Electricity Act 53अध्याय VI · Provisions with respect to supply generally
धारा 53 · सुरक्षा और बिजली आपूर्ति से संबंधित प्रावधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
प्राधिकरण, राज्य सरकार से परामर्श करके, निम्नलिखित के लिए उपयुक्त उपाय निर्दिष्ट कर सकता है:
(क) जनता (जिसमें बिजली के उत्पादन, पारेषण, वितरण या व्यापार में लगे व्यक्ति शामिल हैं) को बिजली के उत्पादन, पारेषण, वितरण या व्यापार से, या आपूर्ति की गई बिजली के उपयोग से, या किसी विद्युत लाइन या विद्युत संयंत्र की स्थापना, रखरखाव या उपयोग से उत्पन्न होने वाले खतरों से बचाना;
(ख) किसी व्यक्ति को शारीरिक चोट लगने, किसी व्यक्ति की संपत्ति को नुकसान पहुंचने या ऐसी संपत्ति के उपयोग में बाधा उत्पन्न होने के जोखिमों को समाप्त करना या कम करना;
(ग) निर्दिष्ट विनिर्देशों के अनुरूप प्रणाली के अलावा किसी अन्य माध्यम से विद्युत आपूर्ति या संचरण पर प्रतिबंध लगाना;
(घ) विद्युत आपूर्ति या पारेषण में दुर्घटनाओं और विफलताओं की सूचना निर्दिष्ट प्रपत्र में उपयुक्त आयोग और विद्युत निरीक्षक को देना;
(ई) बिजली उत्पादन कंपनी या लाइसेंसधारी द्वारा बिजली की आपूर्ति या पारेषण से संबंधित मानचित्र, योजनाएं और अनुभाग रखना;
(f) इसके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा या विद्युत निरीक्षक द्वारा या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा निर्दिष्ट शुल्क के भुगतान पर मानचित्रों, योजनाओं और खंडों का निरीक्षण;
(जी) किसी उपभोक्ता के नियंत्रण में किसी विद्युत लाइन या विद्युत संयंत्र, या किसी विद्युत उपकरण के संबंध में की जाने वाली कार्रवाई को निर्दिष्ट करना, जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत चोट या संपत्ति को नुकसान या उसके उपयोग में हस्तक्षेप के जोखिम को समाप्त करना या कम करना हो।
राज्य संशोधन
कर्नाटक
धारा 53क का सम्मिलन।-- विद्युत अधिनियम, 2003 (केंद्रीय अधिनियम 36 ऑफ 2003) (जिसे इसके बाद प्रधान अधिनियम कहा गया है) में धारा 53 के स्थान पर निम्नलिखित को जोड़ा जाएगा, अर्थात्:--
53-ए. सुरक्षा और विद्युत आपूर्ति से संबंधित राज्य सरकार की शक्तियां।-- जहां केंद्र सरकार या प्राधिकरण ने सुरक्षा उपायों और विद्युत आपूर्ति के पालन से संबंधित कोई प्रावधान नहीं किया है, वहां राज्य सरकार नियमों द्वारा निम्नलिखित के लिए प्रावधान कर सकती है,--
(क) मुख्य विद्युत निरीक्षक और विद्युत निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण के नियम और शर्तें तथा तरीका;
(ख) विद्युत ठेकेदारों को लाइसेंस जारी करने का तरीका, पर्यवेक्षकों और तारसाजों को परमिट और योग्यता प्रमाण पत्र जारी करने का तरीका;
(ग) विद्युत स्थापना रेखाचित्रों की जांच और अनुमोदन का तरीका,
(घ) मुख्य विद्युत निरीक्षक या विद्युत निरीक्षकों द्वारा प्रदान किए गए निरीक्षण या अन्य सेवाओं के लिए शुल्क लगाना; और
(ई) शुल्क की वसूली की दर और तरीका। यदि निर्धारित समय के भीतर जमा नहीं किया जाता है, तो उसे भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल किया जाएगा।
[कर्नाटक अधिनियम 39, 2014, धारा 2 देखें ]
(क) जनता (जिसमें बिजली के उत्पादन, पारेषण, वितरण या व्यापार में लगे व्यक्ति शामिल हैं) को बिजली के उत्पादन, पारेषण, वितरण या व्यापार से, या आपूर्ति की गई बिजली के उपयोग से, या किसी विद्युत लाइन या विद्युत संयंत्र की स्थापना, रखरखाव या उपयोग से उत्पन्न होने वाले खतरों से बचाना;
(ख) किसी व्यक्ति को शारीरिक चोट लगने, किसी व्यक्ति की संपत्ति को नुकसान पहुंचने या ऐसी संपत्ति के उपयोग में बाधा उत्पन्न होने के जोखिमों को समाप्त करना या कम करना;
(ग) निर्दिष्ट विनिर्देशों के अनुरूप प्रणाली के अलावा किसी अन्य माध्यम से विद्युत आपूर्ति या संचरण पर प्रतिबंध लगाना;
(घ) विद्युत आपूर्ति या पारेषण में दुर्घटनाओं और विफलताओं की सूचना निर्दिष्ट प्रपत्र में उपयुक्त आयोग और विद्युत निरीक्षक को देना;
(ई) बिजली उत्पादन कंपनी या लाइसेंसधारी द्वारा बिजली की आपूर्ति या पारेषण से संबंधित मानचित्र, योजनाएं और अनुभाग रखना;
(f) इसके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा या विद्युत निरीक्षक द्वारा या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा निर्दिष्ट शुल्क के भुगतान पर मानचित्रों, योजनाओं और खंडों का निरीक्षण;
(जी) किसी उपभोक्ता के नियंत्रण में किसी विद्युत लाइन या विद्युत संयंत्र, या किसी विद्युत उपकरण के संबंध में की जाने वाली कार्रवाई को निर्दिष्ट करना, जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत चोट या संपत्ति को नुकसान या उसके उपयोग में हस्तक्षेप के जोखिम को समाप्त करना या कम करना हो।
राज्य संशोधन
कर्नाटक
धारा 53क का सम्मिलन।-- विद्युत अधिनियम, 2003 (केंद्रीय अधिनियम 36 ऑफ 2003) (जिसे इसके बाद प्रधान अधिनियम कहा गया है) में धारा 53 के स्थान पर निम्नलिखित को जोड़ा जाएगा, अर्थात्:--
53-ए. सुरक्षा और विद्युत आपूर्ति से संबंधित राज्य सरकार की शक्तियां।-- जहां केंद्र सरकार या प्राधिकरण ने सुरक्षा उपायों और विद्युत आपूर्ति के पालन से संबंधित कोई प्रावधान नहीं किया है, वहां राज्य सरकार नियमों द्वारा निम्नलिखित के लिए प्रावधान कर सकती है,--
(क) मुख्य विद्युत निरीक्षक और विद्युत निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण के नियम और शर्तें तथा तरीका;
(ख) विद्युत ठेकेदारों को लाइसेंस जारी करने का तरीका, पर्यवेक्षकों और तारसाजों को परमिट और योग्यता प्रमाण पत्र जारी करने का तरीका;
(ग) विद्युत स्थापना रेखाचित्रों की जांच और अनुमोदन का तरीका,
(घ) मुख्य विद्युत निरीक्षक या विद्युत निरीक्षकों द्वारा प्रदान किए गए निरीक्षण या अन्य सेवाओं के लिए शुल्क लगाना; और
(ई) शुल्क की वसूली की दर और तरीका। यदि निर्धारित समय के भीतर जमा नहीं किया जाता है, तो उसे भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल किया जाएगा।
[कर्नाटक अधिनियम 39, 2014, धारा 2 देखें ]
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