धारा 186 · जब पुलिस स्टेशन का प्रभारी अधिकारी किसी अन्य अधिकारी से तलाशी वारंट जारी करने की मांग कर सकता है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी पुलिस स्टेशन का प्रभारी अधिकारी या उप-निरीक्षक से कम रैंक का कोई पुलिस अधिकारी जो जांच कर रहा हो, वह किसी अन्य पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी से, चाहे वह उसी जिले में हो या किसी भिन्न जिले में, किसी भी स्थान पर तलाशी करवाने का आदेश दे सकता है, ऐसे किसी भी मामले में जिसमें पूर्व अधिकारी अपने स्टेशन की सीमा के भीतर ऐसी तलाशी करवा सकता था।
(2) ऐसा अधिकारी, जब ऐसा करने के लिए कहा जाए, तो धारा 185 के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही करेगा और यदि कोई वस्तु पाई जाती है, तो उसे उस अधिकारी को भेजेगा जिसके अनुरोध पर तलाशी ली गई थी।
(3) जब भी यह मानने का कारण हो कि उपधारा (1) के तहत किसी अन्य पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को तलाशी कराने के लिए कहने से हुई देरी के परिणामस्वरूप किसी अपराध के घटित होने के साक्ष्य को छिपाया या नष्ट किया जा सकता है, तो किसी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी या इस अध्याय के तहत कोई जांच करने वाले पुलिस अधिकारी के लिए धारा 185 के प्रावधानों के अनुसार किसी अन्य पुलिस स्टेशन की सीमा में किसी स्थान की तलाशी लेना या करवाना वैध होगा, मानो वह स्थान उसके अपने पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर हो।
(4) उपधारा (3) के तहत तलाशी लेने वाला कोई अधिकारी, तलाशी की सूचना तुरंत उस पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को भेजेगा जिसकी सीमा के भीतर ऐसा स्थान स्थित है, और ऐसी सूचना के साथ धारा 103 के तहत तैयार की गई सूची (यदि कोई हो) की एक प्रति भी भेजेगा, और अपराध का संज्ञान लेने के लिए अधिकृत निकटतम मजिस्ट्रेट को धारा 185 की उपधारा (1) और (3) में निर्दिष्ट अभिलेखों की प्रतियां भी भेजेगा।
(5) तलाशी लिए गए स्थान के स्वामी या अधिभोगी को आवेदन करने पर उपधारा (4) के अधीन मजिस्ट्रेट को भेजे गए किसी भी अभिलेख की प्रति नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
(2) ऐसा अधिकारी, जब ऐसा करने के लिए कहा जाए, तो धारा 185 के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही करेगा और यदि कोई वस्तु पाई जाती है, तो उसे उस अधिकारी को भेजेगा जिसके अनुरोध पर तलाशी ली गई थी।
(3) जब भी यह मानने का कारण हो कि उपधारा (1) के तहत किसी अन्य पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को तलाशी कराने के लिए कहने से हुई देरी के परिणामस्वरूप किसी अपराध के घटित होने के साक्ष्य को छिपाया या नष्ट किया जा सकता है, तो किसी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी या इस अध्याय के तहत कोई जांच करने वाले पुलिस अधिकारी के लिए धारा 185 के प्रावधानों के अनुसार किसी अन्य पुलिस स्टेशन की सीमा में किसी स्थान की तलाशी लेना या करवाना वैध होगा, मानो वह स्थान उसके अपने पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर हो।
(4) उपधारा (3) के तहत तलाशी लेने वाला कोई अधिकारी, तलाशी की सूचना तुरंत उस पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को भेजेगा जिसकी सीमा के भीतर ऐसा स्थान स्थित है, और ऐसी सूचना के साथ धारा 103 के तहत तैयार की गई सूची (यदि कोई हो) की एक प्रति भी भेजेगा, और अपराध का संज्ञान लेने के लिए अधिकृत निकटतम मजिस्ट्रेट को धारा 185 की उपधारा (1) और (3) में निर्दिष्ट अभिलेखों की प्रतियां भी भेजेगा।
(5) तलाशी लिए गए स्थान के स्वामी या अधिभोगी को आवेदन करने पर उपधारा (4) के अधीन मजिस्ट्रेट को भेजे गए किसी भी अभिलेख की प्रति नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
पुराने कानून में
BNSS 186CRPC 166
166.When officer in charge of police station may require another to issue search- warrant.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
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