धारा 440 · सत्र न्यायाधीश की पुनरीक्षण शक्तियां।
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(1) किसी भी कार्यवाही के मामले में जिसका अभिलेख स्वयं द्वारा मंगवाया गया हो, सत्र न्यायाधीश उन सभी या किसी भी शक्तियों का प्रयोग कर सकता है जिनका प्रयोग उच्च न्यायालय धारा 442 की उपधारा (1) के अधीन कर सकता है।
(2) जहाँ उपधारा (1) के अधीन सत्र न्यायाधीश के समक्ष पुनरीक्षण के माध्यम से कोई कार्यवाही प्रारंभ की जाती है, वहाँ धारा 442 की उपधारा (2), (3), (4) और (5) के प्रावधान, जहाँ तक संभव हो, ऐसी कार्यवाही पर लागू होंगे और उक्त उपधाराओं में उच्च न्यायालय के संदर्भों को सत्र न्यायाधीश के संदर्भों के रूप में समझा जाएगा।
(3) यदि सत्र न्यायाधीश के समक्ष किसी व्यक्ति द्वारा या उसकी ओर से पुनरीक्षण हेतु कोई आवेदन किया जाता है, तो उस व्यक्ति के संबंध में सत्र न्यायाधीश का निर्णय अंतिम होगा और उच्च न्यायालय या किसी अन्य न्यायालय द्वारा उस व्यक्ति की ओर से पुनरीक्षण हेतु कोई और कार्यवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
(2) जहाँ उपधारा (1) के अधीन सत्र न्यायाधीश के समक्ष पुनरीक्षण के माध्यम से कोई कार्यवाही प्रारंभ की जाती है, वहाँ धारा 442 की उपधारा (2), (3), (4) और (5) के प्रावधान, जहाँ तक संभव हो, ऐसी कार्यवाही पर लागू होंगे और उक्त उपधाराओं में उच्च न्यायालय के संदर्भों को सत्र न्यायाधीश के संदर्भों के रूप में समझा जाएगा।
(3) यदि सत्र न्यायाधीश के समक्ष किसी व्यक्ति द्वारा या उसकी ओर से पुनरीक्षण हेतु कोई आवेदन किया जाता है, तो उस व्यक्ति के संबंध में सत्र न्यायाधीश का निर्णय अंतिम होगा और उच्च न्यायालय या किसी अन्य न्यायालय द्वारा उस व्यक्ति की ओर से पुनरीक्षण हेतु कोई और कार्यवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पुराने कानून में
BNSS 440CRPC 399
399. Sessions Judge's powers of revision.
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