BNSS 382अध्याय XXVIII · Provisions as to Offences Affecting the Administration of Justiceपहले CRPC 343
धारा 382 · मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने की प्रक्रिया।
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(1) जिस मजिस्ट्रेट को धारा 379 या धारा 380 के तहत शिकायत की जाती है, वह अध्याय सोलह में किसी बात के होते हुए भी, मामले से यथासंभव इस प्रकार निपटेगा मानो वह पुलिस रिपोर्ट पर दर्ज किया गया हो।
(2) यदि ऐसे मजिस्ट्रेट या किसी अन्य मजिस्ट्रेट, जिसे मामला स्थानांतरित किया गया हो, के संज्ञान में यह लाया जाता है कि उस न्यायिक कार्यवाही में लिए गए निर्णय के विरुद्ध अपील लंबित है जिससे मामला उत्पन्न हुआ है, तो वह उचित समझे तो किसी भी स्तर पर मामले की सुनवाई को तब तक स्थगित कर सकता है जब तक कि ऐसी अपील का निर्णय न हो जाए।
(2) यदि ऐसे मजिस्ट्रेट या किसी अन्य मजिस्ट्रेट, जिसे मामला स्थानांतरित किया गया हो, के संज्ञान में यह लाया जाता है कि उस न्यायिक कार्यवाही में लिए गए निर्णय के विरुद्ध अपील लंबित है जिससे मामला उत्पन्न हुआ है, तो वह उचित समझे तो किसी भी स्तर पर मामले की सुनवाई को तब तक स्थगित कर सकता है जब तक कि ऐसी अपील का निर्णय न हो जाए।
पुराने कानून में
BNSS 382CRPC 343
343. Procedure of Magistrate taking cognizance.
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