धारा 531 · निरसन और बचत।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) को इसके द्वारा निरस्त किया जाता है।
(2) ऐसे निरसन के बावजूद---
(क) यदि इस संहिता के लागू होने की तिथि से ठीक पहले कोई अपील, आवेदन, मुकदमा, पूछताछ या जांच लंबित हो, तो ऐसी अपील, आवेदन, मुकदमा, पूछताछ या जांच का निपटारा, जारी रखना, आयोजित करना या करना, जैसा भी मामला हो, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा, जो इस संहिता के प्रारंभ होने से ठीक पहले लागू थे (जिसे इसके बाद उक्त संहिता कहा जाएगा), मानो यह संहिता लागू ही न हुई हो;
(ख) उक्त संहिता के अंतर्गत प्रकाशित सभी अधिसूचनाएँ, जारी की गई घोषणाएँ, प्रदत्त शक्तियाँ, नियमों द्वारा निर्धारित प्रपत्र, परिभाषित स्थानीय क्षेत्राधिकार, पारित सजाएँ और आदेश, नियम और नियुक्तियाँ, जो विशेष मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्तियाँ नहीं हैं, और जो इस संहिता के प्रारंभ होने से ठीक पहले लागू थीं, उन्हें क्रमशः इस संहिता के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत प्रकाशित, जारी, प्रदत्त, निर्दिष्ट, परिभाषित, पारित या की गई माना जाएगा;
(ग) उक्त संहिता के अधीन दी गई कोई स्वीकृति या सहमति, जिसके अनुसरण में उस संहिता के अधीन कोई कार्यवाही प्रारंभ नहीं की गई हो, इस संहिता के संगत प्रावधानों के अधीन दी गई मानी जाएगी और ऐसी स्वीकृति या सहमति के अनुसरण में इस संहिता के अधीन कार्यवाही प्रारंभ की जा सकती है।
(3) जहां उक्त संहिता के अंतर्गत किसी आवेदन या अन्य कार्यवाही के लिए निर्धारित अवधि इस संहिता के प्रारंभ होने से पहले या उस दिन समाप्त हो गई हो, तो इस संहिता में ऐसा कुछ नहीं माना जाएगा जिससे केवल इस कारण से कि इस संहिता में उसके लिए लंबी अवधि निर्धारित की गई है या इस संहिता में समय विस्तार के लिए प्रावधान किए गए हैं, ऐसे किसी आवेदन को करने या इस संहिता के अंतर्गत कार्यवाही शुरू करने की अनुमति मिल सके।
(2) ऐसे निरसन के बावजूद---
(क) यदि इस संहिता के लागू होने की तिथि से ठीक पहले कोई अपील, आवेदन, मुकदमा, पूछताछ या जांच लंबित हो, तो ऐसी अपील, आवेदन, मुकदमा, पूछताछ या जांच का निपटारा, जारी रखना, आयोजित करना या करना, जैसा भी मामला हो, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा, जो इस संहिता के प्रारंभ होने से ठीक पहले लागू थे (जिसे इसके बाद उक्त संहिता कहा जाएगा), मानो यह संहिता लागू ही न हुई हो;
(ख) उक्त संहिता के अंतर्गत प्रकाशित सभी अधिसूचनाएँ, जारी की गई घोषणाएँ, प्रदत्त शक्तियाँ, नियमों द्वारा निर्धारित प्रपत्र, परिभाषित स्थानीय क्षेत्राधिकार, पारित सजाएँ और आदेश, नियम और नियुक्तियाँ, जो विशेष मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्तियाँ नहीं हैं, और जो इस संहिता के प्रारंभ होने से ठीक पहले लागू थीं, उन्हें क्रमशः इस संहिता के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत प्रकाशित, जारी, प्रदत्त, निर्दिष्ट, परिभाषित, पारित या की गई माना जाएगा;
(ग) उक्त संहिता के अधीन दी गई कोई स्वीकृति या सहमति, जिसके अनुसरण में उस संहिता के अधीन कोई कार्यवाही प्रारंभ नहीं की गई हो, इस संहिता के संगत प्रावधानों के अधीन दी गई मानी जाएगी और ऐसी स्वीकृति या सहमति के अनुसरण में इस संहिता के अधीन कार्यवाही प्रारंभ की जा सकती है।
(3) जहां उक्त संहिता के अंतर्गत किसी आवेदन या अन्य कार्यवाही के लिए निर्धारित अवधि इस संहिता के प्रारंभ होने से पहले या उस दिन समाप्त हो गई हो, तो इस संहिता में ऐसा कुछ नहीं माना जाएगा जिससे केवल इस कारण से कि इस संहिता में उसके लिए लंबी अवधि निर्धारित की गई है या इस संहिता में समय विस्तार के लिए प्रावधान किए गए हैं, ऐसे किसी आवेदन को करने या इस संहिता के अंतर्गत कार्यवाही शुरू करने की अनुमति मिल सके।
पुराने कानून में
BNSS 531CRPC 484
484. Repeal and savings.
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