धारा 103 · बंद स्थानों के प्रभारी व्यक्तियों को तलाशी की अनुमति देनी होगी।
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(1) जब भी इस अध्याय के अधीन तलाशी या निरीक्षण के योग्य कोई स्थान बंद हो, तो ऐसे स्थान में रहने वाला या उसका प्रभारी कोई भी व्यक्ति, वारंट निष्पादित करने वाले अधिकारी या अन्य व्यक्ति की मांग पर और वारंट प्रस्तुत करने पर, उसे उसमें स्वतंत्र रूप से प्रवेश करने देगा और उसमें तलाशी के लिए सभी उचित सुविधाएं प्रदान करेगा।
(2) यदि ऐसे स्थान में प्रवेश इस प्रकार प्राप्त न किया जा सके, तो वारंट निष्पादित करने वाला अधिकारी या अन्य व्यक्ति धारा 44 की उपधारा (2) में दिए गए तरीके से कार्यवाही कर सकता है।
(3) यदि ऐसे स्थान में या उसके आसपास किसी व्यक्ति पर यह संदेह हो कि वह अपने शरीर में कोई ऐसी वस्तु छिपा रहा है जिसकी तलाशी ली जानी चाहिए, तो ऐसे व्यक्ति की तलाशी ली जा सकती है और यदि वह व्यक्ति महिला है, तो तलाशी किसी अन्य महिला द्वारा शालीनता का कड़ाई से ध्यान रखते हुए की जाएगी।
(4) इस अध्याय के अंतर्गत तलाशी लेने से पहले, तलाशी लेने वाला अधिकारी या अन्य व्यक्ति उस इलाके के दो या दो से अधिक स्वतंत्र और सम्मानित निवासियों को बुलाएगा, जिसमें तलाशी का स्थान स्थित है, या यदि उक्त इलाके का कोई भी निवासी उपलब्ध नहीं है या तलाशी का गवाह बनने को इच्छुक नहीं है, तो उन्हें तलाशी में उपस्थित होने और देखने के लिए बुलाएगा, और उन्हें या उनमें से किसी को ऐसा करने के लिए लिखित आदेश जारी कर सकता है।
(5) तलाशी उनकी उपस्थिति में की जाएगी, और ऐसी तलाशी के दौरान जब्त की गई सभी वस्तुओं और उनके मिलने के स्थानों की सूची ऐसे अधिकारी या अन्य व्यक्ति द्वारा तैयार की जाएगी और ऐसे गवाहों द्वारा हस्ताक्षरित की जाएगी; लेकिन इस धारा के तहत तलाशी के साक्षी के रूप में किसी भी व्यक्ति को अदालत में उपस्थित होने के लिए तब तक बाध्य नहीं किया जाएगा जब तक कि अदालत द्वारा विशेष रूप से उसे समन न किया जाए।
(6) तलाशी लिए गए स्थान के अधिवासी या उसकी ओर से किसी व्यक्ति को हर मामले में तलाशी के दौरान उपस्थित रहने की अनुमति दी जाएगी, और इस धारा के तहत तैयार की गई सूची की एक प्रति, उक्त गवाहों द्वारा हस्ताक्षरित, ऐसे अधिवासी या व्यक्ति को दी जाएगी।
(7) जब उपधारा (3) के अंतर्गत किसी व्यक्ति की तलाशी ली जाए, तो कब्जे में ली गई सभी वस्तुओं की एक सूची तैयार की जाएगी, और उसकी एक प्रति ऐसे व्यक्ति को दी जाएगी।
(8) कोई भी व्यक्ति जो उचित कारण के बिना, इस धारा के तहत किसी तलाशी में उपस्थित होने और गवाह बनने से इनकार करता है या उपेक्षा करता है, जब उसे लिखित आदेश द्वारा ऐसा करने के लिए कहा जाता है, जो उसे दिया गया हो या प्रस्तुत किया गया हो, तो उसे भारतीय न्याय संहिता, 2023 (45 ऑफ 2023) की धारा 222 के तहत अपराध करने वाला माना जाएगा।
(2) यदि ऐसे स्थान में प्रवेश इस प्रकार प्राप्त न किया जा सके, तो वारंट निष्पादित करने वाला अधिकारी या अन्य व्यक्ति धारा 44 की उपधारा (2) में दिए गए तरीके से कार्यवाही कर सकता है।
(3) यदि ऐसे स्थान में या उसके आसपास किसी व्यक्ति पर यह संदेह हो कि वह अपने शरीर में कोई ऐसी वस्तु छिपा रहा है जिसकी तलाशी ली जानी चाहिए, तो ऐसे व्यक्ति की तलाशी ली जा सकती है और यदि वह व्यक्ति महिला है, तो तलाशी किसी अन्य महिला द्वारा शालीनता का कड़ाई से ध्यान रखते हुए की जाएगी।
(4) इस अध्याय के अंतर्गत तलाशी लेने से पहले, तलाशी लेने वाला अधिकारी या अन्य व्यक्ति उस इलाके के दो या दो से अधिक स्वतंत्र और सम्मानित निवासियों को बुलाएगा, जिसमें तलाशी का स्थान स्थित है, या यदि उक्त इलाके का कोई भी निवासी उपलब्ध नहीं है या तलाशी का गवाह बनने को इच्छुक नहीं है, तो उन्हें तलाशी में उपस्थित होने और देखने के लिए बुलाएगा, और उन्हें या उनमें से किसी को ऐसा करने के लिए लिखित आदेश जारी कर सकता है।
(5) तलाशी उनकी उपस्थिति में की जाएगी, और ऐसी तलाशी के दौरान जब्त की गई सभी वस्तुओं और उनके मिलने के स्थानों की सूची ऐसे अधिकारी या अन्य व्यक्ति द्वारा तैयार की जाएगी और ऐसे गवाहों द्वारा हस्ताक्षरित की जाएगी; लेकिन इस धारा के तहत तलाशी के साक्षी के रूप में किसी भी व्यक्ति को अदालत में उपस्थित होने के लिए तब तक बाध्य नहीं किया जाएगा जब तक कि अदालत द्वारा विशेष रूप से उसे समन न किया जाए।
(6) तलाशी लिए गए स्थान के अधिवासी या उसकी ओर से किसी व्यक्ति को हर मामले में तलाशी के दौरान उपस्थित रहने की अनुमति दी जाएगी, और इस धारा के तहत तैयार की गई सूची की एक प्रति, उक्त गवाहों द्वारा हस्ताक्षरित, ऐसे अधिवासी या व्यक्ति को दी जाएगी।
(7) जब उपधारा (3) के अंतर्गत किसी व्यक्ति की तलाशी ली जाए, तो कब्जे में ली गई सभी वस्तुओं की एक सूची तैयार की जाएगी, और उसकी एक प्रति ऐसे व्यक्ति को दी जाएगी।
(8) कोई भी व्यक्ति जो उचित कारण के बिना, इस धारा के तहत किसी तलाशी में उपस्थित होने और गवाह बनने से इनकार करता है या उपेक्षा करता है, जब उसे लिखित आदेश द्वारा ऐसा करने के लिए कहा जाता है, जो उसे दिया गया हो या प्रस्तुत किया गया हो, तो उसे भारतीय न्याय संहिता, 2023 (45 ऑफ 2023) की धारा 222 के तहत अपराध करने वाला माना जाएगा।
पुराने कानून में
BNSS 103CRPC 100
100.Persons in charge of closed place to allow search.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
