Electricity Act 128अध्याय XII · Investigation and Enforcement
धारा 128 · कुछ मामलों की जांच।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) उपयुक्त आयोग, यदि संतुष्ट हो जाए कि किसी लाइसेंसधारी ने लाइसेंस की किसी शर्त का पालन नहीं किया है या किसी उत्पादन कंपनी या लाइसेंसधारी ने इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों या विनियमों के किसी प्रावधान का पालन नहीं किया है, तो किसी भी समय लिखित आदेश द्वारा, आदेश में निर्दिष्ट किसी व्यक्ति (जिसे इस धारा में आगे जांच प्राधिकारी कहा गया है) को किसी उत्पादन कंपनी या लाइसेंसधारी के मामलों की जांच करने और ऐसे जांच प्राधिकारी द्वारा की गई किसी भी जांच पर उस आयोग को रिपोर्ट देने का निर्देश दे सकता है:
बशर्ते कि जांच प्राधिकारी, जहां भी आवश्यक हो, इस धारा के अंतर्गत किसी भी जांच में सहायता के उद्देश्य से किसी लेखा परीक्षक या किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है।
(2) कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) की धारा 235 में किसी विपरीत प्रावधान के होते हुए भी, जांच प्राधिकरण किसी भी समय, और उपयुक्त आयोग द्वारा ऐसा करने का निर्देश दिए जाने पर, अपने एक या अधिक अधिकारियों द्वारा किसी लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी और उसके लेखा-पुस्तकों का निरीक्षण करवा सकता है; और जांच प्राधिकरण लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी, जैसा भी मामला हो, को ऐसे निरीक्षण पर अपनी रिपोर्ट की एक प्रति उपलब्ध कराएगा।
(3) लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी के प्रत्येक प्रबंधक, प्रबंध निदेशक या अन्य अधिकारी का यह कर्तव्य होगा कि वह उपधारा (1) के तहत जांच करने या उपधारा (2) के तहत निरीक्षण करने के लिए निर्देशित जांच प्राधिकारी के समक्ष अपने कब्जे या अधिकार में मौजूद सभी लेखा-पुस्तकों, रजिस्टरों और अन्य दस्तावेजों को प्रस्तुत करे और लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी के मामलों से संबंधित कोई भी विवरण और जानकारी उसे ऐसे समय के भीतर प्रदान करे जैसा उक्त जांच प्राधिकारी उससे मांगे।
(4) उपधारा (1) के तहत जांच करने या उपधारा (2) के तहत निरीक्षण करने के लिए निर्देशित कोई भी जांच प्राधिकरण, लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी के किसी भी प्रबंधक, प्रबंध निदेशक या अन्य अधिकारी से, जैसा भी मामला हो, उसके व्यवसाय के संबंध में शपथ पर पूछताछ कर सकता है और तदनुसार शपथ दिला सकता है।
(5) जांच प्राधिकारी, यदि उसे उपयुक्त आयोग द्वारा निरीक्षण कराने का निर्देश दिया गया है, तो वह इस धारा के अंतर्गत किए गए किसी भी निरीक्षण पर उपयुक्त आयोग को रिपोर्ट करेगा।
(6) उपधारा (1) या उपधारा (5) के तहत कोई रिपोर्ट प्राप्त होने पर, उपयुक्त आयोग, लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी, जैसा भी मामला हो, को रिपोर्ट के संबंध में ऐसा अभ्यावेदन करने का अवसर देने के बाद, जैसा उपयुक्त आयोग को उचित लगे, लिखित आदेश द्वारा--
(क) लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी को रिपोर्ट से उत्पन्न किसी भी मामले के संबंध में ऐसी कार्रवाई करने के लिए बाध्य करना जैसा उपयुक्त आयोग उचित समझे; या
(ख) लाइसेंस रद्द करना; या
(ग) बिजली उत्पादन कंपनी को बिजली उत्पादन का कारोबार बंद करने का निर्देश देना।
(7) उपयुक्त आयोग, लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी को उचित सूचना देने के बाद, उप-धारा (5) के तहत जांच प्राधिकरण द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट या उसके ऐसे भाग को प्रकाशित कर सकता है जिसे वह आवश्यक समझे।
(8) उपयुक्त आयोग लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी द्वारा अपनी पुस्तकों में रखी जाने वाली न्यूनतम जानकारी, ऐसी जानकारी को बनाए रखने का तरीका, लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी द्वारा इस संबंध में अपनाई जाने वाली जाँच और अन्य सत्यापन, और उससे संबंधित अन्य सभी मामलों को निर्दिष्ट कर सकता है, जो उसकी राय में, जाँच प्राधिकरण को इस धारा के तहत अपने कार्यों को संतोषजनक ढंग से पूरा करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक हैं।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, भारत में निगमित लाइसेंसधारी के मामले में, 'लाइसेंसधारी' या 'उत्पादन कंपनी' अभिव्यक्ति में निम्नलिखित शामिल होंगे--
(क) इसकी वे सभी सहायक कंपनियाँ जो विशेष रूप से भारत के बाहर बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण या व्यापार के व्यवसाय को संचालित करने के उद्देश्य से गठित की गई हैं; और
(ख) इसकी सभी शाखाएँ, चाहे वे भारत में स्थित हों या भारत के बाहर।
(9) इस धारा के अंतर्गत की गई किसी भी जाँच के सभी व्यय, और उससे संबंधित व्यय, लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी द्वारा वहन किए जाएँगे, जैसा भी मामला हो, और लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी से देय ऋणों पर इन्हें प्राथमिकता दी जाएगी तथा इन्हें भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल किया जाएगा।
बशर्ते कि जांच प्राधिकारी, जहां भी आवश्यक हो, इस धारा के अंतर्गत किसी भी जांच में सहायता के उद्देश्य से किसी लेखा परीक्षक या किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है।
(2) कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) की धारा 235 में किसी विपरीत प्रावधान के होते हुए भी, जांच प्राधिकरण किसी भी समय, और उपयुक्त आयोग द्वारा ऐसा करने का निर्देश दिए जाने पर, अपने एक या अधिक अधिकारियों द्वारा किसी लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी और उसके लेखा-पुस्तकों का निरीक्षण करवा सकता है; और जांच प्राधिकरण लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी, जैसा भी मामला हो, को ऐसे निरीक्षण पर अपनी रिपोर्ट की एक प्रति उपलब्ध कराएगा।
(3) लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी के प्रत्येक प्रबंधक, प्रबंध निदेशक या अन्य अधिकारी का यह कर्तव्य होगा कि वह उपधारा (1) के तहत जांच करने या उपधारा (2) के तहत निरीक्षण करने के लिए निर्देशित जांच प्राधिकारी के समक्ष अपने कब्जे या अधिकार में मौजूद सभी लेखा-पुस्तकों, रजिस्टरों और अन्य दस्तावेजों को प्रस्तुत करे और लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी के मामलों से संबंधित कोई भी विवरण और जानकारी उसे ऐसे समय के भीतर प्रदान करे जैसा उक्त जांच प्राधिकारी उससे मांगे।
(4) उपधारा (1) के तहत जांच करने या उपधारा (2) के तहत निरीक्षण करने के लिए निर्देशित कोई भी जांच प्राधिकरण, लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी के किसी भी प्रबंधक, प्रबंध निदेशक या अन्य अधिकारी से, जैसा भी मामला हो, उसके व्यवसाय के संबंध में शपथ पर पूछताछ कर सकता है और तदनुसार शपथ दिला सकता है।
(5) जांच प्राधिकारी, यदि उसे उपयुक्त आयोग द्वारा निरीक्षण कराने का निर्देश दिया गया है, तो वह इस धारा के अंतर्गत किए गए किसी भी निरीक्षण पर उपयुक्त आयोग को रिपोर्ट करेगा।
(6) उपधारा (1) या उपधारा (5) के तहत कोई रिपोर्ट प्राप्त होने पर, उपयुक्त आयोग, लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी, जैसा भी मामला हो, को रिपोर्ट के संबंध में ऐसा अभ्यावेदन करने का अवसर देने के बाद, जैसा उपयुक्त आयोग को उचित लगे, लिखित आदेश द्वारा--
(क) लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी को रिपोर्ट से उत्पन्न किसी भी मामले के संबंध में ऐसी कार्रवाई करने के लिए बाध्य करना जैसा उपयुक्त आयोग उचित समझे; या
(ख) लाइसेंस रद्द करना; या
(ग) बिजली उत्पादन कंपनी को बिजली उत्पादन का कारोबार बंद करने का निर्देश देना।
(7) उपयुक्त आयोग, लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी को उचित सूचना देने के बाद, उप-धारा (5) के तहत जांच प्राधिकरण द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट या उसके ऐसे भाग को प्रकाशित कर सकता है जिसे वह आवश्यक समझे।
(8) उपयुक्त आयोग लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी द्वारा अपनी पुस्तकों में रखी जाने वाली न्यूनतम जानकारी, ऐसी जानकारी को बनाए रखने का तरीका, लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी द्वारा इस संबंध में अपनाई जाने वाली जाँच और अन्य सत्यापन, और उससे संबंधित अन्य सभी मामलों को निर्दिष्ट कर सकता है, जो उसकी राय में, जाँच प्राधिकरण को इस धारा के तहत अपने कार्यों को संतोषजनक ढंग से पूरा करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक हैं।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, भारत में निगमित लाइसेंसधारी के मामले में, 'लाइसेंसधारी' या 'उत्पादन कंपनी' अभिव्यक्ति में निम्नलिखित शामिल होंगे--
(क) इसकी वे सभी सहायक कंपनियाँ जो विशेष रूप से भारत के बाहर बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण या व्यापार के व्यवसाय को संचालित करने के उद्देश्य से गठित की गई हैं; और
(ख) इसकी सभी शाखाएँ, चाहे वे भारत में स्थित हों या भारत के बाहर।
(9) इस धारा के अंतर्गत की गई किसी भी जाँच के सभी व्यय, और उससे संबंधित व्यय, लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी द्वारा वहन किए जाएँगे, जैसा भी मामला हो, और लाइसेंसधारी या उत्पादन कंपनी से देय ऋणों पर इन्हें प्राथमिकता दी जाएगी तथा इन्हें भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल किया जाएगा।
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