धारा 8 · सत्र न्यायालय।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राज्य सरकार प्रत्येक सत्र मंडल के लिए एक सत्र न्यायालय की स्थापना करेगी।
(2) प्रत्येक सत्र न्यायालय की अध्यक्षता एक न्यायाधीश द्वारा की जाएगी, जिसकी नियुक्ति उच्च न्यायालय द्वारा की जाएगी।
(3) उच्च न्यायालय सत्र न्यायालय में अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों की नियुक्ति भी कर सकता है।
(4) एक सत्र मंडल के सत्र न्यायाधीश को उच्च न्यायालय द्वारा दूसरे मंडल का अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भी नियुक्त किया जा सकता है, और ऐसे मामले में, वह दूसरे मंडल में ऐसे स्थान या स्थानों पर मामलों के निपटारे के लिए बैठ सकता है जैसा कि उच्च न्यायालय निर्देशित करे।
(5) जहाँ सत्र न्यायाधीश का पद रिक्त हो, वहाँ उच्च न्यायालय सत्र न्यायालय के समक्ष लंबित किसी भी तत्काल आवेदन के निपटान के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा, या यदि कोई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश न हो, तो सत्र प्रभाग में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा व्यवस्था कर सकता है; और ऐसे प्रत्येक न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट को ऐसे किसी भी आवेदन पर विचार करने का अधिकार होगा।
(6) सत्र न्यायालय सामान्यतः ऐसे स्थान या स्थानों पर अपनी बैठक आयोजित करेगा, जैसा कि उच्च न्यायालय अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट करे; परन्तु यदि किसी विशेष मामले में सत्र न्यायालय की राय हो कि सत्र मंडल में किसी अन्य स्थान पर बैठक आयोजित करना पक्षकारों और गवाहों की सामान्य सुविधा के लिए अधिक उपयुक्त होगा, तो वह अभियोजन पक्ष और अभियुक्त की सहमति से उस स्थान पर मामले के निपटारे या उसमें किसी गवाह या गवाहों की परीक्षा के लिए बैठक कर सकता है।
(7) सत्र न्यायाधीश समय-समय पर इस संहिता के अनुरूप आदेश दे सकता है, ऐसे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों के बीच कार्य वितरण के संबंध में।
(8) सत्र न्यायाधीश अपनी अनुपस्थिति या कार्य करने में असमर्थता की स्थिति में किसी भी तत्काल आवेदन के निपटान के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा, या अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश न होने की स्थिति में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा, प्रावधान कर सकता है, और ऐसे न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट को ऐसे किसी भी आवेदन पर विचार करने का अधिकार प्राप्त होगा।
स्पष्टीकरण। ---इस संहिता के प्रयोजनों के लिए, नियुक्ति में सरकार द्वारा किसी व्यक्ति की किसी सेवा या संघ या राज्य के मामलों से संबंधित किसी पद पर पहली नियुक्ति, पदस्थापन या पदोन्नति शामिल नहीं है, जहां किसी कानून के तहत ऐसी नियुक्ति, पदस्थापन या पदोन्नति सरकार द्वारा की जानी आवश्यक है।
(2) प्रत्येक सत्र न्यायालय की अध्यक्षता एक न्यायाधीश द्वारा की जाएगी, जिसकी नियुक्ति उच्च न्यायालय द्वारा की जाएगी।
(3) उच्च न्यायालय सत्र न्यायालय में अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों की नियुक्ति भी कर सकता है।
(4) एक सत्र मंडल के सत्र न्यायाधीश को उच्च न्यायालय द्वारा दूसरे मंडल का अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भी नियुक्त किया जा सकता है, और ऐसे मामले में, वह दूसरे मंडल में ऐसे स्थान या स्थानों पर मामलों के निपटारे के लिए बैठ सकता है जैसा कि उच्च न्यायालय निर्देशित करे।
(5) जहाँ सत्र न्यायाधीश का पद रिक्त हो, वहाँ उच्च न्यायालय सत्र न्यायालय के समक्ष लंबित किसी भी तत्काल आवेदन के निपटान के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा, या यदि कोई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश न हो, तो सत्र प्रभाग में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा व्यवस्था कर सकता है; और ऐसे प्रत्येक न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट को ऐसे किसी भी आवेदन पर विचार करने का अधिकार होगा।
(6) सत्र न्यायालय सामान्यतः ऐसे स्थान या स्थानों पर अपनी बैठक आयोजित करेगा, जैसा कि उच्च न्यायालय अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट करे; परन्तु यदि किसी विशेष मामले में सत्र न्यायालय की राय हो कि सत्र मंडल में किसी अन्य स्थान पर बैठक आयोजित करना पक्षकारों और गवाहों की सामान्य सुविधा के लिए अधिक उपयुक्त होगा, तो वह अभियोजन पक्ष और अभियुक्त की सहमति से उस स्थान पर मामले के निपटारे या उसमें किसी गवाह या गवाहों की परीक्षा के लिए बैठक कर सकता है।
(7) सत्र न्यायाधीश समय-समय पर इस संहिता के अनुरूप आदेश दे सकता है, ऐसे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों के बीच कार्य वितरण के संबंध में।
(8) सत्र न्यायाधीश अपनी अनुपस्थिति या कार्य करने में असमर्थता की स्थिति में किसी भी तत्काल आवेदन के निपटान के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा, या अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश न होने की स्थिति में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा, प्रावधान कर सकता है, और ऐसे न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट को ऐसे किसी भी आवेदन पर विचार करने का अधिकार प्राप्त होगा।
स्पष्टीकरण। ---इस संहिता के प्रयोजनों के लिए, नियुक्ति में सरकार द्वारा किसी व्यक्ति की किसी सेवा या संघ या राज्य के मामलों से संबंधित किसी पद पर पहली नियुक्ति, पदस्थापन या पदोन्नति शामिल नहीं है, जहां किसी कानून के तहत ऐसी नियुक्ति, पदस्थापन या पदोन्नति सरकार द्वारा की जानी आवश्यक है।
पुराने कानून में
BNSS 8CRPC 9
9. Court of Session
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