Electricity Act 73अध्याय IX · Constitution and functions of Authority
धारा 73 · प्राधिकरण के कार्य और कर्तव्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
प्राधिकरण ऐसे कार्यों और कर्तव्यों का पालन करेगा जैसा कि केंद्र सरकार निर्धारित या निर्देशित करे, और विशेष रूप से—
(क) राष्ट्रीय विद्युत नीति से संबंधित मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देना, विद्युत प्रणाली के विकास के लिए अल्पकालिक और भावी योजनाएँ तैयार करना और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के हितों की पूर्ति के लिए संसाधनों के इष्टतम उपयोग हेतु योजना एजेंसियों की गतिविधियों का समन्वय करना तथा सभी उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और सस्ती बिजली उपलब्ध कराना;
(ख) विद्युत संयंत्रों, विद्युत लाइनों और ग्रिड से कनेक्टिविटी के निर्माण के लिए तकनीकी मानकों को निर्दिष्ट करना;
(ग) विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाइनों के निर्माण, संचालन और रखरखाव के लिए सुरक्षा आवश्यकताओं को निर्दिष्ट करना;
(घ) पारेषण लाइनों के संचालन और रखरखाव के लिए ग्रिड मानकों को निर्दिष्ट करना;
(ई) विद्युत पारेषण एवं आपूर्ति के लिए मीटर लगाने की शर्तें निर्दिष्ट करना;
(f) विद्युत व्यवस्था में सुधार और वृद्धि के लिए योजनाओं और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में प्रोत्साहन और सहायता प्रदान करना;
(जी) विद्युत उद्योग में कार्यरत व्यक्तियों के कौशल को बढ़ाने के उपायों को बढ़ावा देना;
(h) केंद्र सरकार को किसी ऐसे मामले पर सलाह देना जिस पर उसकी सलाह मांगी गई हो या उस सरकार को किसी ऐसे मामले पर सिफारिश करना, यदि प्राधिकरण की राय में, सिफारिश बिजली के उत्पादन, पारेषण, व्यापार, वितरण और उपयोग में सुधार लाने में सहायक होगी;
(i) बिजली के उत्पादन, पारेषण, व्यापार, वितरण और उपयोग से संबंधित आंकड़ों को एकत्र करना और रिकॉर्ड करना तथा लागत, दक्षता, प्रतिस्पर्धात्मकता और इसी तरह के मामलों से संबंधित अध्ययन करना;
(j) इस अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी को समय-समय पर सार्वजनिक करना और रिपोर्टों और जांचों के प्रकाशन का प्रावधान करना;
(k) बिजली के उत्पादन, पारेषण, वितरण और व्यापार को प्रभावित करने वाले मामलों में अनुसंधान को बढ़ावा देना;
(एल) बिजली उत्पन्न करने, संचारित करने या वितरित करने के उद्देश्य से कोई जांच करना, या करवाना;
(m) किसी राज्य सरकार, लाइसेंसधारियों या उत्पादन कंपनियों को ऐसे मामलों पर सलाह देना जिससे वे अपने स्वामित्व या नियंत्रण के अंतर्गत विद्युत प्रणाली को बेहतर ढंग से संचालित और रखरखाव कर सकें और जहां आवश्यक हो, किसी अन्य सरकार, लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी के साथ समन्वय स्थापित कर सकें जो किसी अन्य विद्युत प्रणाली का स्वामित्व रखती हो या उस पर नियंत्रण रखती हो;
(n) विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण से संबंधित सभी तकनीकी मामलों पर उपयुक्त सरकार और उपयुक्त आयोग को सलाह देना; और
(ओ) इस अधिनियम के अधीन दिए गए अन्य कार्यों का निर्वहन करना।
(क) राष्ट्रीय विद्युत नीति से संबंधित मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देना, विद्युत प्रणाली के विकास के लिए अल्पकालिक और भावी योजनाएँ तैयार करना और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के हितों की पूर्ति के लिए संसाधनों के इष्टतम उपयोग हेतु योजना एजेंसियों की गतिविधियों का समन्वय करना तथा सभी उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और सस्ती बिजली उपलब्ध कराना;
(ख) विद्युत संयंत्रों, विद्युत लाइनों और ग्रिड से कनेक्टिविटी के निर्माण के लिए तकनीकी मानकों को निर्दिष्ट करना;
(ग) विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाइनों के निर्माण, संचालन और रखरखाव के लिए सुरक्षा आवश्यकताओं को निर्दिष्ट करना;
(घ) पारेषण लाइनों के संचालन और रखरखाव के लिए ग्रिड मानकों को निर्दिष्ट करना;
(ई) विद्युत पारेषण एवं आपूर्ति के लिए मीटर लगाने की शर्तें निर्दिष्ट करना;
(f) विद्युत व्यवस्था में सुधार और वृद्धि के लिए योजनाओं और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में प्रोत्साहन और सहायता प्रदान करना;
(जी) विद्युत उद्योग में कार्यरत व्यक्तियों के कौशल को बढ़ाने के उपायों को बढ़ावा देना;
(h) केंद्र सरकार को किसी ऐसे मामले पर सलाह देना जिस पर उसकी सलाह मांगी गई हो या उस सरकार को किसी ऐसे मामले पर सिफारिश करना, यदि प्राधिकरण की राय में, सिफारिश बिजली के उत्पादन, पारेषण, व्यापार, वितरण और उपयोग में सुधार लाने में सहायक होगी;
(i) बिजली के उत्पादन, पारेषण, व्यापार, वितरण और उपयोग से संबंधित आंकड़ों को एकत्र करना और रिकॉर्ड करना तथा लागत, दक्षता, प्रतिस्पर्धात्मकता और इसी तरह के मामलों से संबंधित अध्ययन करना;
(j) इस अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी को समय-समय पर सार्वजनिक करना और रिपोर्टों और जांचों के प्रकाशन का प्रावधान करना;
(k) बिजली के उत्पादन, पारेषण, वितरण और व्यापार को प्रभावित करने वाले मामलों में अनुसंधान को बढ़ावा देना;
(एल) बिजली उत्पन्न करने, संचारित करने या वितरित करने के उद्देश्य से कोई जांच करना, या करवाना;
(m) किसी राज्य सरकार, लाइसेंसधारियों या उत्पादन कंपनियों को ऐसे मामलों पर सलाह देना जिससे वे अपने स्वामित्व या नियंत्रण के अंतर्गत विद्युत प्रणाली को बेहतर ढंग से संचालित और रखरखाव कर सकें और जहां आवश्यक हो, किसी अन्य सरकार, लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी के साथ समन्वय स्थापित कर सकें जो किसी अन्य विद्युत प्रणाली का स्वामित्व रखती हो या उस पर नियंत्रण रखती हो;
(n) विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण से संबंधित सभी तकनीकी मामलों पर उपयुक्त सरकार और उपयुक्त आयोग को सलाह देना; और
(ओ) इस अधिनियम के अधीन दिए गए अन्य कार्यों का निर्वहन करना।
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