धारा 233 · किसी अपराध के संबंध में शिकायत का मामला और पुलिस जांच होने पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया।
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(1) जब किसी ऐसे मामले में, जो पुलिस रिपोर्ट के अलावा किसी अन्य आधार पर दर्ज किया गया हो (जिसे इसके बाद शिकायत मामला कहा जाएगा), मजिस्ट्रेट को उसके द्वारा की जा रही जांच या मुकदमे के दौरान यह प्रतीत हो कि पुलिस द्वारा उस अपराध के संबंध में जांच चल रही है जो उसके द्वारा की जा रही जांच या मुकदमे का विषय है, तो मजिस्ट्रेट ऐसी जांच या मुकदमे की कार्यवाही रोक देगा और जांच कर रहे पुलिस अधिकारी से इस मामले पर रिपोर्ट मंगवाएगा।
(2) यदि जांच पुलिस अधिकारी द्वारा धारा 193 के तहत कोई रिपोर्ट बनाई जाती है और ऐसी रिपोर्ट पर मजिस्ट्रेट द्वारा किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ किसी अपराध का संज्ञान लिया जाता है जो शिकायत मामले में आरोपी है, तो मजिस्ट्रेट शिकायत मामले और पुलिस रिपोर्ट से उत्पन्न मामले की एक साथ जांच करेगा या सुनवाई करेगा मानो दोनों मामले पुलिस रिपोर्ट पर दर्ज किए गए हों।
(3) यदि पुलिस रिपोर्ट शिकायत मामले में किसी आरोपी से संबंधित नहीं है या यदि मजिस्ट्रेट पुलिस रिपोर्ट पर किसी अपराध का संज्ञान नहीं लेता है, तो वह इस संहिता के प्रावधानों के अनुसार उस जांच या मुकदमे को आगे बढ़ाएगा, जिसे उसने स्थगित कर दिया था।
(2) यदि जांच पुलिस अधिकारी द्वारा धारा 193 के तहत कोई रिपोर्ट बनाई जाती है और ऐसी रिपोर्ट पर मजिस्ट्रेट द्वारा किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ किसी अपराध का संज्ञान लिया जाता है जो शिकायत मामले में आरोपी है, तो मजिस्ट्रेट शिकायत मामले और पुलिस रिपोर्ट से उत्पन्न मामले की एक साथ जांच करेगा या सुनवाई करेगा मानो दोनों मामले पुलिस रिपोर्ट पर दर्ज किए गए हों।
(3) यदि पुलिस रिपोर्ट शिकायत मामले में किसी आरोपी से संबंधित नहीं है या यदि मजिस्ट्रेट पुलिस रिपोर्ट पर किसी अपराध का संज्ञान नहीं लेता है, तो वह इस संहिता के प्रावधानों के अनुसार उस जांच या मुकदमे को आगे बढ़ाएगा, जिसे उसने स्थगित कर दिया था।
पुराने कानून में
BNSS 233CRPC 210
210. Procedure to be followed when there is a complaint case and police investigation in respect of the same offence.
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