Electricity Act 104अध्याय X · Grants, Fund, Accounts, Audit and Report
धारा 104 · राज्य आयोग के लेखा-जोखा एवं लेखापरीक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राज्य आयोग उचित खाते और अन्य प्रासंगिक अभिलेख रखेगा तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के परामर्श से राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में वार्षिक लेखा विवरण तैयार करेगा।
(2) राज्य आयोग के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय राज्य आयोग द्वारा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और इस अधिनियम के अधीन राज्य आयोग के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति को ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी खातों की लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं, और विशेष रूप से, उन्हें पुस्तकों, खातों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने और राज्य आयोग के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित राज्य आयोग के खाते, लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित, प्रतिवर्ष राज्य सरकार को भेजे जाएंगे और वह सरकार इसे प्राप्त होने के बाद यथाशीघ्र राज्य विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
(2) राज्य आयोग के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय राज्य आयोग द्वारा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और इस अधिनियम के अधीन राज्य आयोग के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति को ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी खातों की लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं, और विशेष रूप से, उन्हें पुस्तकों, खातों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने और राज्य आयोग के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित राज्य आयोग के खाते, लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित, प्रतिवर्ष राज्य सरकार को भेजे जाएंगे और वह सरकार इसे प्राप्त होने के बाद यथाशीघ्र राज्य विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
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