Electricity Act 79अध्याय X · Constitution, powers and functions of Central Commission
धारा 79 · केंद्रीय आयोग के कार्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्रीय आयोग निम्नलिखित कार्यों का निर्वहन करेगा, अर्थात्:--
(क) केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाली उत्पादन कंपनियों के टैरिफ को विनियमित करना;
(ख) खंड (क) में निर्दिष्ट केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाली उत्पादन कंपनियों के अलावा अन्य उत्पादन कंपनियों के टैरिफ को विनियमित करना, यदि ऐसी उत्पादन कंपनियां एक से अधिक राज्यों में बिजली उत्पादन और बिक्री के लिए एक समग्र योजना में प्रवेश करती हैं या अन्यथा ऐसी योजना रखती हैं;
(ग) अंतरराज्यीय विद्युत संचरण को विनियमित करना;
(घ) अंतरराज्यीय विद्युत संचरण के लिए टैरिफ निर्धारित करना;
(ई) अंतरराज्यीय परिचालन के संबंध में पारेषण लाइसेंसधारी और बिजली व्यापारी के रूप में कार्य करने के लिए व्यक्तियों को लाइसेंस जारी करना;
(f) उपरोक्त खंड (क) से (घ) से संबंधित मामलों के संबंध में उत्पादन कंपनियों या पारेषण लाइसेंसधारी से जुड़े विवादों पर निर्णय करना और किसी भी विवाद को मध्यस्थता के लिए संदर्भित करना;
(जी) इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए शुल्क लगाना;
(h) ग्रिड मानकों को ध्यान में रखते हुए ग्रिड कोड निर्दिष्ट करना;
(i) लाइसेंसधारियों द्वारा सेवा की गुणवत्ता, निरंतरता और विश्वसनीयता के संबंध में मानकों को निर्दिष्ट करना और लागू करना;
(j) यदि आवश्यक समझा जाए तो अंतर-राज्यीय विद्युत व्यापार में व्यापार मार्जिन निर्धारित करना;
(k) इस अधिनियम के अधीन सौंपे गए ऐसे अन्य कार्यों का निर्वहन करना।
(2) केंद्रीय आयोग निम्नलिखित में से सभी या किसी भी मामले पर केंद्र सरकार को सलाह देगा, अर्थात्:--
(i) राष्ट्रीय विद्युत नीति और शुल्क नीति का निर्माण;
(ii) विद्युत उद्योग की गतिविधियों में प्रतिस्पर्धा, दक्षता और मितव्ययिता को बढ़ावा देना;
(iii) विद्युत उद्योग में निवेश को प्रोत्साहन;
(iv) उस सरकार द्वारा केंद्रीय आयोग को संदर्भित कोई अन्य मामला।
(3) केंद्रीय आयोग अपनी शक्तियों का प्रयोग करते समय और अपने कार्यों का निर्वहन करते समय पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।
(4) अपने कार्यों के निर्वहन में केंद्रीय आयोग धारा 3 के तहत प्रकाशित राष्ट्रीय विद्युत नीति, राष्ट्रीय विद्युत योजना और टैरिफ नीति द्वारा निर्देशित होगा।
(क) केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाली उत्पादन कंपनियों के टैरिफ को विनियमित करना;
(ख) खंड (क) में निर्दिष्ट केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाली उत्पादन कंपनियों के अलावा अन्य उत्पादन कंपनियों के टैरिफ को विनियमित करना, यदि ऐसी उत्पादन कंपनियां एक से अधिक राज्यों में बिजली उत्पादन और बिक्री के लिए एक समग्र योजना में प्रवेश करती हैं या अन्यथा ऐसी योजना रखती हैं;
(ग) अंतरराज्यीय विद्युत संचरण को विनियमित करना;
(घ) अंतरराज्यीय विद्युत संचरण के लिए टैरिफ निर्धारित करना;
(ई) अंतरराज्यीय परिचालन के संबंध में पारेषण लाइसेंसधारी और बिजली व्यापारी के रूप में कार्य करने के लिए व्यक्तियों को लाइसेंस जारी करना;
(f) उपरोक्त खंड (क) से (घ) से संबंधित मामलों के संबंध में उत्पादन कंपनियों या पारेषण लाइसेंसधारी से जुड़े विवादों पर निर्णय करना और किसी भी विवाद को मध्यस्थता के लिए संदर्भित करना;
(जी) इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए शुल्क लगाना;
(h) ग्रिड मानकों को ध्यान में रखते हुए ग्रिड कोड निर्दिष्ट करना;
(i) लाइसेंसधारियों द्वारा सेवा की गुणवत्ता, निरंतरता और विश्वसनीयता के संबंध में मानकों को निर्दिष्ट करना और लागू करना;
(j) यदि आवश्यक समझा जाए तो अंतर-राज्यीय विद्युत व्यापार में व्यापार मार्जिन निर्धारित करना;
(k) इस अधिनियम के अधीन सौंपे गए ऐसे अन्य कार्यों का निर्वहन करना।
(2) केंद्रीय आयोग निम्नलिखित में से सभी या किसी भी मामले पर केंद्र सरकार को सलाह देगा, अर्थात्:--
(i) राष्ट्रीय विद्युत नीति और शुल्क नीति का निर्माण;
(ii) विद्युत उद्योग की गतिविधियों में प्रतिस्पर्धा, दक्षता और मितव्ययिता को बढ़ावा देना;
(iii) विद्युत उद्योग में निवेश को प्रोत्साहन;
(iv) उस सरकार द्वारा केंद्रीय आयोग को संदर्भित कोई अन्य मामला।
(3) केंद्रीय आयोग अपनी शक्तियों का प्रयोग करते समय और अपने कार्यों का निर्वहन करते समय पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।
(4) अपने कार्यों के निर्वहन में केंद्रीय आयोग धारा 3 के तहत प्रकाशित राष्ट्रीय विद्युत नीति, राष्ट्रीय विद्युत योजना और टैरिफ नीति द्वारा निर्देशित होगा।
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