Electricity Act 70अध्याय IX · Constitution and functions of Authority
धारा 70 · केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण का संविधान, आदि।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के अधीन इसे सौंपे गए कार्यों का निष्पादन करने और कर्तव्यों का पालन करने के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण नामक एक निकाय होगा।
(2) केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, जो विद्युत (आपूर्ति) अधिनियम, 1948 (54 ऑफ 1948) की धारा 3 के तहत स्थापित किया गया है और नियुक्ति तिथि से ठीक पहले इस रूप में कार्य कर रहा है, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण होगा और इसके अध्यक्ष, सदस्य, सचिव और अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को इस अधिनियम के तहत नियुक्त माना जाएगा और वे उन्हीं शर्तों और नियमों पर पद धारण करते रहेंगे जिन पर उन्हें विद्युत (आपूर्ति) अधिनियम, 1948 के तहत नियुक्त किया गया था।
(3) प्राधिकरण में चौदह सदस्यों (इसके अध्यक्ष सहित) से अधिक सदस्य नहीं होंगे, जिनमें से आठ से अधिक पूर्णकालिक सदस्य नहीं होंगे, जिनकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी।
(4) केंद्र सरकार प्राधिकरण के सदस्य के रूप में नियुक्त होने के योग्य किसी भी व्यक्ति को प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है, या पूर्णकालिक सदस्यों में से किसी एक को प्राधिकरण का अध्यक्ष नामित कर सकती है।
(5) प्राधिकरण के सदस्यों की नियुक्ति योग्यता, सत्यनिष्ठा और प्रतिष्ठा वाले व्यक्तियों में से की जाएगी, जिन्हें इंजीनियरिंग, वित्त, वाणिज्य, अर्थशास्त्र या औद्योगिक मामलों से संबंधित समस्याओं से निपटने का ज्ञान और पर्याप्त अनुभव एवं क्षमता हो, और निम्नलिखित प्रत्येक श्रेणी से कम से कम एक सदस्य नियुक्त किया जाएगा, अर्थात्:--
(क) उत्पादन स्टेशनों के डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव में विशेषज्ञता के साथ इंजीनियरिंग;
(ख) विद्युत पारेषण एवं आपूर्ति में विशेषज्ञता के साथ इंजीनियरिंग;
(ग) विद्युत क्षेत्र में अनुप्रयुक्त अनुसंधान;
(घ) अनुप्रयुक्त अर्थशास्त्र, लेखांकन, वाणिज्य या वित्त।
(6) प्राधिकरण के अध्यक्ष और सभी सदस्य केंद्र सरकार की इच्छा के अनुसार पद पर बने रहेंगे।
(7) अध्यक्ष प्राधिकरण का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा।
(8) प्राधिकरण का मुख्यालय दिल्ली में होगा।
(9) प्राधिकरण अध्यक्ष द्वारा निर्देशित समय पर प्रधान कार्यालय या किसी अन्य स्थान पर बैठक करेगा और अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन के संबंध में प्रक्रिया के ऐसे नियमों का पालन करेगा (जिसमें बैठकों में कोरम भी शामिल है) जैसा वह निर्दिष्ट करे।
(10) अध्यक्ष, या यदि वह प्राधिकरण की बैठक में उपस्थित होने में असमर्थ है, तो अध्यक्ष द्वारा इस संबंध में नामित कोई अन्य सदस्य, और ऐसे नामांकन के अभाव में या जहां कोई अध्यक्ष नहीं है, वहां उपस्थित सदस्यों द्वारा अपने बीच से चुना गया कोई सदस्य बैठक की अध्यक्षता करेगा।
(11) प्राधिकरण की किसी भी बैठक के समक्ष आने वाले सभी प्रश्नों का निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत मतों द्वारा किया जाएगा, और मतों की समानता की स्थिति में, अध्यक्ष या अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति को दूसरा या निर्णायक मत डालने का अधिकार होगा।
(12) प्राधिकरण के सभी आदेश और निर्णय सचिव या अध्यक्ष द्वारा इस संबंध में विधिवत अधिकृत प्राधिकरण के किसी अन्य अधिकारी द्वारा प्रमाणित किए जाएंगे।
(13) प्राधिकरण के किसी भी कार्य या कार्यवाही पर केवल प्राधिकरण में किसी रिक्ति के अस्तित्व या प्राधिकरण के गठन में किसी दोष के आधार पर प्रश्न नहीं उठाया जाएगा या उसे अमान्य नहीं किया जाएगा।
(14) प्राधिकरण के अध्यक्ष और अन्य पूर्णकालिक सदस्यों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित वेतन और भत्ते प्राप्त होंगे तथा अन्य सदस्यों को प्राधिकरण की बैठकों में भाग लेने के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित भत्ते और शुल्क प्राप्त होंगे।
(15) प्राधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों की सेवा की अन्य शर्तें एवं नियम, उप-धारा (6) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, उनके कार्यकाल सहित, ऐसे होंगे जैसे केंद्र सरकार निर्धारित करे।
(2) केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, जो विद्युत (आपूर्ति) अधिनियम, 1948 (54 ऑफ 1948) की धारा 3 के तहत स्थापित किया गया है और नियुक्ति तिथि से ठीक पहले इस रूप में कार्य कर रहा है, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण होगा और इसके अध्यक्ष, सदस्य, सचिव और अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को इस अधिनियम के तहत नियुक्त माना जाएगा और वे उन्हीं शर्तों और नियमों पर पद धारण करते रहेंगे जिन पर उन्हें विद्युत (आपूर्ति) अधिनियम, 1948 के तहत नियुक्त किया गया था।
(3) प्राधिकरण में चौदह सदस्यों (इसके अध्यक्ष सहित) से अधिक सदस्य नहीं होंगे, जिनमें से आठ से अधिक पूर्णकालिक सदस्य नहीं होंगे, जिनकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी।
(4) केंद्र सरकार प्राधिकरण के सदस्य के रूप में नियुक्त होने के योग्य किसी भी व्यक्ति को प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है, या पूर्णकालिक सदस्यों में से किसी एक को प्राधिकरण का अध्यक्ष नामित कर सकती है।
(5) प्राधिकरण के सदस्यों की नियुक्ति योग्यता, सत्यनिष्ठा और प्रतिष्ठा वाले व्यक्तियों में से की जाएगी, जिन्हें इंजीनियरिंग, वित्त, वाणिज्य, अर्थशास्त्र या औद्योगिक मामलों से संबंधित समस्याओं से निपटने का ज्ञान और पर्याप्त अनुभव एवं क्षमता हो, और निम्नलिखित प्रत्येक श्रेणी से कम से कम एक सदस्य नियुक्त किया जाएगा, अर्थात्:--
(क) उत्पादन स्टेशनों के डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव में विशेषज्ञता के साथ इंजीनियरिंग;
(ख) विद्युत पारेषण एवं आपूर्ति में विशेषज्ञता के साथ इंजीनियरिंग;
(ग) विद्युत क्षेत्र में अनुप्रयुक्त अनुसंधान;
(घ) अनुप्रयुक्त अर्थशास्त्र, लेखांकन, वाणिज्य या वित्त।
(6) प्राधिकरण के अध्यक्ष और सभी सदस्य केंद्र सरकार की इच्छा के अनुसार पद पर बने रहेंगे।
(7) अध्यक्ष प्राधिकरण का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा।
(8) प्राधिकरण का मुख्यालय दिल्ली में होगा।
(9) प्राधिकरण अध्यक्ष द्वारा निर्देशित समय पर प्रधान कार्यालय या किसी अन्य स्थान पर बैठक करेगा और अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन के संबंध में प्रक्रिया के ऐसे नियमों का पालन करेगा (जिसमें बैठकों में कोरम भी शामिल है) जैसा वह निर्दिष्ट करे।
(10) अध्यक्ष, या यदि वह प्राधिकरण की बैठक में उपस्थित होने में असमर्थ है, तो अध्यक्ष द्वारा इस संबंध में नामित कोई अन्य सदस्य, और ऐसे नामांकन के अभाव में या जहां कोई अध्यक्ष नहीं है, वहां उपस्थित सदस्यों द्वारा अपने बीच से चुना गया कोई सदस्य बैठक की अध्यक्षता करेगा।
(11) प्राधिकरण की किसी भी बैठक के समक्ष आने वाले सभी प्रश्नों का निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत मतों द्वारा किया जाएगा, और मतों की समानता की स्थिति में, अध्यक्ष या अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति को दूसरा या निर्णायक मत डालने का अधिकार होगा।
(12) प्राधिकरण के सभी आदेश और निर्णय सचिव या अध्यक्ष द्वारा इस संबंध में विधिवत अधिकृत प्राधिकरण के किसी अन्य अधिकारी द्वारा प्रमाणित किए जाएंगे।
(13) प्राधिकरण के किसी भी कार्य या कार्यवाही पर केवल प्राधिकरण में किसी रिक्ति के अस्तित्व या प्राधिकरण के गठन में किसी दोष के आधार पर प्रश्न नहीं उठाया जाएगा या उसे अमान्य नहीं किया जाएगा।
(14) प्राधिकरण के अध्यक्ष और अन्य पूर्णकालिक सदस्यों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित वेतन और भत्ते प्राप्त होंगे तथा अन्य सदस्यों को प्राधिकरण की बैठकों में भाग लेने के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित भत्ते और शुल्क प्राप्त होंगे।
(15) प्राधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों की सेवा की अन्य शर्तें एवं नियम, उप-धारा (6) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, उनके कार्यकाल सहित, ऐसे होंगे जैसे केंद्र सरकार निर्धारित करे।
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