धारा 399 · निराधार गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को मुआवजा।
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(1) जब भी कोई व्यक्ति किसी पुलिस अधिकारी को किसी अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए प्रेरित करता है, यदि मामले की सुनवाई करने वाले मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत होता है कि ऐसी गिरफ्तारी करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं था, तो मजिस्ट्रेट गिरफ्तारी करने वाले व्यक्ति द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति को उसके समय और व्यय की हानि के लिए एक हजार रुपये से अधिक का मुआवजा नहीं दे सकता है, जैसा मजिस्ट्रेट उचित समझे।
(2) ऐसे मामलों में, यदि एक से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जाता है, तो मजिस्ट्रेट उसी प्रकार उनमें से प्रत्येक को एक हजार रुपये से अधिक का मुआवजा नहीं देगा, जैसा कि मजिस्ट्रेट उचित समझे।
(3) इस धारा के अधीन दिया गया सभी मुआवजा जुर्माना मानकर वसूल किया जा सकता है, और यदि इसे इस प्रकार वसूल नहीं किया जा सकता है, तो जिस व्यक्ति द्वारा यह देय है, उसे मजिस्ट्रेट द्वारा निर्देशित तीस दिनों से अधिक की अवधि के लिए साधारण कारावास की सजा दी जाएगी, जब तक कि ऐसी राशि का भुगतान पहले ही न कर दिया जाए।
(2) ऐसे मामलों में, यदि एक से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जाता है, तो मजिस्ट्रेट उसी प्रकार उनमें से प्रत्येक को एक हजार रुपये से अधिक का मुआवजा नहीं देगा, जैसा कि मजिस्ट्रेट उचित समझे।
(3) इस धारा के अधीन दिया गया सभी मुआवजा जुर्माना मानकर वसूल किया जा सकता है, और यदि इसे इस प्रकार वसूल नहीं किया जा सकता है, तो जिस व्यक्ति द्वारा यह देय है, उसे मजिस्ट्रेट द्वारा निर्देशित तीस दिनों से अधिक की अवधि के लिए साधारण कारावास की सजा दी जाएगी, जब तक कि ऐसी राशि का भुगतान पहले ही न कर दिया जाए।
पुराने कानून में
BNSS 399CRPC 358
358. Compensation to persons groundlessly arrested.
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