधिकृत अधिकारी द्वारा धन राशि की स्वीकृति दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 300 के अर्थ में दोषमुक्ति मानी जाएगी।
(4) उपधारा (1) के तहत किसी अपराध का समझौता किसी व्यक्ति या उपभोक्ता के लिए केवल एक बार ही किया जा सकेगा।
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