धारा 191 · शिकायतकर्ता और गवाहों को पुलिस अधिकारी के साथ जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें किसी प्रकार की रोक-टोक का शिकार नहीं बनाया जाएगा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
किसी भी शिकायतकर्ता या गवाह को किसी भी न्यायालय में जाते समय किसी पुलिस अधिकारी के साथ जाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, न ही उसे अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित या असुविधा में डाला जाएगा, और न ही उससे अपनी उपस्थिति के लिए अपने स्वयं के बांड के अलावा कोई अन्य जमानत देने की मांग की जाएगी।
बशर्ते कि यदि कोई शिकायतकर्ता या गवाह धारा 190 में निर्देशित अनुसार उपस्थित होने या बांड निष्पादित करने से इनकार करता है, तो पुलिस स्टेशन का प्रभारी अधिकारी उसे हिरासत में मजिस्ट्रेट के पास भेज सकता है, जो उसे तब तक हिरासत में रख सकता है जब तक वह ऐसा बांड निष्पादित नहीं कर देता या जब तक मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती।
बशर्ते कि यदि कोई शिकायतकर्ता या गवाह धारा 190 में निर्देशित अनुसार उपस्थित होने या बांड निष्पादित करने से इनकार करता है, तो पुलिस स्टेशन का प्रभारी अधिकारी उसे हिरासत में मजिस्ट्रेट के पास भेज सकता है, जो उसे तब तक हिरासत में रख सकता है जब तक वह ऐसा बांड निष्पादित नहीं कर देता या जब तक मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती।
पुराने कानून में
BNSS 191CRPC 171
171.Complainant and witnesses not to be required to accompany police officer and not to be subject to restraint.
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