धारा 279 · शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति या मृत्यु।
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(1) यदि शिकायत पर समन जारी किया गया है, और आरोपी की उपस्थिति के लिए निर्धारित दिन पर, या उसके बाद किसी ऐसे दिन पर जिस पर सुनवाई स्थगित की जा सकती है, शिकायतकर्ता उपस्थित नहीं होता है, तो मजिस्ट्रेट शिकायतकर्ता को उपस्थित होने के लिए तीस दिन का समय देने के बाद, इसमें पहले निहित किसी भी बात के बावजूद, आरोपी को बरी कर देगा, जब तक कि वह किसी कारण से मामले की सुनवाई को किसी अन्य दिन के लिए स्थगित करना उचित न समझे:
बशर्ते कि जहां शिकायतकर्ता का प्रतिनिधित्व किसी अधिवक्ता या अभियोजन चलाने वाले अधिकारी द्वारा किया जाता है या जहां मजिस्ट्रेट की राय है कि शिकायतकर्ता की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक नहीं है, तो मजिस्ट्रेट उसकी उपस्थिति से छूट दे सकता है और मामले की कार्यवाही आगे बढ़ा सकता है।
(2) उपधारा (1) के प्रावधान उन मामलों पर भी लागू होंगे जहां शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति उसकी मृत्यु के कारण हो।
बशर्ते कि जहां शिकायतकर्ता का प्रतिनिधित्व किसी अधिवक्ता या अभियोजन चलाने वाले अधिकारी द्वारा किया जाता है या जहां मजिस्ट्रेट की राय है कि शिकायतकर्ता की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक नहीं है, तो मजिस्ट्रेट उसकी उपस्थिति से छूट दे सकता है और मामले की कार्यवाही आगे बढ़ा सकता है।
(2) उपधारा (1) के प्रावधान उन मामलों पर भी लागू होंगे जहां शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति उसकी मृत्यु के कारण हो।
पुराने कानून में
BNSS 279CRPC 256
256. Non-appearance or death of complainant.
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