धारा 268 · जब आरोपी को बरी कर दिया जाएगा।
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(1) यदि धारा 267 में निर्दिष्ट सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद, मजिस्ट्रेट, दर्ज किए जाने वाले कारणों से, यह मानता है कि अभियुक्त के विरुद्ध कोई मामला नहीं बनता है, जो कि खंडन न होने पर उसकी दोषसिद्धि को उचित ठहराएगा, तो मजिस्ट्रेट उसे बरी कर देगा।
(2) इस धारा में ऐसा कुछ भी नहीं माना जाएगा जिससे मजिस्ट्रेट को मामले के किसी भी पूर्व चरण में आरोपी को बरी करने से रोका जा सके, यदि मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किए जाने वाले कारणों से वह आरोप को निराधार मानता है।
(2) इस धारा में ऐसा कुछ भी नहीं माना जाएगा जिससे मजिस्ट्रेट को मामले के किसी भी पूर्व चरण में आरोपी को बरी करने से रोका जा सके, यदि मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किए जाने वाले कारणों से वह आरोप को निराधार मानता है।
पुराने कानून में
BNSS 268CRPC 245
245. When accused shall be discharged.
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