Electricity Act 172अध्याय XVIII · Miscellaneous
धारा 172 · संक्रमणकालीन प्रावधानों।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम में इसके विपरीत कुछ होने के बावजूद,
(क) निरस्त कानूनों के तहत गठित राज्य विद्युत बोर्ड को राज्य पारेषण उपयोगिता और इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत लाइसेंसधारी माना जाएगा, नियुक्ति तिथि से या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किसी पूर्व तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए, और वह इस अधिनियम और इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों के प्रावधानों के अनुसार राज्य पारेषण उपयोगिता और लाइसेंसधारी के कर्तव्यों और कार्यों का पालन करेगा।
बशर्ते कि राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा राज्य विद्युत बोर्ड को उक्त एक वर्ष की अवधि के बाद ऐसी अतिरिक्त अवधि के लिए राज्य पारेषण उपयोगिता या लाइसेंसधारी के रूप में कार्य करना जारी रखने के लिए अधिकृत कर सकती है, जैसा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा पारस्परिक रूप से तय किया जा सकता है;
(ख) निरस्त कानूनों के प्रावधानों के तहत प्रदान किए गए सभी लाइसेंस, प्राधिकरण, अनुमोदन, मंजूरी और अनुमतियाँ, नियुक्त तिथि से एक वर्ष से अधिक की अवधि के लिए या ऐसी पूर्व अवधि के लिए, जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है, इस प्रकार लागू रहेंगे मानो निरस्त कानून ऐसे लाइसेंस, प्राधिकरण, अनुमोदन, मंजूरी और अनुमतियों के संबंध में लागू थे, जैसा भी मामला हो, और उसके बाद ऐसे लाइसेंस, प्राधिकरण, अनुमोदन, मंजूरी और अनुमतियाँ इस अधिनियम के तहत लाइसेंस, प्राधिकरण, अनुमोदन, मंजूरी और अनुमतियाँ मानी जाएंगी और इस अधिनियम के सभी प्रावधान ऐसे लाइसेंस, प्राधिकरण, अनुमोदन, मंजूरी और अनुमतियों पर तदनुसार लागू होंगे;
(ग) विद्युत (आपूर्ति) अधिनियम, 1948 (1948 का 54) की धारा 5 के तहत स्थापित राज्य विद्युत बोर्डों का उपक्रम खंड (क) में निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के बाद इस अधिनियम के भाग XIII के प्रावधानों के अनुसार हस्तांतरित किया जा सकता है;
(घ) राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा यह घोषित कर सकती है कि इस अधिनियम में निहित कोई या सभी प्रावधान उस राज्य में नियुक्ति तिथि से छह महीने से अधिक की अवधि के लिए लागू नहीं होंगे, जैसा कि अधिसूचना में निर्धारित किया जा सकता है।
(क) निरस्त कानूनों के तहत गठित राज्य विद्युत बोर्ड को राज्य पारेषण उपयोगिता और इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत लाइसेंसधारी माना जाएगा, नियुक्ति तिथि से या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किसी पूर्व तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए, और वह इस अधिनियम और इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों के प्रावधानों के अनुसार राज्य पारेषण उपयोगिता और लाइसेंसधारी के कर्तव्यों और कार्यों का पालन करेगा।
बशर्ते कि राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा राज्य विद्युत बोर्ड को उक्त एक वर्ष की अवधि के बाद ऐसी अतिरिक्त अवधि के लिए राज्य पारेषण उपयोगिता या लाइसेंसधारी के रूप में कार्य करना जारी रखने के लिए अधिकृत कर सकती है, जैसा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा पारस्परिक रूप से तय किया जा सकता है;
(ख) निरस्त कानूनों के प्रावधानों के तहत प्रदान किए गए सभी लाइसेंस, प्राधिकरण, अनुमोदन, मंजूरी और अनुमतियाँ, नियुक्त तिथि से एक वर्ष से अधिक की अवधि के लिए या ऐसी पूर्व अवधि के लिए, जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है, इस प्रकार लागू रहेंगे मानो निरस्त कानून ऐसे लाइसेंस, प्राधिकरण, अनुमोदन, मंजूरी और अनुमतियों के संबंध में लागू थे, जैसा भी मामला हो, और उसके बाद ऐसे लाइसेंस, प्राधिकरण, अनुमोदन, मंजूरी और अनुमतियाँ इस अधिनियम के तहत लाइसेंस, प्राधिकरण, अनुमोदन, मंजूरी और अनुमतियाँ मानी जाएंगी और इस अधिनियम के सभी प्रावधान ऐसे लाइसेंस, प्राधिकरण, अनुमोदन, मंजूरी और अनुमतियों पर तदनुसार लागू होंगे;
(ग) विद्युत (आपूर्ति) अधिनियम, 1948 (1948 का 54) की धारा 5 के तहत स्थापित राज्य विद्युत बोर्डों का उपक्रम खंड (क) में निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के बाद इस अधिनियम के भाग XIII के प्रावधानों के अनुसार हस्तांतरित किया जा सकता है;
(घ) राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा यह घोषित कर सकती है कि इस अधिनियम में निहित कोई या सभी प्रावधान उस राज्य में नियुक्ति तिथि से छह महीने से अधिक की अवधि के लिए लागू नहीं होंगे, जैसा कि अधिसूचना में निर्धारित किया जा सकता है।
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