धारा 511 · त्रुटि, चूक या अनियमितता के कारण निर्णय या सजा को पलटा जा सकता है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इसमें पूर्वोक्त प्रावधानों के अधीन रहते हुए, सक्षम न्यायालय द्वारा पारित किसी भी निर्णय, सजा या आदेश को अपील न्यायालय, पुष्टिकरण न्यायालय या पुनरीक्षण न्यायालय द्वारा शिकायत, सम्मन, वारंट, उद्घोषणा, आदेश, निर्णय या अन्य कार्यवाही में, मुकदमे से पहले या उसके दौरान, या इस संहिता के अंतर्गत किसी भी जांच या अन्य कार्यवाही में, या अभियोजन के लिए किसी भी मंजूरी में किसी त्रुटि या अनियमितता के कारण उलट या परिवर्तित नहीं किया जाएगा, जब तक कि उस न्यायालय की राय में, वास्तव में न्याय में विफलता न हुई हो।
(2) इस संहिता के अंतर्गत किसी कार्यवाही में किसी त्रुटि, चूक या अनियमितता, या अभियोजन के लिए किसी स्वीकृति में किसी त्रुटि या अनियमितता के कारण न्याय में विफलता हुई है या नहीं, यह निर्धारित करते समय न्यायालय इस तथ्य पर विचार करेगा कि क्या आपत्ति कार्यवाही के प्रारंभिक चरण में उठाई जा सकती थी और उठाई जानी चाहिए थी।
(2) इस संहिता के अंतर्गत किसी कार्यवाही में किसी त्रुटि, चूक या अनियमितता, या अभियोजन के लिए किसी स्वीकृति में किसी त्रुटि या अनियमितता के कारण न्याय में विफलता हुई है या नहीं, यह निर्धारित करते समय न्यायालय इस तथ्य पर विचार करेगा कि क्या आपत्ति कार्यवाही के प्रारंभिक चरण में उठाई जा सकती थी और उठाई जानी चाहिए थी।
पुराने कानून में
BNSS 511CRPC 465
465. Finding or sentence when reversible by reason of error, omission or irregularity.
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